प्रिंसिपल ने फीस के लिए अनाथ बच्चे को बनाया बंधक, केस दर्ज

बच्चे का पिता न होने के कारण स्कूल संचालक ने उसे दस हजार रुपए में पढ़ाने और रहने कि स्वीकृती दे दी थी.

News18Hindi
Updated: April 3, 2018, 11:42 PM IST
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कन्नौज में एक आवासीय विद्यालय के प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने अतिरिक्त फीस की मांग करते हुए एक अनाथ बच्चे को बंधक बना लिया. बच्चे के संरक्षक ने पहले चौकी पुलिस से बच्चे को छुड़ाने की गुहार लगाई. लेकिन जब पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की तो पीड़ित ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी से फरियाद की. डीएम ने पुलिस को बच्चा छुड़ाने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने डीआइओएस से स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखा है.

दरअसल कन्नौज के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के बद्धपुरवा गांव के श्रीकृष्ण ने अपने 11 वर्षीय भतीजे आकाश का एडमिशन गांव से कुछ दूर स्थित उमर्दा कस्बे में चल रहे एक निजी आवासीय विद्यालय में करवाया था. बच्चे का पिता न होने के कारण स्कूल संचालक ने उसे दस हजार रुपए में पढ़ाने और रहने कि स्वीकृती दे दी थी. दस हजार रुपए आकाश के ताऊ ने एडमिशन के साथ ही स्कूल में जमा भी करवा दिए. फाइनल परीक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने भतीजे को लेने के लिए अपने बेटे को भेजा.

उसने स्कूल प्रिंसिपल से आकाश को ले जाने के लिए कहा तो प्रिंसिपल ने फीस बकाया होने की बात कहकर बच्चे को जाने से रोक दिया. जब यह बात श्रीकृष्ण को पता चली तो उन्होंने स्कूल संचालक सुरजीत यादव से बात की. श्रीकृष्ण का आरोप है कि सुरजीत ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बच्चे को फीस न जमा करने तक बंधक बनाने की धमकी दी और उसे वहां से भगा दिया

स्कूल से भगाए जाने के बाद श्रीकृष्ण अपनी फरियाद लेकर चौकी पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की. पुलिस के सुनवाई नहीं करने के चलते पीड़ित ने न्याय के लिए जनता दरबार का दरवाजा खटखटाया और डीएम रविन्द्र कुमार से बच्चा छुड़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया. डीएम ने पूरे मामले को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस को बच्चा छुड़ाने और बंधक बनाने वाले संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

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