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कानपुर एनकाउंटर: चंबल के बीहड़ों में पहुंच गया 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपी गैंगस्‍टर विकास दुबे!

ऐसे दिखते हैं चंबल के बीहड़. (फाइल फोटो)

ऐसे दिखते हैं चंबल के बीहड़. (फाइल फोटो)

विकास दुबे (Vikas Dubey) की नेपाल (Nepal) भागने की कम उम्मीद जताई जा रही है, क्‍योंकि चीन से विवाद के चलते इस वक्त नेपाल बॉर्डर पर खासा सख्त पहरा है.

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नई दिल्ली. कानपुर देहात क्षेत्र में 8 पुलिसवालों की हत्या करने का आरोपी कुख्‍यात गैंगस्‍टर विकास दुबे चंबल (Chambal) के बीहड़ों में पहुंच गया है. इटावा के रास्ते 3 राज्यों की सीमाओं को जोड़ने वाले आगरा सेंटर को उसने अपनी मंज़िल बनाया है. यह वो जगह है जहां से सिर्फ 30 मिनट के वक्त में यूपी (UP) से एमपी और राजस्थान में आया और जाया जा सकता है. इसी के चलते विकास दुबे के नेपाल (Nepal) भागने की कम ही उम्मीद जताई जा रही है.

दूसरी वजह यह भी है कि चीन विवाद के चलते इस वक्त नेपाल बॉर्डर पर खासा सख्त पहरा है. पहले भी कुख्यात अपराधी इस तीन राज्यों की सीमाओं वाले इस सेंटर का फायदा उठा चुके हैं. गौरतलब रहे कि स्पेशल टास्‍क्‍ फोर्स के अलावा यूपी पुलिस के 40 थानों का फोर्स विकास दुबे की तलाश में लगा हुआ है.

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पूर्व डीजीपी ने बताई यह बात
यूपी के पूर्व डीजीपी रहे विक्रम सिंह ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया कि जिस तरह से औरैया में विकास दुबे की आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई है, तो उससे बहुत संभावना है कि उसने इटावा के रास्ते चंबल के बीहड़ का रास्ता पकड़ लिया हो. बीहड़ के अंदर से होते हुए आगरा तक पहुंचा जा सकता है. आगरा पहुंचने के बाद एमपी और राजस्थान में दाखिल होना आसान हो जाता है.

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Vikas Dubey File Photo.


कुख्यात अपराधियों के मामले में अक्सर देखा गया है कि सेटिंग के चलते दो स्टेट की पुलिस में कोऑर्डिनेशन बनना मुश्किल हो जाता है या फिर दूसरे स्टेट की पुलिस दिखावे के लिए अपने यहां सर्च ऑपरेशन चलाती है, लेकिन अपराधी उसके यहां छिपा बैठा रहता है. बीहड़ के कितने ही बागी इस झोल का फायदा उठाकर आतंक का खूनी खेल खेलते रहे हैं.

दूसरी बात यह भी है कि बारिश के मौसम में चंबल नदी में पानी आ जाता है. बारिश के चलते हरियाली भी उग आती है. ऐसे में अगर चंबल की किसी टेकरी के पास से पुलिस के 10 ट्रक भी गुज़र जाएं तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाएगा कि टेकरी के पीछे कौन छिपा बैठा है.

कानपुर आईजी ने कही यह बड़ी बात

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नदी के साथ ऐसे दिखते हैं चंबल के बीहड़. (फाइल फोटो)


कानपुर आईजी मोहित अग्रवाल ने रविवार को बताया कि विकास दुबे के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सफलता हासिल होगी. उन्होंने कहा कि अभी पूरा चौबेपुर थाना शक के घेरे में है. कितने पुलिसकर्मियों ने विकास दुबे से बात की, इस मामले की जांच चल रही है. मोहित अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आई तो उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उनपर पुलिसकर्मियों की हत्या करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी. उन्‍होंने बताया कि ऐसे आरोपियों पर 307 का मुक़दमा दर्ज़ किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर वे बर्ख़ास्त भी होंगे. आईजी ने बताया कि इस पूरी घटना में 21 नामजद हैं और 50-60 अज्ञात हैं.

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नई आफत: कोविड के बाद फंगस का डबल अटैक, एक ही मरीज में मिली ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस

कोविड के बाद अब डबल फंगस अटैक का खतरा, एक ही मरीज में मिले ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस.

Black and White fungus attack: मैक्‍स हेल्‍थकेयर वैशाली में यूपी से आए एक मरीज में ब्‍लैक फंगस यानि म्‍यूकरमाइकोसिस और व्‍हाइट फंगस दोनों मिली हैं. फिलहाल मरीज की सर्जरी की गई है. हालांकि फंगस के डबल अटैक को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ चिंतित हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 12:24 IST
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नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना से उबरने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. पोस्‍ट कोविड प्रभाव के रूप में सामने आई और महामारी घोषित की जा चुकी ब्‍लैक फंगस यानि म्‍यूकरमाइकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी के मामलों में कमी आने से लोगों को राहत की उम्‍मीद थी लेकिन अब फंगस के डबल अटैक ने स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है.

