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Nirbhaya Case: फांसी के बाद कानपुर में निकली 5 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा
Kanpur News in Hindi

Amit Ganjoo | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 20, 2020, 9:51 AM IST
Nirbhaya Case: फांसी के बाद कानपुर में निकली 5 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा
निर्भया केस में फांसी के बाद कानपुर में सुबह-सुबह तिरंगा यात्रा निकाल जश्न मनाते लोग.

जश्न मे शामिल होने वाली अनुराधा गुप्ता ने बताया कि वो निर्भया की रिश्तेदार तो नहीं थीं और न ही उसके परिवार की थीं मगर पिछले सात वर्षो से वह भी फैसले का इंतजार कर रही थीं. इसलिये वो पांच किलोमीटर लम्बी इस तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं. आज इंसाफ की जीत हुई.

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कानपुर. निर्भया (Nirbhaya) के गुनहगारों को आखिरकार तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया. भले ही निर्भया आज हमारे बीच में नहीं है मगर उसकी यादें आज भी हमारे बीच मे बनी हुई है. वह दिन आज भी देशवासी भूल नहीं पाए हैं. यही वजह है कि जैसे ही निर्भया के आरोपियों को फांसी की सजा दी गई, देश भर में जश्न का माहौल देखने को मिला. कानपुर (Kanpur) के किदवई नगर वाई ब्लॉक में सामाजिक संगठन के लोग तिरंगा यात्रा लेकर गली-गली घूमे. उन्होंने लोगों को मिठाईयां खिलाकर खुशी का इजहार किया.

सामाजिक संस्था से जुड़े ज्ञानेश मिश्रा का कहना है कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा क्योंकि तमाम कानूनी दांव पेंच के बाद आखिरकार आरोपी को फांसी पर लटका ही दिया गया. और वह होली, दिवाली, दशहरा सभी एक साथ मना रहे हैं. उनका कहना है कि जिस प्रकार से पिछले कई महीनों से चारों आरोपी लगातार बचने का प्रयास कर रहे थे. कानून के दांव-पेंच कर रहे थे, ऐसे में वह मांग कर रहे हैं कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट कुछ इस तरह के कानून लाएं ताकि इस तरह के आरोपियों को तत्काल फांसी की सजा दी जा सके.

समाजसेवी वर्षा मिश्रा का कहना है कि आज उन्हें काफी गर्व महसूस हो रहा है कि निर्भया के आरोपियों को फांसी हुई मगर वह सरकार से मांग कर रही हैं कि भविष्य मे जिस तरह से पिछले 7 वर्षों से निर्भया के मां-बाप इंसाफ का इंतजार करते रहे. आने वाले समय में ऐसा कानून बनाया जाए ताकि इस तरह के मामले में तत्काल सुनवाई हो और बार-बार अपीलिंग का मौका भी ना दिया जाए. कानपुर में मने जश्न मे आज लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा निकाली, मिठाई, खिलाई, आतिशबाजी की और खुशी का इजहार किया.



जश्न मे शामिल होने वाली अनुराधा गुप्ता ने बताया कि वो निर्भया की रिश्तेदार तो नहीं थीं और न ही उसके परिवार की थीं मगर पिछले सात वर्षो से वह भी फैसले का इंतजार कर रही थीं. इसलिये वो पांच किलोमीटर लम्बी इस तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं. आज इंसाफ की जीत हुई.



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First published: March 20, 2020, 9:51 AM IST
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