IPS सुरेंद्र दास सुसाइड मामले में कानपुर की सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल

पूरे मामले में कानपुर के एसएसपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि एसएसपी ने बिना एफआईआर दर्ज किए, कैसे मामले की जांच एसपी क्राइम को सौंप दी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 11, 2018, 4:04 PM IST
IPS सुरेंद्र दास सुसाइड मामले में कानपुर की सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल
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Updated: September 11, 2018, 4:04 PM IST
यूपी के आईपीएस सुरेंद्र दास की आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है. वरिष्ट अधिवक्ता प्रमोद सक्सेना ने कानपुर की सीएजेएम कोर्ट में मुकदमे की अर्जी दी है. अर्जी की पोषणीयता पर कोर्ट 22 सितंबर को निर्णय लेगा. अर्जी में अपील की गई है कि इस केस में अज्ञात के खिलाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए. अर्जी में आईपीएस सुरेंद्र दास के सुसाइट नोट के साथ ही उनकी मां और भाई के अखबारों में छपे बयान को मुकदमे का आधार बताया गया है. वहीं पूरे मामले में कानपुर के एसएसपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि एसएसपी ने बिना एफआईआर दर्ज किए, कैसे मामले की जांच एसपी क्राइम को सौंप दी.

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बता दें इससे पहले लखनऊ में सोमवार को दिवंगत आईपीएस सुरेंद्र दास के सुसाइड नोट और उनकी पत्नी रवीना ​पर उठ रहे सवालों पर उनके ससुर डॉ रावेंद्र सिंह ने कहा कि सुरेंद्र और उनकी पत्नी के बीच सब कुछ सामान्य था. साथ ही उन्होंने कहा कि समय आने पर कुछ बातें सामने लाऊंगा. उन्होंने कहा कि सुरेंद्र दास की आत्महत्या की वज़ह नहीं मालूम है लेकिन सुसाइड नोट में सुरेंद्र ने अपनी पत्नी रवीना के लिए आई लव यू लिखा है. वहीं जनमाष्टमी पर नॉनवेज खाने की बात पर ससुर ने कहा कि पति- पत्नी ने मिलकर जन्माष्टमी की खरीददारी की थी. सुरेंद्र का पूरा परिवार नॉनवेज खाता है.

परिवार से बात नहीं करने देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि मैं बस इतना कह सकता हूं कि सुरेंद्र अपने परिवारवालों को हर जगह बुलाते थे, मैं बस इतना ही कह सकता हूं. उन्होंने कहा कि 22 जून को हमारी बेटी रवीना का अभी एमएस का एग्जाम खत्म हुआ था, उसके बाद 28 जून को वह अंबेडकरनगर गई थी. अंबेडकरनगर में हम लोगों को बुलाया था कि हमने सहारनपुर से अच्छा सा सोफा मंगाया है, घर सजाया है.

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उधर आईपीएस सुरेंद्र के अंतिम संस्कार पर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा​ कि सुरेंद्र को सबसे बेहतर मेडिकल इलाज दिलवाया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस 24 घंटे की ड्यूटी के कारण तनाव में रहती है. वह खुद पुलिसकर्मियों की काउंसलिंग के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुरेंद्र के परिवार ने फिलहाल कोई शिकायत नहीं दी है.

इससे पहले आईपीएस सुरेंद्र दास के बड़े भाई ने बयान दिया था कि वह सुरेंद्र की पत्नी और ससुरालियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे. उन्होंने कहा कि अपनी पत्नी और ससुरालवालों की वजह से वह लगातार तनाव में थे और यहीं तनाव सुरेंद्र की आत्महत्या का कारण बना.

उन्होंने आगे बताया कि सुरेंद्र की पत्नी के संस्कार ठीक नहीं थे. शादी के दो महीने बाद ही उसने तलाक की बातें शुरू कर दी थी. पत्नी, सुरेंद्र को मुझसे और मां से बात भी नहीं करने देती थी. वो शादी के बाद एक दिन भी ससुराल में नहीं रुकी थी.

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आपको बता दें कि कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती आईपीएस सुरेंद्र दास की रविवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई. न्यूज18 के पास आईपीएस सुरेंद्र दास का एक सुसाइड नोट आया है जिसमें उन्होंने साफ लिखा है कि आत्महत्या का कारण पारिवारिक तनाव था.

सुरेंद्र दास लिखते हैं कि वो अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं. दास अपने सुसाइट नोट में लिखते हैं कि रवीना आई एम नाॅट लायर. पुलिस को दास के घर से मिले सुसाइड नोट में भी यही बात कही गई है. हालांकि उन्होंने अपने सुसाइड नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया है. उन्होंने घरेलू झगड़ों का केवल जिक्र किया है.

वर्ष 2014 बैच के पुलिस सेवा के अधिकारी रहे दास की मौत के मामले में कानपुर पुलिस जांच कर रही है. पुलिस के अधिकारी सुरेंद्र दास की पत्नी डॉ. रवीना से कई बार पूछताछ कर चुकी हैं. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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