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बेहमई नरसंहार मामले में आज आ सकता है फैसला, 39 साल पहले फूलन देवी ने खेली थी खून की होली
Kanpur News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 18, 2020, 10:42 AM IST
बेहमई नरसंहार मामले में आज आ सकता है फैसला, 39 साल पहले फूलन देवी ने खेली थी खून की होली
आरोप है कि कानपुर देहात जिले के बेहमई गांव में दस्यु सुंदरी फूलन देवी ने 39 साल पहले 26 लोगों को लाइन में खड़ा कर भून डाला था (फाइल फोटो)

आरोपों के अनुसार 14 फरवरी, 1981 को कानपुर देहात (Kanpur Dehat) के बेहमई गांव (Behmai Massacre) में फूलन देवी (Phoolan Devi), राम औतार, बाबा मुस्तकीम और लल्लू गैंग ने 26 लोगों को एक लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून दिया था

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कानपुर देहात. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर देहात (Kanpur Dehat) जिले के बेहमई गांव (Behmai Massacre) में हुए नरसंहार मामले में शनिवार को फैसला आ सकता है. आरोप है कि 39 साल पहले बैंडिट क्वीन के नाम से मशहूर फूलन देवी (Phoolan Devi) ने डकैतों के साथ मिलकर 20 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में माती जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

बता दें कि बेहमई नरसंहार मामले में 23 आरोपितों में से फूलन देवी समेत 16 लोगों की मौत हो चुकी है. तीन आरोपित भीखा, विश्वनाथ और श्यामबाबू जमानत पर बाहर हैं, जबकि पोसा जेल में बंद है. वहीं, जालौन जिले के तीन आरोपित मान सिंह, रामकेश और विश्वनाथ उर्फ अशोक फरार चल रहे हैं.

26 लोगों को गोलियों से भूना था

आरोपों के अनुसार 14 फरवरी, 1981 को कानपुर देहात के बेहमई गांव में फूलन देवी, राम औतार, बाबा मुस्तकीम और लल्लू गैंग ने 26 लोगों को एक लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून दिया था. इस हत्याकांड में 20 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह घायल हो गए थे. पुलिस ने गैंग के चारों सरगना और सदस्यों को मिलाकर 23 लोगों को आरोपित बनाया था.

फूलन देवी ने 20 लोगों को गोलियों से भूना था (file photo)
फूलन देवी की जुलाई 2001 में दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी (फाइल फोटो)


वर्ष 2012 में मामले का शुरू हुआ ट्रायल

आरोपियों की ओर से पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से केस की सुनवाई में वक्त लगा. इसी दौरान मुख्य आरोपित फूलन देवी को वर्ष 1993 में तत्कालीन सरकार ने जनहित में आरोप मुक्त कर रिहा करने के आदेश दिए थे. मामले में वर्ष 2012 में ट्रायल शुरू हुआ जिसकी सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित दस्यु सुंदरी फूलन देवी, जालौन के कोटा कुठौंद के राम औतार, गुलौली कालपी के मुस्तकीम, महदेवा कालपी के बलराम, टिकरी के मोती, चुर्खी के वृंदावन, कदौली के राम प्रकाश, गौहानी सिकंदरा के रामपाल, बिरही कालपी के लल्लू बघेल और बलवान, कालपी के लल्लू यादव, कोंच के रामशंकर, डकोर कालपी के जग्गन उर्फ जागेश्वर, मेतीपुर कुठौद के प्रेम, धरिया मंगलपुर के नंदा उर्फ माया मल्लाह और राम सिंह की मौत हो चुकी है.(इनपुट: सौरभ मिश्रा)

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First published: January 18, 2020, 9:49 AM IST
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