लॉकडाउन के बाद कानपुर में शुरू हुई हवाई सेवा, 2 घंटा 40 मिनट लेट पहुंची पहली फ्लाइट
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लॉकडाउन के बाद कानपुर में शुरू हुई हवाई सेवा, 2 घंटा 40 मिनट लेट पहुंची पहली फ्लाइट
लॉकडाउन के बाद कानपुर पहुंची पहली फ्लाइट

दिल्ली से कानपुर की फ्लाइट (Flight) लगभग 2 घंटा 40 मिनट देर से पहुंची. इस फ्लाइट से 50 यात्री यहां पहुंचे. जबकि कानपुर से दिल्ली के लिए 36 यात्रियों ने उड़ान भरी...

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कानपुर. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के चलते देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) चल रहा है. लॉकडाउन 4.0 में सरकार ने 25 मई से घरेलू उड़ानों को शुरू करने की अनुमति दी है जिसके क्रम में आज उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर से भी फिर से डोमेस्टिक उड़ानों (Domestic flights) का संचालन शुरू हुआ. लेकिन पहले ही दिन दिल्ली से कानपुर आने वाली फ्लाइट 2 घंटे 40 मिनट की देरी से पहुंची.

ब्यौरा दर्ज करने में डिले हुई फ्लाइट
बता दें कि लॉकडाउन के दौरान पूरे देश समेत कानपुर के हवाई अड्डे के दरवाजों पर भी ताला लग गया था. सरकार की पहल के बाद जब यह घोषणा हुई कि एक बार फिर से यह हवाई सेवा चालू होगी तो औद्योगिक नगरी कानपुर के लोगों के चेहरे पर खुशी साफ तौर पर देखी जा सकती थी. आज सोमवार को दिल्ली से कानपुर की फ्लाइट लगभग 2 घंटा 40 मिनट देर से पहुंची. इस फ्लाइट से 50 यात्री यहां पहुंचे. जबकि कानपुर से दिल्ली के लिए 36 यात्रियों ने उड़ान भरी. हालांकि सामान्य दिनों में ये फ्लाइट्स पूरी भरी हुई चलती थीं. सोमवार को जब स्पाइसजेट का विमान कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पहुंचा तो उसमें उतरने वाले यात्रियों ने ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए साथ में मास्क भी लगाए हुए थे. जब उनसे फ्लाइट में देरी की वजह पूछी गई तो यात्रियों ने बताया कि वो दो घंटे पूर्व एयरपोर्ट पहुंचे थे और लगभग 2 घंटा और एयरपोर्ट पर लग गया. इस दौरान थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर प्रत्येक यात्री के रिकॉर्ड तैयार किए गए. उनकी मेडिकल हिस्ट्री, ट्रैवल हिस्ट्री और उसे कानपुर में कहां जाना है इन सभी चीजों का ब्यौरा दर्ज किया गया. जिसमें खासा टाइम लगा जिसकी वजह से यह फ्लाइट डिले हुई.

सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए मिडिल सीट खाली रखी गई



हवाई यात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) का भी ध्यान रखा गया. एक रो (Row) में जहां तीन यात्री बैठते हैं वहां दो यात्रियों को बैठाया गया और बीच वाली सीट को खाली रखा गया. दिल्ली से कानपुर पहुंचे पैसेंजर प्रभाकर सिंह ने बताया की लगभग दो महीने से वह दिल्ली में फंसे हुए थे और भले ही श्रमिक ट्रेन (Shramik Train) की सर्विसेज स्टार्ट कर दी गई थीं मगर वह हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे कि ट्रेन से आएं. उनका कहना था कि जिस प्रकार से कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही थी उन्हें डर लग रहा था इसलिए उन्होंने हवाई यात्रा करना ही उचित समझा. अब जब दो महीने बाद अपने शहर आए हैं तो ने राहत की सांस ली और प्रदेश और केंद्र सरकार का धन्यवाद भी दिया. चकेरी एयरपोर्ट के सीआईएसएफ (CISF) के डिप्टी एसपी बृजराज ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं साथ ही साथ हर आने-जाने वाले की स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है और सब का रिकॉर्ड मेंटेन किया जा रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. सीआईएसएफ के जवानों को भी निर्देश है कि वो अपनी भी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए नियमों का कड़ाई से पालन करें और लोगों से करवाना भी सुनिश्चित करवाएं.



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First published: May 25, 2020, 8:20 PM IST
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