गाजियाबाद के वैशाली स्थित मैक्‍स अस्‍पताल में एक ही मरीज में फंगस के डबल अटैक का मामला सामने आया है. पिछले हफ्ते की यूपी से यहां आए एक मरीज में ब्‍लैक फंगस और व्‍हाइट फंगस दोनों मिली हैं. मरीज की सर्जरी करने वाले डॉक्‍टरों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद अप्रैल में मरीजों में ब्‍लैक या व्‍हाइट फंगस में से कोई एक ही बीमारी मिल रही थी लेकिन अब दोनों बीमारियां एक ही मरीज में निकलना चिंता की बात है.

मरीज का इलाज कर रहे मैक्‍स हेल्‍थकेयर के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्‍टेंट डॉ. निशेष जैन ने न्‍यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया कि यह मरीज नाक में कुछ भरा हुआ होने और नाक की एक तरफ से लगातार बदबू आने की शिकायत लेकर अस्‍पताल में पिछले हफ्ते आया था. मरीज ने बताया कि उसे अप्रैल के महीने में कोविड भी हुआ था. इसके बाद मरीज की नाक की जांच की गई. उसकी इनडायरेक्‍ट लैरिंजोस्‍कोपी के दौरान पाया गया कि उसकी नाक में ब्‍लैक फंगस थी. वहीं जब ब्‍लैक फंगस को हटाकर देखा तो उसके नीचे व्‍हाइट फंगस भी थी.

डॉ. जैन कहते हैं कि उस मरीज में म्‍यूकरमाइकोसिस सिर्फ नाक तक नहीं नहीं बल्कि ब्रेन तक पहुंच चुकी थी. डॉक्‍टरों ने मरीज की सर्जरी करने के बाद उसे एंटी फंगल दवाएं दीं. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. जैन कहते हैं कि इससे पहले एक महिला का ब्रेन कल्‍चर टेस्‍ट कराया था तो उसमें भी दोनों फंगस मौजूद मिली थीं. उसकी भी सर्जरी की गई और फंगस को बाहर निकाला गया था. हालांकि चिंता की बात यह है कि अब दोनों बीमारियों के एक साथ मिलने के मामले सामने आने लगे हैं.

ये हैं लक्षण, मरीज रखें ध्‍यान

डॉ. निशेष जैन कहते हैं कि मरीज में दोनों फंगस एक साथ होने का पता जांच से ही लगाया जा सकता है लेकिन अगर मरीज में ब्‍लैक फंगस या व्‍हाइट फंगस के नीचे दिए गए ये लक्षण हैं तो उसे चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए.

. नाक लगातार बंद हो,  नाक में से अगर बदबू आ रही है और लग रहा है कि कुछ जमा हुआ है और पूरी तरह नहीं निकल रहा है. या फिर काला-काला पदार्थ निकल रहा है तो उसकी जांच जरूरी है.

. ब्‍लैक या व्‍हाइट फंगस होने पर नाक में जमाव के साथ ही हल्‍का बुखार भी रह सकता है.

. भूख भी लगना कम हो जाती है.

. इसके साथ ही सिर में दर्द और आंखों में लालिमा के साथ सूजन भी हो सकती है.

. शरीर के जोड़ों में दर्द होने लगता है. तेज उल्टियां भी हो सकती हैं.

. अगर फंगस का असर ब्रेन तक पहुंचा तो सोचने विचारने की क्षमता पर असर दिखता है. मरीज जल्दी फैसला नहीं ले पाता और बोलने में भी दिक्कत होने लगती है.

.  मरीज की त्‍वचा पर छोटे-छोटे फोड़े निकल रहे हों और नाक में पपड़ी जैसा जमावा हो तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं.

दिल्‍ली के पूर्व कमिश्नर युद्धवीर सिंह डडवाल का निधन, काफी समय से चल रहे थे बीमार

डडवाल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पुलिस अधीक्षक रहे थे.

Yudhveer Singh Dadwal: दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के पूर्व कमिश्नर युद्धवीर सिंह डडवाल का निधन हो गया है. वह 2007 में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बने थे. जबकि उन्‍हें वाईएस डडवाल के नाम से भी जाना जाता था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 11:54 IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली के पूर्व कमिश्नर रहे युद्धवीर सिंह डडवाल (Yudhveer Singh Dadwal) का निधन हो गया है. उन्‍होंने अपनी आखिरी सांस बुधवार को ली. जानकारी के मुताबिक, डडवाल काफी समय से बीमार थे और कुछ दिन पहले उनको अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. हालांकि निधन के वक्‍त वह अपने साउथ दिल्‍ली के घर पर ही थे. डडवाल 1974 बैच के आईपीएस अफसर थे और 2007 में दिल्ली पुलिस कमिश्नर (Delhi Police Commissioner) बने थे. बता दें कि 1978 में दिल्ली पुलिस द्वारा नई रैंकिंग प्रणाली शुरू किए जाने के बाद से वाईएस डडवाल 16वें पुलिस कमिश्नर थे. जबकि वह एसएसबी के डीजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे.

14 अक्टूबर 1951 को जन्मे डडवाल इतिहास में स्नातकोत्तर थे. जबकि दिल्‍ली में 1980 में कमिश्नर की जिम्‍मेदारी मिलने से पहले वह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पुलिस अधीक्षक रहे थे. वहीं, उनको 1993-1995 के दौरान केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुलिस महानिरीक्षक की जिम्‍मेदारी मिली थी. इसके अलावा डडवाल को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक और कैथिन सेवा पदक से चार बार सम्मानित किया गया था.

