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Bikru Case Update: पुलिस ने बताया- गैंगस्टर विकास दुबे तक कैसे पहुंची अमेरिकी सेना की स्प्रिंगफील्ड रायफल

विकास दुबे (फाइल फोटो)

विकास दुबे (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) ने अमेरिकी सेना (US Army) की स्प्रिंगफील्ड रायफल से 8 पुलिस वालों की हत्या (Murder) कर दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 4, 2021, 11:20 AM IST
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कानपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) ने अमेरिकी सेना (US Army) की स्प्रिंगफील्ड रायफल से 8 पुलिस वालों की हत्या (Murder) कर दी थी. ये वही रायफल है, जिसके दम पर प्रथम विश्वयुद्ध में जिस अमेरिकी सेना ने दुश्मन देशों को मात दी थी. बिकरू कांड में इस्तेमाल हुई विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी की सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल को लेकर पुलिस ने बड़ा दावा किया है. पुलिस का दावा है कि गनहाउस संचालक ने रायफल के ऑटोमेटिक फंक्शन को बिना निष्क्रिय किए ही विकास दुबे को बेच दिया था. स्पेशल टास्कफोर्स (एसटीएफ) ने जो रायफल बरामद की है, उसमें ऑटोमेटिक फंक्शन सक्रिय मिला है. अब एसटीएफ ने जिला और पुलिस प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में गनहाउस संचालक पर कार्रवाई की अनुशंसा की है.

बता दें कि सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल प्रतिबंधित हथियार है. नियमानुसार लाइसेंसी हथियार के रूप में उसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है. अमेरिका सेना प्रथम विश्वयुद्ध में इसी रायफल के साथ उतरी थी. आजादी के बाद भारतीय सेना भी 30.06 बोर की सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल का प्रयोग करती थी, लेकिन अब इसका प्रयोग नहीं होता. सेना कंडम हो चुके इन हथियारों को रिटायर होने वाले अपने अधिकारियों व जवानों को बेहद कम दामों पर बेच देती है. बेचने से पहले इनका ऑटोमेटिक फंक्शन निष्क्रिय कर दिया जाता है. क्योंकि इससे यह हथियार 30.06 बोर की साधारण रायफल बनकर रह जाता है और तब इसे लाइसेंसी हथियार के रूप में रखा जा सकता है.

किया पहुंच का इस्तेमाल
एसटीएफ के सीओ टीबी सिंह के मुताबिक शिव तिवारी को 30.06 बोर की रायफल का शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था, लेकिन गैंगस्टर दुबे ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर जो सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल खरीदी और उसका ऑटोमेटिक फंक्शन भी निष्क्रिय नहीं किया गया. बरामद रायफल से इसकी पुष्टि भी हो गई है. सक्रिय स्प्रिंगफील्ड रायफल की मैग्जीन में एक बार में 10 कारतूस भरकर लगातार इन्हेंं चलाया जा सकता है. माना जा रहा है कि इसीलिए बिकरू में पुलिस टीम विकास के गुर्गों के सामने टिक नहीं सकी और दो-दो स्प्रिंगफील्ड रायफल ने पुलिस को कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया.
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