बांदा हादसे पर बेतुका बयान Video: मकान नहीं था जर्जर, यह है दैवीय आपदा

बांदा में अरतरा तहसील के कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में बुधवार रात हुए एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई है. वहीं, दूसरी तरफ जर्जर मकान गिरने के बाद अरतरा नगर पालिका चेयरमैन के पति व पूर्व पूर्व चेयरमैन ने मौतों पर बेतुकी बयानबाजी ने पीड़ित परिवार के लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.

Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 13, 2015, 4:25 PM IST
Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 13, 2015, 4:25 PM IST
बांदा में अरतरा तहसील के कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में बुधवार रात हुए एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई है. वहीं, दूसरी तरफ जर्जर मकान गिरने के बाद अरतरा नगर पालिका चेयरमैन के पति व पूर्व पूर्व चेयरमैन ने मौतों पर बेतुकी बयानबाजी ने पीड़ित परिवार के लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.

इस जर्जर मकान गिरने से हुई नौ लोगों की मौत के बाद एक तरफ कस्बे में कोहराम मचा हुआ है. इस भीषण हादसे में अपनी मां, बहन, दादी, भाई समेत नौ लोगों को हमेशा के लिए खो चुकी मासूम के आंसू रुकने का नाम नही ले रहे हैं. उधर, पालिका के पूर्व चेयरमैन कल्लूराम जाटव ने कहा है कि मकान जर्जर हालत में था ही नहीं, बल्कि यह दैविय आपदा है. इतना ही नही चेयरमैन पति ने यहां तक कह डाला कि मकान आज भी मजबूत स्थित में हैं.

सपा समर्थित चेयरमैन पति की इस बेतुकी बयानबाजी से मौके पर मौजूद सपा पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ता और पदाधिकारी आश्चर्य में पड़ गए.

एक ही परिवार के ऊपर जर्जर मकान का मलवा गिर गया, जिसके चलते नौ लोगों की मौत हो गई. इसके बावजूद इसके नगर पालिका के चेयरमैन पति कल्लूराम जाटव जर्जर मकान की जमकर तरफदारी कर रहे हैं.

वहीं दूसरी तरफ मोहल्ले के रहने वाले लोगों का कहना है कि मकान पूरी तरह से जर्जर हालत में था. कई बार मकान के मालिक से भी मकान को गिरवाने को कहा गया, लेकिन लेकिन मकान मालिक ने मोहल्ले के लोगों की बातों को दरकिनार कर दिया.

इस घटना के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश की वजह से दीवार कमजोर हो गई थी. जब बुधवार रात को बिजली कटौती के दौरान लोग उस दीवार पर बैठे थे तो यह दीवार उनका बोझ नहीं सहन कर पाई और ढह गई. वहीं रास्ता सकरा होने की वजह से जेसीबी घटनास्थल तक पहुंच नहीं पा रही थी

वहीं इस घटना के बाबत डीएम सुरेश कुमार का कहना है कि मृतकों के परिवार के सदस्यों को हर संभव मदद और मुआवजा देने के लिए प्रशासनिक स्तर से कोई लापरवाही नही की जाएगी. वहीं मृतकों  में शांति उम्र पैंसठ साल, आशा अड़सठ साल, तोता अड़सठ साल, अरविंद पंद्रह साल,गौरी सात साल, नीलू पांच साल, रामजी छह साल, सुखी पैंतीस साल और सुदामा छत्तीस साल की मौत इस दर्दनाक हाससे में हो गई.
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First published: August 13, 2015, 2:51 PM IST
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