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Facebook पर विदेशी हसीनाओं से दोस्ती का शौक और पैसों की लालच में व्यापारी ने गंवाए ₹70 लाख

फेसबुक में दोस्ती के बाद ठगी का शिकार हुए व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की है. सांकेतिक फोटो.
फेसबुक में दोस्ती के बाद ठगी का शिकार हुए व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की है. सांकेतिक फोटो.

फेसबुक (Facebook) पर खूबसूरत विदेशी युवतियों से दोस्ती के शौक और ज्यादा पैसों की लालच में एक व्यापारी 70 लाख रुपयों की ठगी का शिकार हुआ है.

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कानपुर. फेसबुक (Facebook) पर खूबसूरत विदेशी युवतियों से दोस्ती के शौक और ज्यादा पैसों की लालच में एक व्यापारी 70 लाख रुपयों की ठगी का शिकार हो गया. युवती द्वारा भेजे गए पार्सल को छुड़ाने के नाम पर व्यापारी ने अलग अलग खातों में करीब 70 लाख रुपये जमा कर दिए. इतनी बड़ी रकम जाने के बाद व्यापारी को खुद से ठगी का एहसास हुआ. अब वो मदद के लिए पुलिस से गुहार लगा रहा है. मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से जुड़ा है. शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

कानपुर पुलिस महा निरीक्षक मोहित अग्रवाल से व्यापारी ने ठगी की शिकायत की है. शहर में यह अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी बताई जा रही है. कानपुर के तलाक महल के व्यापारी से साइबर ठगों ने फेसबुक पर विदेशी हसीना बन कर दोस्ती की. उसके बाद उसे अपने जाल में फंसा कर 69 लाख 24 हजार रुपए ठगे. व्यापारी एजाज ने आईजी मोहित अग्रवाल से मिलकर धोखाधड़ी की कहानी बताई. आईजी के आदेश पर चमन गंज पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. तलाक महल के कयास थाना रोड के रहने वाले व्यापारी एजाज वर्तमान में चमनगंज के बनाना पुरवा में रह रहे हैं.

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इस तरह की ठगी
एजाज ने बताया कि इसी साल 28 मार्च को लीजा डेविड के नाम से फेसबुक रिक्वेस्ट आई. अनुरोध स्वीकार करने के बाद फेसबुक मैसेंजर पर व्हाट्सएप नंबर का आदान-प्रदान हुआ. 14 अप्रैल को जैनी विल्सन नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई और उसने भी पहले जैसी प्रक्रिया की. फेसबुक पर दोनों का पता यूनाइटेड किंगडम था. इसके बाद 26 अप्रैल को एक लैंडलाइन नंबर से कॉल आया, उसने बताया कि लीजा डेविड ने यूनाइटेड किंगडम से एक गिफ्ट भेजा है. पार्सल को छुड़वाने के लिए पैसे देने होंगे. 28 अप्रैल को फिर कॉल आई कि ₹10500 और जमा करो. एजाज ने यह रकम भी दे दी. कुछ देर बाद फोन आया कि पार्सल में 70000 यूके डॉलर थे, जो एयरपोर्ट पर पकड़े गए हैं. इनकी भारतीय कीमत 66 लाख 38000 रुपये है. उस पार्सल को छुड़वाने के लिए ₹85000 और देना होगा.

फिर दिखाया कार्रवाई का डर
ठगों ने उनसे उनके बैंक अकाउंट नंबर और अन्य जानकारियां हासिल की. बाद में बताया गया कि मामला मनी लॉन्ड्रिंग और नारकोटिक्स एक्ट के तहत आ गया है. तत्काल ₹5 लाख रुपये जमा नहीं कराया तो मामला बिगड़ जाएगा और मुकदमा चलेगा. सबसे आखिर में 8 मई को उसने सुरेंद्र जोशी के खाते में एक लाख, लाल हरी के खाते में डेढ़ लाख और रवि गौर के खाते में ₹100000 जमा कराए. उसी दिन डोर स्टेप डिलीवरी दिल्ली के कार्यालय से पार्सल आया तो जैनी विलियम्स के नाम पर था इसके नाम पर भी गौतम नाथ के खाते में जबरन ₹27000 जमा कराया गया. इसके अलावा 59 लाख 24000 रुपये ऑनलाइन पेमेंट कराया गया. इस तरह व्यापारी से करीब 70 लाख रुपये की ठगी हुई. पुलिस मामले में जांच कर रही है.
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