किरण बेदी के इस्‍तीफे से लेकर बाटला हाउस मुठभेड़ तक
युद्धवीर सिंह डडवाल ने दिल्‍ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर केके पॉल के रिटायर होने के बाद दिल्‍ली की कमान संभाली थी. जबकि उनको बेहद ही सख्त छवि का पुलिस कमिश्नर माना जाता था, क्योंकि वह लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को माफ नहीं करत थे.

खबरों के मुताबिक, वाईएस डडवाल के दिल्ली पुलिस कमिश्वर बनाए जाने से नाराज होकर ही किरण बेदी ने वीआरएस ले ली थी. इसके अलावा उन्‍होंने इशारों-इशारों में तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला था. वहीं, डडवाल ही दिल्ली में साल 2008 के सीरियल ब्लास्ट के दौरान कमिश्नर थे. जबकि उनके कार्यकाल में 2010 में जामा मस्जिद के पास हमला हुआ था, तो उनके कार्यकाल में ही बाटला हाउस मुठभेड़ भी हुई थी.

Delhi की आबोहवा को बेहतर बनाने की योजना, सड़कों-फ्लाईओवर पर बढ़ेगी हरियाली

हरियाली व‍िकस‍ित करने की द‍िशा में फ्लाईओवर और सड़कों को च‍िन्‍ह‍ित क‍िया जा रहा है. (File photo)

Delhi Government: वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार जहां 'विंटर एक्शन प्लान' पर काम करने की तैयारी में अभी से जुट गई है. वहीं, सरकार ने राजधानी की आबोहवा को और ज्यादा अनुकूल बनाने के लिए अलग से योजना तैयार की है. इस योजना के तहत दिल्ली की सड़कों और फ्लाईओवर को न केवल खूबसूरत बनाया जाएगा बल्‍क‍ि हरियाली को बढ़ाने पर खास बल द‍िया जाएगा. सेंट्रल वर्ज पर भी हरियाली बढ़ाने का काम क‍िया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 11:20 IST
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नई द‍िल्‍ली. दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) जहां ‘विंटर एक्शन प्लान’ पर काम करने की तैयारी में अभी से जुट गई है. वहीं, सरकार ने राजधानी की आबोहवा को और ज्यादा अनुकूल बनाने के लिए अलग से योजना तैयार की है. इस योजना के तहत दिल्ली की सड़कों (Roads) और फ्लाईओवर (Flyover) को न केवल खूबसूरत बनाया जाएगा बल्‍क‍ि हरियाली को बढ़ाने पर खास बल द‍िया जाएगा. सड़कों के दोनों किनारों के अलावा सेंट्रल वर्ज (Central Verge) पर भी हरियाली बढ़ाने का काम क‍िया जाएगा. खाली जमीन पर कहीं पर भी गैप को नहीं छोड़ा जाएगा. पीडब्ल्यूडी इस काम को यूटीपैक की गाइडलाइंस के हिसाब से कर रही है.

बताते चलें क‍ि हर साल द‍िल्‍ली में व‍िंटर सीजन (Winter Season) में आबोहवा इतनी खराब हो जाती है क‍ि लोगों का घरों से न‍िकलना मुश्‍क‍िल हो जाता है. साथ ही फेफड़ों (Lungs) से संबंध‍ित बीमार‍ियां भी तेजी से सामने आने लगती हैं. स्‍मॉग (Smog) की चादर इस कद्र छा जाती है जोकि वायु प्रदूषण (Air Pollution) के लेवल को खतरनाक से खतरनाक स्‍थ‍ित‍ि में पहुंचा देती है. ऐसे में इन सभी समस्‍याओं को देखते हुए द‍िल्‍ली की हरियाली को बढ़ाने के ल‍िए सड़कों और फ्लाईओवरों का चयन क‍िया है.

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इस योजना के तहत दिल्ली सरकार (Delhi Government) सड़कों व फ्लाईओवरों पर हरियाली को और बेहतर बनाएगी. इसके ल‍िए सरकार ने फ्लाईओवर जहां हरियाली कम है, कुछ की पहचान कर भी ली है. दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने इस द‍िशा में कार्य करना शुरू कर द‍िया है. पीडब्लूडी ने ऐसे फ्लाईओवरों पर काम भी करना शुरू कर दिया है. व‍िभाग की ओर से सड़कों के दोनों किनारे के अलावा सेंट्रल वर्ज पर भी हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जा है.

खाली जमीन का भी नहीं छोड़ा जाएगा गैप
इन सड़कों और फ्लाईओवर पर ग्रीन कवर (Green Cover) को बढ़ाने हुए इस बात का भी व‍िशेष ख्‍याल रखा जा रहा है क‍ि खाली जमीन का गैप भी नहीं छोड़ा जाए. अच्‍छी बात तो यह है क‍ि पीडब्‍लूडी इस योजना पर यूटीपेक की ओर से जारी द‍िशान‍िर्देशों के तहत काम कर रहा है.

