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Bird Flu in Kanpur: बर्ड फ्लू की दहशत में 49 मुर्गों को जलाया, मोतीझील समेत कई पार्कों में प्रवेश पर रोक

पोल्ट्री व्यापारी कहते हैं कि
पोल्ट्री व्यापारी कहते हैं कि "हम बर्ड फ्लू की स्थिति के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते, सिवाय इसके कि लोग इस पर विश्वास कर रहे हैं. इसके चलते हमारे व्यवसाय में 50 फीसदी तक कमी आई है."

हरियाणा (Hariyana), राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश, दिल्ली (Delhi) के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई शहरों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की दहशत देखने को मिल रही है.

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कानपुर. हरियाणा (Hariyana), राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश, दिल्ली (Delhi) के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई शहरों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की दहशत देखने को मिल रही है. कानपुर (Kanpur) में मुर्गों समेत अन्य पक्षियों की एक साथ मौत के बाद प्रशासन सख्ते में है. चिड़ियाघर में रेड जंगल फाउल प्रजाति के जंगली मुर्गों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. इसके बाद से शहर में बर्ड फ्लू को लेकर दहशत है. बीते रविवार को ही शहर भर में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते 49 मुर्गे मारकर जला दिए गए. दरअसल 49 में से आठ मुर्गे उन मुर्गों के साथ रखे गए थे, जिनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से देर रात ही चिडिय़ाघर प्रशासन ने पक्षीघर व पक्षी लोक समेत अन्य बाड़े अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए हैं. इसके अलावा घाटमपुर के रावतपुर चौधरियान के मजरा गहोलिनपुरवा में मृत मिले चार कौए पशुपालन टीम ने दफनाए. गांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित पोल्ट्री फार्म से मुर्गों के चार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं. कानपुर नगर निगम ने मोतीझील, कारगिल पार्क, नानाराव पार्क समेत शहर के अन्य बड़े पार्कों में टहलने पर रोक लगा दी है.





जंगली मुर्गों में संक्रमण की पुष्टि
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते मंगलवार को कानुपर के चिड़ियाघर में चार जंगली मुर्गों की मौत हो गई थी. इनके क्वैकल स्वैब की जांच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनीमल डिसीजेस भोपाल ने की थी. साथ ही छह मुर्गों को मार कर जला दिया गया था. जांच में दो मुर्गों में बर्ड फ्लू की पुष्टि बीते शनिवार को हुई. इसके बाद प्रबंधन ने तत्काल सात रेड जंगल फाउल (जंगली मुर्गा) व एक कड़कनाथ मुर्गे के क्वैकल स्वैब का नमूना लिया. इसके बाद उन्हें मार कर जलाने के साथ ही गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गय. इतना ही नहीं सुरक्षा के तहत रविवार को पक्षीघर व पक्षी लोक में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल दवाओं का छिड़काव भी कराया गया. बताया जा रहा है कि पीपीई किट के बिना किसी भी कर्मचारी व कीपर को चिडिय़ाघर के अंदर प्रवेश नहीं मिला, जिन्हें सैनिटाइजेशन का काम करना था, उन्हें खास किट दी गई.
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