Home /News /uttar-pradesh /

VIDEO: इंटरनेट का करिश्मा, 12 साल बाद हुआ मां बाप से मिलन

VIDEO: इंटरनेट का करिश्मा, 12 साल बाद हुआ मां बाप से मिलन

कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी के इस्तेमाल के मामले आमतौर पर सुर्खियों में बने ही रहते हैं, लेकिन इस बार तकनीक के इस्तेमाल ने एक बुजुर्ग मां-बाप को 12 साल बाद अपने बेटे से मिलवा दिया है.

कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी के इस्तेमाल के मामले आमतौर पर सुर्खियों में बने ही रहते हैं, लेकिन इस बार तकनीक के इस्तेमाल ने एक बुजुर्ग मां-बाप को 12 साल बाद अपने बेटे से मिलवा दिया है.

यूपी के बांदा शहर कोतवाली के छिपटहरी मोहल्ले में रहने वाले मोमिन के परिवार के सदस्यों को ईद से पहले ही ईद की खुशियां मनाने का मौका मिल गया. दरअसल, साल 2004 में मोमिन का सबसे बड़ा बेटा सिराज किसी बात से नाराज होकर घर छोड़कर चला गया. इसके बाद सिराज की खोज में परिवार के सभी लोग आठ साल तक दर-दर की खाक छानते रहे, लेकिन लापता सिराज का कोई सुराग नहीं मिल पाया.

इसके बाद पिता मोमिन ने बेटे के कभी वापस न लौटने की बात मानकर उसकी की खोजबीन बंद कर दी, लेकिन किस्‍मत को शायद कुछ और ही मंजूर था. रविवार को मोमिन के घर कोतवाली से एक फोन गया. इस पर मोमिन और उसके परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पहले तो इस सूचना पर मोमिन को विश्‍वास नहीं हुआ.

भागते-भागते मोमिन जैसे ही कोतवाली के गेट पर पहुंचे. मानो सारे जहां की खुशी बुजुर्ग पिता को मिल गई हो. बारह साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे सिराज को अपनी आंखों के सामने खड़ा देख कर पिता मोमिन ने बेटे को गले से लगा लिया.

रमजान के पाक महीने में मानो पिता को जन्नत मिल गई हो. आंखो में खुशी के आंसू झलक आए. महज आठ साल की उम्र में ट्रेन से भागकर दिल्ली पहुंचने के बाद सिराज को एक होटल में बर्तन साफ करने की नौकरी मिल गई. कई दिनों तक होटल में बर्तन साफ करने के दौरान सिराज की मुलाकात एक सामाजिक कार्यकर्ता से हुई. दोनों में बातचीत का दौर शुरू हुआ. इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से सिराज को एक संस्था के माध्यम से पढ़ाई करने का मौका मिला.

इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिराज को दिल्ली में ही एक कंपनी में सेल्समैन की नौकरी मिल गई. इसी बीच सिराज की मुलाकात कंपनी में काम करने वाले अश्‍वनी अग्रवाल नाम के एक शख्स से हुई. दोनों की दोस्‍ती हो गई. अश्‍वनी को सिराज के परिवार के बारे में जानने की उत्सुक्ता बढ़ी.

सिराज से जब उसके दोस्त ने घर और परिवार के बारे में पूछा तो सिराज को सिर्फ अपने माता-पिता की ही नाम याद था. सिराज को यह याद नहीं था कि वह यूपी में किस जिले का रहने वाला है, उसके घर का पता क्या है. लेकिन दोस्ती का फर्ज निभाते हुए अश्‍वनी ने अपने दोस्त को उसके परिवार से मिलाने की ठान ली.

कई महीनों तक फेसबुक पर सिराज की फोटो पोस्ट करने के बाद जब अश्‍वनी को सिराज के घर और जिले का पता नहीं चल पाया तो उसने यूपी के सभी जिलों की वोटर आईडी वेबसाइट खोलकर सिराज के माता-पिता का नाम वेबसाइट पर अपलोड किया. किसी जिले में मां का नाम मिला तो पिता का नाम मैच नहीं हुआ.

एक साल की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार जब नंबर बांदा का आया तो वेबसाइट पर सिराज के माता-पिता का नाम अपलोड होते ही सिराज के घर का पता चल गया. इसके बाद अश्‍वनी ने अपने दोस्त सिराज को रविवार को बांदा ले जाकर बुजुर्ग माता-पिता से मिलवा दिया. बारह साल के बाद माता-पिता से मिलकर सिराज की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

Tags: उत्तर प्रदेश, बांदा

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर