कन्नौजः कौशल विकास योजना के तहत इत्र उद्योग से युवाओं को जोड़ने की कवायद

कन्नौज के सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र पर 5 दिन चले प्रशिक्षण में यूपी के अलावा उत्तराखण्ड, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, दिल्ली, महाराष्ट्र और असम के 28 उद्यमियों ने हिस्सा लिया

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 11, 2018, 11:19 PM IST
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Updated: August 11, 2018, 11:19 PM IST
कन्नौज जिले में एफएफडीसी ने देश में बढ़ रहे खुशबू के बाजार में देशी इत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई कोशिशें शुरू कर दी है. एफएफडीसी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत देश के कई राज्यों के उद्यमियों को खुशबु से जुड़े उद्योग सिखाने की तैयारी कर रही है. उक्त कोशिश कन्नौज के इत्र कारोबार को पूरे देश तक पहुंचाने की है, क्योंकि देशी और हर्बल उत्पादों की मांग हाई लेवल पर लगातार बढ़ रही है.

एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि भारत दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में गिना जाता है, जहां प्राकृतिक तरीके से निर्मित देशी इत्र में बहुत सम्भावनाएं है. उन्होंने बताया कि खुशबू से जुड़े उद्योगों की जानकारी देने के लिए केंद्र ने नए उद्यमियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया गया.

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रिपोर्ट के मुताबिक कन्नौज के सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र पर 5 दिन चले प्रशिक्षण में यूपी के अलावा उत्तराखण्ड, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, दिल्ली, महाराष्ट्र और असम के 28 उद्यमियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से कुछ उद्यमी ऐसे थे जो इत्र और सिंथेटिक इत्र का कारोबार करना चाहते थे जबकि कुछ ऐसे उद्यमी थे जो अगरबत्ती, धूपबत्ती का काम शुरू करना चाहते थे. वहीं शेष उद्यमी कॉस्मेटिक और फ्लेवर की जानकारी लेने के मकसद से प्रशिक्षण ले रहे थे.

एफएफडीसी के वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को खाने और लगाने वाले इत्र निर्माण के बेसिक और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि एफएफडीसी में उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत किया गया है, जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाना है.

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पीडी ने बताया कि इस बार प्रशिक्षण दो लेवल पर दिया जा रहा है. प्रथम लेवल के बाद प्रशिक्षणार्थियों को दूसरे लेवल में और ज्यादा नई व एडवांस तकनीकी सिखाई जाएगी, जिसकी मदद से उद्यमी उपभोक्ताओं को और बेहतर खुशबू और बेहतर प्रोडक्ट उपलब्ध करा सकेंगे.

गौरतलब  है पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा देशी इत्र का निर्माण कन्नौज में होता है जब कोई उद्यमी अपने प्रोडक्ट में देशी इत्र मिलाएगा तो यहां के पारम्परिक इत्र उद्योग को देश के अंदर ही कई नया बाजार मिल जाएगा.

(रिपोर्ट-लोकेश दूबे, कन्नौज)
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