इन फ्लाईओवरों के ल‍िए जारी क‍िए टेंडर
पीडब्‍लूडी अध‍िका‍र‍ियों की माने तो इसको लेकर न‍िव‍िदाएं भी आवंट‍ित कर दी गई हैं. व‍िभाग की ओर से बी-एवेन्यू फ्लाईओवर, अफ्रीका एवेन्यू फ्लाईओवर, मुनिरका फ्लाईओवर, आईआईटी फ्लाईओवर, पंचशील फ्लाईओवर, चिराग दिल्ली फ्लाईओवर और मसूदपुर फ्लाईओवर आदि के लिए टेंडर आवंटित कर दिए गए हैं.

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सड़कों व फ्लाईओवरों पर हर‍ियाली को 100 फीसदी करने की योजना
व‍िभाग का कहना है क‍ि सरकार सभी सड़कों और फ्लाईओवरों पर हरियाली को 100 फीसदी करने की दिशा में काम कर रही है. पीडब्ल्यूडी फ्लाईओवरों और सड़कों पर कोई गैप नहीं छोड़ेगा, ताकि धूल उड़ने की किसी भी संभावना को कम किया जा सके. सड़कों पर जहां-जहां धूल उड़ने की संभावना है, वहां पौधरोपण किया जाएगा. पेड़ के नीचे खाली भूमि पर भी घास और ग्राउंड कवर लगाए जाएंगे. यह प्रदूषण की समस्‍या को कम करने की द‍िशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

सीएम ने पीडब्‍लूडी अफसरों को द‍िए थे हर‍ियाली बढ़ाने के न‍िर्देश
इस बीच देखा जाए तो द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरव‍िंद केजरीवाल ने द‍िल्‍ली में प्रदूषण की समस्‍या को कम करने के ल‍िए हर‍ियाली बढ़ाने के अध‍िकार‍ियों को न‍िर्देश द‍िए गए थे. इन सभी न‍िर्देशों का अनुपालन करते हुए पीडब्‍लूडी ने इस द‍िशा में और बेहतर काम करना शुरू कर द‍िया है. इस बात पर व‍िशेष बल द‍िया जा रहा है क‍ि हर‍ियाली को और क‍िस तरह से बढ़ाया जा सकता है.

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पीडब्‍लूडी कर रहा है इसको लेकर सर्वे
पीडब्‍लूडी की ओर से ऐसी जगहों का पता लगाने के ल‍िए सर्वे क‍िया जा रहा है क‍ि कहां पर ग्रीन कवर को व‍िकस‍ित क‍िया जा सकता है. व‍िभाग उन सभी खाली जगहों को च‍िन्ह‍ित करने में जुटा है जहां पर हरियाली व‍िकस‍ित करने की द‍िशा में काम क‍िया जा सकता है. ऐसे फ्लाईओवर और सड़कों के बीच भी जगह को च‍िन्‍ह‍ित क‍िया जा रहा है जहां पर हर‍ियाली नहीं है.

हरियाली बढ़ाने के लिए कई तरह की झाड़ियां, बोगन बेलिया, कनेर, क्लीएंड्रा और पेड़ आदि लगाने की योजना पर काम क‍िया जा रहा है. फ्लाईओवर के नीचे मधुमालती लता को विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इस लता को फ्लाईओवर के पिलर के साथ तैयार किया जाता है जो पिलर के साथ फ्लाईओवर की रेलिंग तक भी पहुंचती है.

नोएडा में रहने वालों, खुश होइए कि आप शुद्ध हवा में ले रहे हैं सांस! ये है आज की AQI रिपोर्ट


बारिश से शुद्ध हुई नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा.

Noida News: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) में जबरदस्‍त सुधार हुआ है. प्रदूषण विभाग के मुताबिक, दोनों जगह रहने वाले लोग लगातार दो दिन से शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 11:02 IST
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हिमांशु शुक्‍ला 

नोएडा. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहते हुए ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब यह खबर मिले कि आपके आसपास के वातावरण की हवा साफ है. इस हवा में प्रदूषण (Air Pollution) फैलाने वाले धूल-कणों और हानिकारक गैसों की मात्रा कम हो गई है. प्रदूषण विभाग हवा की गुणवत्ता यानी AQI को लेकर नियमित तौर पर जो आंकड़े जारी करता रहता है, वह सामान्य है. लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण कम होने और हवा की गुणवत्ता सुधरने की कई रिपोर्ट्स आई थी. एक अर्से बाद आज फिर ऐसी रिपोर्ट आई है. प्रदूषण विभाग ने गुरुवार को गौतम बुद्ध नगर जिले की AQI का जो आंकड़ा जारी किया, वह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाने वाला है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है. रुक-रुककर ही सही इस बारिश ने न सिर्फ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, बल्कि प्रदूषण को भी कम कर दिया है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग के आंकड़ों पर ताज्जुब ही करें, लेकिन यह फैक्ट है कि दो दिनों की बारिश से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण काफी कम हो गया है. इतना कि यहां की हवा की गुणवत्ता में काबिल-ए-गौर सुधार दिखने लगा है.

विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बारिश के बाद नोएडा का AQI जहां 61 दर्ज किया गया है, वहीं ग्रेटर नोएडा में AQI का आंकड़ा 62 है. इन आंकड़ों ने गौतम बुद्ध नगर जिले को ग्रीन जोन में पहुंचा दिया है. यानी आप पिछले दो दिनों से शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं.

बता दें कि नोएडा में चार सब स्टेशन और ग्रेटर नोएडा में 2 सब स्टेशन हैं, जिसमें AQI दर्ज होता है. नोएडा में सेक्टर 62 का एक्‍यूआई 87, सेक्टर 125 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 54, सेक्टर 1 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 55 और सेक्टर 116 सब स्टेशन का एक्‍यूआई 48 दर्ज किया गया है. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क- III का सब स्टेशन काम नहीं कर रहा और नॉलेज पार्क IV का एक्‍यूआई 62 दर्ज किया गया है. दरअसल, मानसून भी जाते-जाते दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है.

OMG! दिल्ली पुलिस के हेड कांस्‍टेबल से रेड लाइट पर युवती ने लूटा मोबाइल, स्पोर्ट्स बाइक पर बैठकर हुई फुर्र

प्रदूषण पर काबू के लिए हो रहा ये काम
एक तरफ बारिश की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का प्रदूषण कम रहो रहा है, तो विभाग ने प्रदूषण रोकने के लिए डीएनडी एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में शहर का पहला वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर (एपीसीटी) लगाने का प्रयास चल रहा है. इसे भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) एपीसीटी लगाएगी. जबकि इसके संचालन खर्च में भेल और नोएडा प्राधिकरण की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होगी. जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में लगने वाला एपीसीटी करीब 20 मीटर ऊंचा होगा. इसे हरिद्वार प्लांट में तैयार किया जा रहा है और प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद यह करीब दो महीने में तैयार हो जाएगा.

OMG! दिल्ली पुलिस के हेड कांस्‍टेबल से रेड लाइट पर युवती ने लूटा मोबाइल, स्पोर्ट्स बाइक पर बैठकर हुई फुर्र

दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है.

Mobile Snatching in Delhi: दिल्‍ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में रेड लाइट पर दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के हेड कांस्‍टेबल के साथ लूटपाट का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, इस घटना को स्पोर्ट्स बाइक पर सवार लड़की ने अंजाम दिया. जबकि लड़का बाइक चल रहा था. पुलिस ने केस दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है.

  • News18.com
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 10:19 IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके से ड्यूटी करके लौट रहे दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के हेड कांस्‍टेबल के साथ लूटपाट का मामला सामने आया है. हैरानी की बात ये है कि कांस्‍टेबल को ट्रैफिक सिग्नल (Traffic Signal) पर स्पोर्ट्स बाइक पर सवार लड़की ने लूटा है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी लड़की स्पोर्ट्स बाइक पर पीछे बैठी थी और लड़का उसे चला रहा था. जबकि मोबाइल स्नैचिंग (Mobile Snatching) की वारदात को अंजाम देकर दोनों रेड लाइट को तोड़ते हुए फर्राटा भरते हुए फरार हो गए.

दिल्‍ली पुलिस के मुताबिक, लूटपाट की यह घटना 52 वर्षीय हेड कांस्‍टेबल सुरेंद्र कुमार सिंह के साथ हुई है, जो कि अपने परिवार के साथ सेक्टर 6 पॉकेट-1 नरेला में रहते हैं. वह इन दिनों पार्लियामेंट स्ट्रीट सर्किल की ट्रैफिक यूनिट में हैं. वहीं, पुलिस ने कहा कि यह सब इतनी फुर्ती से अंजाम दिया गया कि सुरेंद्र कुमार सिंह को भी संभलने का मौका नहीं मिला. इस घटना के बाबत नरेला इंडस्ट्रियल थाने में केस दर्ज कराया है. जबकि पुलिस सीसीटीवी की मदद से बाइक सवार लड़के और लड़की को खोज रही है.

रेड लाइट पर हुई लूटपाट
पुलिस के मुताबिक, हेड कांस्‍टेबल सुरेंद्र कुमार सिंह ड्यूटी पूरी करके अपने घर वापस बाइक लौट रहे थे. वह राजा हरिश्चंद्र अस्पताल की ट्रैफिक सिग्नल (रेड लाइट) पर खड़े थे और मोबाइल फोन उनकी शर्ट की जेब में रखा था. वहीं, इस बीच रेड लाइट पर एक लड़का और एक लड़की बाइक पर आए. वह दोनों हेड कांस्‍टेबल के पास रुके और लड़की ने फुर्ती दिखाते हुए जेब से मोबाइल खींच लिया. इसके बाद दोनों तेज रफ्तार से बाइक को दौड़ाते हुए रेड लाइट को तोड़कर फरार हो गये.

पुलिस के मुताबिक, जिस बाइक से इस घटना को अंजाम दिया गया, उस पर नंबर प्‍लेट नहीं थी. वहीं, किसी दूसरे राहगीर से लेकर हेड कांस्‍टेबल सुरेंद्र कुमार सिंह ने स्‍थानीय पुलिस को सूचना दी. वहीं, सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लूटपाट का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि पुलिस रेड लाइट पर अपने जवान के साथ हुई इस घटना से हैरान है.

