करीब 19 घंटे घर के बाहर पड़ा रहा कोरोना संदिग्ध का शव, ग्रामीणों ने लोडर से भिजवाया पोस्टमॉर्टम हाउस
Kanpur News in Hindi

करीब 19 घंटे घर के बाहर पड़ा रहा कोरोना संदिग्ध का शव, ग्रामीणों ने लोडर से भिजवाया पोस्टमॉर्टम हाउस
कानपुर में एक कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद सरकारी लापरवाही का मामला सामने आया है.

मृतक के चचेरे भाई का आरोप है कि सीएमओ (CMO) ने किसी प्रकार की मदद से इनकार करते हुए फोन ही काट दिया. वहीं सीएमओ अशोक कुमार शुक्ला कहते हैं कि सूचना पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य महकमे को टीम को भेजने के निर्देश दिए गए थे. आखिर वह पूरी रात क्यों नहीं पहुंची? इसकी जांच कराएंगे.

  • Share this:
कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में बिधनू थाना क्षेत्र के पहाड़पुर में कोरोना संदिग्ध व्यक्ति (Suspicious Corona Patient) की सोमवार दोपहर बाद मौत हो गई. अधेड़ का शव घर के बाहर पड़ा देखकर पड़ोसियों ने कंट्रोल रूम पर सूचना दी. लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस शव को दूर से ही देखकर लौट गई. इसके बाद मृतक के चचेरे भाई ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को और सीएमओ को सूचना दी. उनका आरोप है कि सीएमओ ने किसी प्रकार की मदद से इनकार करते हुए फोन ही काट दिया. मंगलवार सुबह एंबुलेंस आई लेकिन यह कहकर लौट गई कि शव नहीं मरीज वह ले जाती है. आखिरकार मजबूर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर लोडर की व्यवस्था की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया

पहाड़पुर निवासी 50 वर्षीय ओम द्विवेदी आविवाहित थे और एकाकी जीवन जी रहे थे. पड़ोसियों ने बताया कई दिनों से उन्हें खांसी और बुखार था. जिससे कोई उनके पास नहीं जाता था. सोमवार दोपहर घर के बाहर वह बैठे थे. खांसते-खांसते  जमीन पर गिर पड़े. पड़ोसियों ने कोरोना संदिग्ध मानते हुए दूर से देखा तो उनकी सांसें थम चुकी थी. पड़ोसियों ने कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस डायल कर सूचना दी. सूचना पर पुलिस व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और कोरोना से मौत बता कर वापस लौट गई.

ये भी पढ़ें: कानपुर शेल्टर होम केस: HC के चीफ जस्टिस लिखा गया पत्र, स्वत: संज्ञान की मांग



उनके चचेरे भाई विनीत द्विवेदी को जानकारी हुई तो वह शाम को पहुंचे. विनीत के मुताबिक जिलाधिकारी को फोन किया तो उन्होंने सीएमओ का नंबर देकर बात करने के लिए कहा. सीएमओ को फोन कर पूरी जानकारी दी. मृतक के भाई का आरोप है कि सीएमओ ने कहा कि जो मन में हो वह करो, कोई स्वास्थ्य एंबुलेंस वहां पर नहीं आ पाएगी. शव दरवाजे पर ही पड़ा रहा. दहशत में ग्रामीण पूरी रात एंबुलेंस का और टीम का इंतजार करते रहे. लेकिन न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही स्वास्थ्य महकमे की टीम. फिर सुबह एंबुलेंस पहुंची और मृतक के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले गए.
ये भी पढ़ें: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी कोरोना संक्रमित

कैसे नहीं पहुंची एंबुलेंस, जांच करएंगे: सीएमओ

मामले में सीएमओ अशोक कुमार शुक्ला कहते हैं कि सूचना पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य महकमे को टीम को भेजने के निर्देश दिए गए थे. आखिर वह पूरी रात क्यों नहीं पहुंची? इसकी जांच कराएंगे. वहीं बिधनू थाना अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने बताया कि वृद्ध की मौत की सूचना के बाद एंबुलेंस को लेकर चौकी के सिपाही पहुंचे थे. मगर कोरोना संदिग्ध वाली बात जानकर वह भी वापस लौट गए. शव को सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज