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बिकरू कांड: शस्‍त्र लाइसेंस की फाइलों को गायब करने वाले आरोपी कर्मचारी को हाईकोर्ट से राहत, मिली जमानत

बिकरू कांड: शस्‍त्र लाइसेंस की फाइलों को गायब करने वाले आरोपी कर्मचारी को हाईकोर्ट से राहत, मिली जमानत

ये बदमाश विकास दुबे के साथी हैं. (फाइल फोटो)

ये बदमाश विकास दुबे के साथी हैं. (फाइल फोटो)

बिकरू कांड: विकास दुबे और उसके सहयोगियों को शस्‍त्र लाइसेंस देने के मामले की भी जांच की गई थी. SIT की छानबीन में फाइल गायब मिली. इसके बाद कार्रवाई शुरू की गई थी.

    कानपुर. बिकरू कांड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. इस कांड के एक आरोपी कर्मचारी को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. दरअसल, बिकरू कांड में शस्‍त्र लाइसेंस की फाइलों को गायब करने के आरोपी लिपिक की अग्रिम जमानत की याचिका को हाईकोर्ट ने स्‍वीकार कर लिया है. आरोपी को जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी हुई हो तो उसे अग्रिम जमानत पर छोड़ दिया जाए. बता दें कि इस मामले की जांच जब SIT ने शुरू की तो एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्‍टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों को शस्‍त्र लाइसेंस देने का मामला भी एक बिंदु था.

    जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने जब बिकरू कांड की जांच शुरू की थी तो जांच का एक बिंदु विकास दुबे और उसके सहयोगियों को जारी शस्‍त्र लाइसेंस भी था. जांच जब आगे बढ़ी तो पता चला कि विकास दुबे और उसके सहयोगियों के अलावा पूर्व मंत्री कमल रानी वरुण की फाइलें भी गायब हैं. कानपुर देहात में लंबे समय से तैनात रहे शस्‍त्र लिपिक विजय कुमार रावत शस्‍त्र से जुड़ी 273 फाइलें कानपुर ले आए थे. एसआईटी को जब फाइलें नहीं मिलीं तो शस्त्र लिपिक के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. विजय की ओर से पहले जिला न्यायालय की विशेष न्यायाधीश एससीएसटी की कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था. इसके बाद विजय ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

    फर्जी शपथपत्र पर शस्त्र लाइसेंस लेने वाले
    फर्जी शपथपत्र लगाकर शस्त्र लाइसेंस लेने वाले नौ आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था. इसमें विकास दुबे के पिता रामकुमार दुबे, भाई दीपक दुबे उर्फ दीप प्रकाश, दीपक की पत्नी अंजलि दुबे, विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, अमित उर्फ छोटे बउवा, दिनेश कुमार, रवींद्र कुमार, अखिलेश कुमार और आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव त्रिपाठी शामिल हैं. एसपी ने बताया था कि इस केस में धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं.

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    Tags: Allahabad high court, Kanpur city news

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