गले के कैंसर रोगियों के लिए ALIMCO ने उठाया बड़ा कदम, अब इस कार्ड जरिए लौटेगी आवाज़

भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (ALIMCO) में कृत्रिम वोकल कार्ड (वायस बॉक्स) का निर्माण शुरू होने से उन कैंसर मरीजों को आसानी होगी, जिनकी आवाज ऑपरेशन के बाद चली जाती है.

Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 18, 2019, 6:21 PM IST
गले के कैंसर रोगियों के लिए ALIMCO ने उठाया बड़ा कदम, अब इस कार्ड जरिए लौटेगी आवाज़
वोकल कार्ड बनेगा कैंसर रोगियों की आवाज़. (फोटो साभार- डेली एक्‍सप्रेस)
Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 18, 2019, 6:21 PM IST
गले और मुंह के कैंसर रोगियों के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को) बड़ी राहत लेकर आ रहा है. यहां अब कृत्रिम वोकल कार्ड बनाए जाएंगे. अभी तक इसके लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसके साथ एलिम्को देश का पहला ऐसा संस्थान होगा जहां इसका निर्माण किया जाएगा. यही नहीं, विदेशों के मुकाबले यह काफी सस्ता भी होगा. बेंगलुरु के एक वैज्ञानिक की रिसर्च को आधार बनाकर उत्पादन शुरु करने की तैयारी है और उनसे टेक्नोलॉजी ली जा रही है.

कैंसर मरीजों को होगी आसानी
कृत्रिम वोकल कार्ड (वायस बॉक्स) का निर्माण शुरू होने से उन कैंसर मरीजों को आसानी होगी, जिनकी आवाज ऑपरेशन के बाद चली जाती है. विदेशों से इसका आयात काफी महंगा पङता है और विभिन्न विदेशी कंपनियां इसे 50 हजार से एक लाख रुपए तक मे बेंच रही हैं. जबकि भारत में निर्माण होने से यह 10 हजार रुपए में उपलब्ध हो जाएगा. एलिम्को के अधिकारियों के मुताबिक, कृत्रिम वोकल कार्ड की डिमांड उन देशों मे अधिक है जहां गले का कैंसर सर्वाधिक हो रहा है. देश मे उत्पादन शुरु होने से कई देशों में इसकी सप्लाई की जा सकती है. एलिम्को यूनिट मे अलग ब्रांच खोलने जा रहा है. निगम के सीएमडी डीआर सरीन के मुताबिक, निर्माण में जेके कैंसर संस्थान के अलावा देश के अन्य कैंसर अस्पताल और ईएनटी सर्जनों का भी सहयोग लिया जाएगा.

सिगरेट, उल्टी बीड़ी वोकल कार्ड कैंसर की वजह है

वोकल कार्ड में कैंसर असामान्य कोशिकाओं के छोटे क्षेत्रों के रूप मे शुरु होती है, जो बड़े रूप में फैल जाती है. आमतौर पर ऑपरेशन से ही मरीजों को राहत दी जाती है. हालांकि 99 प्रतिशत मरीजों में वोकल कार्ड कैंसर की प्रमुख वजह पान मसाला, सिगरेट और उल्टे तरीके से बीड़ी पीना है.

पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर अधारित
कृत्रिम वोकल कार्ड पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर आधारित चिप है, जिसे आसानी के साथ मरीजों मे लगाया जाता है. यह लाइरिंक्स के आसपास की कोशिकाओं मं फिट की जाती है. इससे उत्पन्न तरंगे इंसान को बोलने की क्षमता देती है. इसे बनाने मे कठोर टाइटेनियम/सिलिकॉन का इस्तेमाल हो किया जाता है.
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First published: July 18, 2019, 6:17 PM IST
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