मौत सामने होने के बाद भी 'बेखौफ' पार कर रहे रेलवे पटरियां, दिल्‍ली में 9 महीने में 358 मौतें, जानें कहां है बुरा हाल

दिल्‍ली में रेलवे पटरियां पार करते वक्त 9 महीने में 358 मौतें.

Death on Railway Tracks: दिल्‍ली में रेलवे पटरियों को पार करते हुए पिछले 9 महीने में 350 से ज्‍यादा लोग जान गंवा चुके हैं. इस दौरान सब्‍जी मंडी और सराय रोहिल्ला पर सबसे अधिक मौतें हुई हैं. यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के सामने असली चुनौती मृतकों की पहचान करना है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 08:59 IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में रेलवे पटरियों (Railway Tracks) को पार करते वक्त होने वाली दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 15 सितम्बर तक 358 लोगों की मौत (Death) हुई है, जिनमें अधिकांश पुरुष हैं. वहीं, सबसे अधिक 78 मौत दिल्‍ली के सब्जी मंडी इलाके में रेल पटरियों को पार करते हुई हैं. यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस के सामने असली चुनौती पटरी पार करते समय जान गंवाने वालों की पहचान करना है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष गत 15 सितम्बर तक रेलवे पटरियों को पार वक्त 358 व्यक्तियों की जानें गई हैं, इनमें 329 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल हैं. रेलवे पटरियों को पार करते वक्त मौत के मुहं में समाने वालों ज्यादातर फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स और रेलवे पटरियों के निकट बसी झुग्गी बस्तियों के निवासी होते हैं.

पुलिस के आंकड़े के अनुसार, दिल्‍ली के शव सब्जी मंडी के निकट पटरियों से सबसे अधिक 78 और सराय रोहिल्ला से 75 शव बरामद किए गए हैं. जबकि दिल्ली कैंट से 65, हजरत निजामुद्दीन से 51 और पुरानी दिल्ली से 50 शव मिले हैं. इसके अलावा आनंद विहार और नई दिल्ली के निकट स्थित पटरियों से क्रमश: 32 और 8 शव प्राप्त हुए हैं.

अब तक सिर्फ 257 शवों की हुई पहचान
अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर बार पटरियों पर शव सुबह या शाम को मिलते हैं, क्योंकि इन पटरियों को पार करके या उसके साथ-साथ सुबह कामगार फैक्ट्री जा रहे होते हैं या शाम को घर लौट रहे होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 257 शवों की पहचान की गई है, लेकिन 102 शवों की पहचान नहीं की जा सकी. इनमें से एक ही आत्महत्या का मामला था.

मौत के डर के बाद भी क्‍यों पार कर रहे पटरियां?
गत मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास कम से कम 50 स्कूली बच्चे रेलवे पटरियां पार करके घर लौटते देखे गए. जबकि कुछ मीटर की दूरी पर एक फुट ओवरब्रिज भी मौजूद है. एक अधिकारी ने कहा कि इस इलाके में कम से कम 6 स्कूल हैं. हर सुबह, बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए पटरियां पार करते हैं.

इसके अलावा पटरियां पार करने वालों में शामिल आशीष (40) ने बताया कि पिछले 30 साल से मैं इन पटरियों को पार करके जाता रहा हूं. यहां हर कोई इसी तरह से पटरियां पार करता है. अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने नांगलोई रेलवे स्टेशन पर पिछले माह अवैध तरीके से घुसने के 20 से अधिक मामले दर्ज किए हैं. हालांकि इंडियन रेलवे एक्ट 1989 के तहत अवैध तरीके से पटरियां पार करना जुर्म की श्रेणी में आता है और इस पर 1000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. इस गलती के लिए 6 महीने की सजा और साथ में 1000 रुपये जुर्माना या कारावास और दोनों एक साथ भुगतना पड़ सकता है.

दिल्ली के 124 टोल गेट्स पर SMCD ने बढ़ाई सख्ती, यह टैग न होने पर लग रहा 500 रुपये का जुर्माना, जानें बचने का तरीका

 दक्षिणी नगर निगम ने बिना आरएफआईडी टैग वाले वाहनों पर बैन लगा दिया है.

Dehli Challan News: दक्षिणी नगर निगम (South MCD) ने दिल्‍ली के 124 टोल नाकों (Toll Gates) पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) से प्रवेश न करने पर 966 वाहनों का चालान काटने के साथ नोटिस जारी किया है. बिना आरएफआईडी टैग वाले वाहनों से 500 रुपये जुर्माना वूसला जा रहा है.

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  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 08:12 IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली के दक्षिणी नगर निगम (South MCD) ने दिल्‍ली के 124 टोल नाकों (toll gates) पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (Radio Frequency Identification Device) से प्रवेश न करने पर 966 वाहनों पर कार्रवाई की है. इनमें दिल्‍ली के अलावा उत्‍तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्‍तराखंड, पंजाब, नागालैंड और मध्‍य प्रदेश के वाहन शामिल हैं. निगम ने न सिर्फ वाहनों के चालान किए हैं बल्कि नोटिस भी जारी किया है. इस बारे में दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सुर्यान (SDMC Mayor Mukesh Suryan) ने कहा कि चालान और नोटिस के अलावा दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों को संबंधित परिवहन विभाग से उनका परमिट रद्द करने की सिफारिश की है.

