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कानपुर शेल्टर होम मामला: अखिलेश यादव ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

अखिलेश यादव ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग (फाइल फोटो)

अखिलेश यादव ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग (फाइल फोटो)

एसएसपी (SSP) दिनेश कुमार पी ने बताया कि सभी बालिकाएं संरक्षण गृह में लाए जाने के वक्त ही गर्भवती थीं. पांच संक्रमित संवासिनी आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर के बाल कल्याण समिति से संदर्भित करने के बाद यहां रह रही थीं.

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    कानपुर. स्वरूप नगर स्थित राजकीय बालिका सुधार गृह (Shelter Home) की 7 नाबालिग लड़कियों के प्रेग्नेंट होने पर सियासत शुरू हो गई है. इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट करके कहा, 'कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई ख़बर से उप्र में आक्रोश फैल गया है.' कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है. इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो. उन्होंने कहा कि सरकार शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जाँच बैठाए.

    जानकारी के मुताबिक, प्रेग्‍नेंट लड़कियों में से एक किशोरी को 8 माह और दूसरी को साढ़े आठ माह का गर्भ है. इसपर अब दोनों को हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर कर दिया गया है. जांच में एक एचआईवी संक्रमित मिली तो दूसरी को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण है. इसके चलते उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है. संवासिनयों के गर्भवती की पुष्टि के बाद उनका पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है.



    'बालिकाएं संरक्षण गृह में लाए जाने वक्त ही गर्भवती थीं'
    एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि सभी बालिकाएं संरक्षण गृह में लाए जाने के वक्त ही गर्भवती थीं. पांच संक्रमित संवासिनी आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर के बाल कल्याण समिति से संदर्भित करने के बाद यहां रह रही थीं. एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत एक किशोरी कन्नौज और दूसरी किशोरी आगरा से कानपुर आई है. रेस्क्यू के समय ही दोनों गर्भवती थीं और दिसंबर 2019 में संरक्षण गृह में भेजी गई थीं. दोनों 6 महीने पहले बालिका गृह में आई हैं, जबकि गर्भ 8 महीने का है. संरक्षण के समय से दोनों के गर्भवती होने का रिकॉर्ड है.

    ये भी पढ़ें- लखनऊ: तिरंगा जलाते हुए बना रहे थे TikTok वीडियो, नाबालिग गिरफ्तार

    डीएम ने कही ये बात
    इस मामले पर डीएम ने ट्वीट किया कि कुछ लोगों द्वारा कानपुर संवासिनी गृह को लेकर ग़लत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई हैं. आपदाकाल में ऐसा कृत्य संवेदनहीनता का उदाहरण है. कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचे बिना पोस्ट न करें. ज़िला प्रशासन इस संबंध में आव़श्यक कार्रवाई के लिए लगातार तथ्य एकत्र कर रहा है.

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