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एस्मा के बावजूद लेखपालों की हड़ताल जारी, कन्नौज में भी 22 सस्पेंड
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News18 Uttar Pradesh
Updated: December 18, 2019, 5:04 PM IST
एस्मा के बावजूद लेखपालों की हड़ताल जारी, कन्नौज में भी 22 सस्पेंड
कन्नौज में हड़ताल पर बैठे लेखपाल

विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ (Uttar Pradesh Lekhpal Association) के बैनर तले बीते 10 दिसंबर से लेखपाल कार्य बहिष्कार (Work boycott) पर हैं. शुक्रवार को शासन द्वारा एस्मा (Esma) लागू करने के बावजूद भी लेखपालों ने अपना आंदोलन (protest) जारी रखा है. अब प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में है....

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लखनऊ/ कन्नौज. उत्तर प्रदेश में 10 दिसंबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल हड़ताल (strike of lekhpal) पर हैं. लेखपालों की हड़ताल को खत्म करवाना राज्य सरकार (Government of Uttar Pradesh) के लिए चुनौती बनने के बाद सरकार ने एस्मा (Esma) (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लागू कर दिया बावजूद इसके लेखपालों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा.

सर्विस ब्रेक
मंगलवार से सरकार ने लेखपालों के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी (Suspension and dismissal) की कार्रवाई शुरू कर दी. बुधवार को कन्नौज डीएम ने भी लेखपाल संघ (Lekhpal Union) के जिलाध्यक्ष समेत 22 लेखपालों को सस्पेंड कर दिया और जनपद के सभी लेखपालों की सर्विस ब्रेक (service brake) करने की कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं. वहीं मंगलवार को लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष को बर्खास्त करने की कार्रवाई समेत आगरा, मैनपुरी और एटा जिले के 45 लेखपालों को भी निलंबित किया गया.

गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ (Uttar Pradesh Lekhpal Association) के बैनर तले बीते 10 दिसंबर से लेखपाल कार्य बहिष्कार पर हैं. शुक्रवार को शासन द्वारा एस्मा लागू करने के बावजूद भी लेखपालों ने अपना आंदोलन जारी रखा. इसे देखते हुए अब प्रदेश भर के जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. इसी क्रम में कन्नौज में भी आंदोलित लेखपालों पर प्रशासन सख्त कार्यवाही करने का मन बना चुका है. यहां डीएम के निर्देश पर 22 लेखपालों को सस्पेंड कर दिया गया है. डीएम रवींद्र कुमार के मुताबिक सभी आंदोलित लेखपालों को ब्रेक सर्विस का नोटिस भी दिया गया है. लेकिन लेखपाल संघ अभी भी अपनी मांगें मनवाने पर अड़ा हुआ है.



क्रमिक अनशन पर लेखपाल
कड़ी कार्रवाई के बाद भी आंदोलनकारी लेखपाल अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं. संघ का कहना है कि 12 जनवरी तक क्रमिक अनशन किया जाएगा. उसके बाद जिला और प्रदेश स्तरीय आंदोलन चलाया जाएगा. लेखपाल संघ का कहना है कि पिछले चार साल से उनकी मांगों पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. दूसरी तरफ अब शासन व प्रशासन भी आंदोलित लेखपालों पर सख्त कार्रवाई का मन बना चुके हैं. एस्मा लगने के बाद आंदोलित लेखपालों को पुलिस की मदद से मंगलवार को जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाया गया था. लेखपालों की पुलिस से जमकर नोंक-झोंक भी हुई थी.

मांगे मनवाने पर अड़े लेखपालों के आंदोलन को कुचलने के लिए अब उन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. डीएम के निर्देश पर 22 लेखपालों को सस्पेंड करने के बाद अब उन्हें ब्रेक सर्विस का नोटिस थमा दिया गया है. डीएम रवींद्र कुमार का कहना है कि अगर अब भी लेखपाल काम पर वापस नहीं आए तो सबकी सेवाएं रोक दी जाएंगी. बीते 10 दिसंबर से प्रदेश की तहसीलों के सभी काम ठप पड़े हुए हैं जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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First published: December 18, 2019, 5:04 PM IST
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