इसके साथ उन्‍होंने कहा कि आरएफआईडी टैग न लगवाने वाले वाहनों का 500 रुपये का चालान काटा जा रहा है और दक्षिण नगर निगम ने अब बिना टैग वाले व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बैन कर दिया है. इसके अलावा दक्षिण नगर निगम महापौर मुकेश सुर्यान ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के सभी टोल नाकों पर आरएफआईडी व्यवस्था की गयी है. इसके साथ टोल की वसूली के अलावा पर्यावरण शुल्क टैग द्वारा ही वसूलने का आदेश दिया था.

दिल्‍ली में यहां मिल सकता है आएफआईडी टैग
राजधानी दिल्‍ली में कई जगह आएफआईडी टैग की व्‍यवस्‍था है, जिसमें कालिंदी कुंज, आया नगर, बदरपुर, टीकरी, केजीटी, डीएनडी, गाजीपुर मैन, लोनी मैन, न्यू कौंडली, ओल्ड शाहदरा, मंडोली मैन, लामपुर, सोनिया विहार, ढांसा मैन और पालम विहार शामिल हैं.

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ऐसे करें रिचार्ज
यही नहीं, दक्षिण नगर निगम ने 39 टोल नाकों पर पीओएस मशीन के माध्यम से आरएफआईडी देने और रिचार्ज करने की व्यवस्था की है. इसके अलावा अगर वाहन चालक आनलाइन रिचार्ज करना चाहते हैं, तो वह निगम की वेबसाइट https://ecctagsdmc.com के माध्यम से भी रिचार्ज कर सकते हैं. साथ ही दक्षिण नगर निगम के महापौर ने कहा कि अगर वाहन चालक फाइन से बचना चाहते हैं, तो आरएफआईडी को रिचार्ज करके रखें. यही नहीं, वह जब भी टोल नाकों से गुजरें तो टोल जरूर अदा करें.

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दिल्‍ली-एनसीआर में जारी रहेगी बारिश.

Delhi-NCR Weather Forecast: दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में इस साल जमकर बारिश (Rain) हुई है और यह दौर अभी जारी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी गुरुवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि शुक्रवार के लिए ‘ग्रीन’ अलर्ट, तो शनिवार और रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान दिल्‍ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत आसपास के इलाके में जमकर बारिश होगी.

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  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 07:03 IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में (Delhi-NCR Weather News) में इस साल जमकर बारिश (Rain) हुई है. वहीं, अभी कुछ और दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि शुक्रवार को ग्रीन, तो शनिवार और रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. यही नहीं, इस दौरान दिल्‍ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत आसपास के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्‍यम से हल्‍की बारिश होने की संभावना है.

वहीं, मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पूर्वी यूपी , पश्चिमी राजस्थान,  मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तमिलनाडु , पुड्डुचेरी और केरल के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. यहां मध्यम से भारी बारिश तक होने के आसार हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश का दौर रविवार तक जारी रहेगा. इसके बाद सोमवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर जमकर बारिश होगी. इसके बाद मानसून के वापस होने की संभावना है.

दिल्‍ली में इस बार बारिश बना रही रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बेहतर मानसून के कारण दिल्ली में अब तक करीब 1170.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो 1964 के बाद से सबसे अधिक और अब तक की तीसरी सर्वाधिक बारिश है. 1975 में 1,155.6 मिमी और 1964 में 1190.9 मिमी बारिश हुई थी. वहीं, अब तक की सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 1933 में हुई 1,420.3 मिमी वर्षा का है.

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25 सितंबर होती है मानसून की वापसी की तारीख
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून की अनुमानित वापसी की तारीख 25 सितंबर होती है, लेकिन इस बार यह 29 सितंबर तक वापस होगा. जबकि आज यानी गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है.

Petrol Price Today: लगातार 18वें दिन नहीं बढ़ें पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अपने शहर का भाव?

चेक करें पेट्रोल डीजल के नए रेट

सरकारी तेल कंपनियों ने आज गुरुवार को लगातार 18वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं. आज दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 101.19 रुपये है.

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  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 06:52 IST
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नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-diesel price today) में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने आज गुरुवार को लगातार 18वें दिन कीमतें स्थिर रखी हैं. आपको बता दें कि बीते 5 सितंबर को तेल कंपनियों ने 15 पैसे की कटौती की थी. इसके बाद से कीमतों में न कोई वृद्धि हुई है और न ही किसी तरह की राहत मिली है.

IOCL के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 101.19 रुपये और डीजल की कीमत 88.62 रुपये प्रति लीटर है. हालांकि पिछले दिनों से उम्मीद की जा रही थी कीमतों में कमी की जा सकती है.

GST में शामिल नहीं होगा पेट्रोल-डीजल
वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की शुक्रवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई फैसले किए गए हैं. मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा, “पेट्रोल और डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करने का यह सही समय नहीं है. रेवेन्यू से जुड़े कई मुद्दों पर इसके लिए विचार करना होगा. बैठक के दौरान इन पर चर्चा नहीं हुई.

