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Pollution in UP: कानपुर में AQI लेवल 300 के पार, जानिए मेरठ समेत यूपी के अन्य शहरों में प्रदूषण का हाल

Pollution in UP: कानपुर में AQI लेवल 300 के पार, जानिए मेरठ समेत यूपी के अन्य शहरों में प्रदूषण का हाल

UP: मेरठ नगर निगम की गाड़ी शहर में घूम घूमकर पानी का छिड़काव कर रही है.

UP: मेरठ नगर निगम की गाड़ी शहर में घूम घूमकर पानी का छिड़काव कर रही है.

UP News: दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण विभाग एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को जीरो से 500 तक नापता है. जीरो से 50 एक्यूआई तक हवा अच्छी मानी जाती है और इसे सेहत के नजरिए से ग्रीन जोन में माना जाता है. 51 से 100 के बीच येलो जोन आता है. एक्यूआई 150 के पार होने पर ऑरेंज जोन में कहा जाता है. इसका अर्थ है कि हवा बुजुर्गों और बीमारों के लिए ठीक नहीं है. एक्यूआई 151 से 200 के बीच रेड जोन में आता है. जब एक्यूआई 201 से 300 के बीच हो तो सेहत के लिए खतरा बढ़ जाता है.

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कानपुर/मेरठ. एनसीआर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण (Pollution) का असर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी देखने को मिल रहा है. प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया है. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर जैसे शहरों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हानिकरक स्तर पर पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) शहर में भी प्रदूषण के आंकड़े दिल्ली से कम नहीं है. मगर इसके बाद भी यहां पर प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर रोजाना सामने आ रही है. कानपुर में प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. यहां पर एक (AQI) लेवल 300 को पार कर गया. मंगलवार सुबह की शुरुआत धुन के साथ हो रही है. जिसको लोग कोहरा मानना है वह धुंध है.

जिसकी वजह से हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है और लोगों के लंग्स में इंफेक्शन हो रहा है. वहीं ओपीडी में लगातार मरीज भी बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही प्रशासन की लापरवाही की भी एक बड़ी तस्वीर सामने आ रही है यहां पर हो जाना सुबह तड़के नियमों को ताक पर रखकर जगह-जगह कूड़ा जला दिया जाता है. जिसकी वजह से प्रदूषण और बढ़ता है. फिलहाल प्रशासन से दावे कर रहा है, मगर हकीकत में प्रदूषण को रोकने के प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है.

मेरठ में बढ़ी सांस लेने की बीमारी
उधर, लगातार कई दिनों से मेरठ में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. आज भी यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 302 है जो रेड ज़ोन में आता है. वायु प्रदूषण की वजह से लोग सांस संबंधी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. एयर क्वालिटी इंडेक्स के खतरनाक स्तर को देखते हुए मेरठ नगर निगम की गाड़ी शहर में घूम घूमकर पानी का छिड़काव कर रही है. विशेष तौर पर पानी के छिड़काव के लिए बनी गाडी़ से शहर भर में स्प्रे किया जा रहा है. वेस्ट यूपी के अन्य जिलों की बात की जाए तो बागपत का एक्यूआई 348 बुलंदशहर का एक्यूआई 288 गाज़ियाबाद 345 हापुड़ 296 मुज़फ्फरनगर का एक्यूआई आज 316 मापा गया है.

प्रयागराज की आबोहवा भी जहरीली
संगम नगरी प्रयागराज की आबोहवा भी जहरीली होने लगी है. यहां के वातावरण में स्मॉग का जहर तेजी से घुलने लगा है. पिछले एक पखवाड़े से संगम नगरी में जहां धुन्ध और कोहरे का असर देखा जा रहा है. तो वहीं स्मॉग के छाने से भी लोगों को कई तरह की दिक्कतें पेश आ रही हैं. प्रतिदिन मार्निंग वॉक के लिए निकलने वाले लोगों से लेकर सड़क पर चलने वाले लोगों को वातावरण में घुले स्मॉग से सांस लेने की समस्या भी शुरू हो गयी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में बीस सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले भारत के 15 शहर शामिल हैं. जिसमें उत्तर प्रदेश के कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ आगरा और फिरोजाबाद शामिल हैं.

Tags: Air pollution, Air Pollution AQI Level, Bad weather, CM Yogi, Kanpur news, Meerut news, UP news, Yogi government

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