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पेट्रोल डीजल का भाव (Petrol Diesel Price on 23 September 2021)
>> दिल्ली पेट्रोल 101.19 रुपये और डीजल 88.62 रुपये प्रति लीटर
>> मुंबई पेट्रोल 107.26 रुपये और डीजल 96.19 रुपये प्रति लीटर
>> चेन्नई पेट्रोल 98.96 रुपये और डीजल 93.26 रुपये प्रति लीटर
>> कोलकाता पेट्रोल 101.72 रुपये और डीजल 91.84 रुपये प्रति लीटर
>> नोएडा पेट्रोल 98.52 रुपये और डीजल 89.21 रुपये प्रति लीटर
>> जयपुर पेट्रोल 108.17 रुपये और डीजल 97.76 रुपये प्रति लीटर
>> भोपाल पेट्रोल 109.63 रुपये और डीजल 97.43 रुपये प्रति लीटर
>> बेंगलुरु पेट्रोल 104.70 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर
>> लखनऊ पेट्रोल 98.30 रुपये और डीजल 89.02 रुपये प्रति लीटर
>> पटना पेट्रोल 103.79 रुपये और डीजल 94.55 रुपये प्रति लीटर

इस तरह चेक करें अपने शहर का रेट्स
देश की तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनी HPCL, BPCL और IOC आप सुबह 6 बजे के बाद पेट्रोल डीज़ल के नए रेट जारी करती है. नए रेट्स के लिए आप वेबसाइट पर जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, मोबाइल फोन पर SMS के जरिए भी रेट चेक कर सकते है.

आप 92249 92249 नंबर पर SMS भेजकर भी पेट्रोल डीजल के भाव के बारे में पता कर सकते हैं. आपको RSP<स्पेस> पेट्रोल पंप डीलर का कोड लिखकर 92249 92249 पर भेजना पड़ेगा. अगर आप दिल्ली में हैं और मैसेज के जरिये पेट्रोल डीजल का भाव जानना चाहते हैं तो आपको RSP 102072 लिखकर 92249 92249 पर भेजना होगा.

आदेश गुप्ता का तंज- उत्तराखंड में जब्त हो जायेगी AAP की जमानत, दिल्ली के युवाओं को दे रहे हैं 7 साल से धोखा

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आप की केजरीवाल सरकार पर तंज कसा है.

Delhi Politics News: दिल्ली बीजेपी ने आज सीएम हाउस के बाहर बेरोज़गारी भत्ता न देने के विरोध में प्रदर्शन किया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 25 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया है. उन्हें लगातार धोखा दिया जा रहा है.

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नई दिल्ली. दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता (BJP State President Adesh Gupta) ने आप पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड में AAP की जमानत जब्त हो जायेगी. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejariwal) दूसरे राज्यों पंजाब, गोवा एवं उत्तराखंड में जाकर झूठे चुनावी वायदें कर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कर रहे हैं, ये सिर्फ चुनावी जुमले हैं. केजरीवाल को सबसे पहले ये बताना चाहिए कि पिछले 7 सालों में उन्होंने दिल्ली के 14 लाख बेरोजगार, जो उनके सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रड हैं. उनमें से कितनों को बेरोजगारी भत्ता दिया है.

आज मुख्यमंत्री आवास के बाहर दिल्ली में बेरोज़गारी भत्ता न देने के विरोध में प्रदेश भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन में गुप्ता ने कहा कि पिछले 2 सालों में सिर्फ 28 और अपने पूरे 7 सालों के कार्यकाल में केजरीवाल ने दिल्ली में मात्र 404 लोगों को रोजगार दिया है, जो उनकी असलियत है.

आशा कार्यकर्ताओं को उनके हक का पैसा नहीं दे रही
आदेश गुप्ता ने कहा कि उत्तराखंड में तो आप की जमानत जब्त होना तय है. उन्होंने केजरीवाल से सवाल किया कि आज देश के लगभग सभी राज्यों ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू किया है, जिससे कई गरीब परिवारों के आवास के सपने पूरे हो रहे हैं, लेकिन दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इसे अभी तक क्यों नहीं लागू किया है? इतना ही नहीं झूठे वायदे कर सहानुभूति बटोरने का नाटक करने वाली केजरीवाल सरकार को दिल्ली के उन गरीब लोगों को जवाब जरुर देना चाहिए, जिन्होंने अपने राशन कार्ड के लिए पंजीकरण तो करा लिए हैं. लेकिन पिछले पांच सालों से अपने राशन कार्ड बनने का इंतजार कर रहे हैं.

आदेश गुप्ता ने केजरीवाल की राजनीतिक द्वेष का शिकार हो रही आशा कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2018 में मोदी सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं का इंसेंटिव 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया था पर यह बहुत शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार आशा कार्यकर्ताओं को उनके हक का पैसा नहीं दे रही है.

युवाओं की आवाज बीजेपी हमेशा बनती रहेगी
आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार को चोर और घोटालेबाज सरकार बताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पहले जलबोर्ड घोटाला, डीटीसी घोटाला और फिर शराब नीति में करोड़ों का घोटाला कर दिल्ली के टैक्स पेयर्स के पैसें को दूसरे राज्यों में अपने चुनावी प्रचार पर खर्च कर रहे हैं. मुफ्त की बिजली तो बस एक छलावा है, जबकि वास्तविकता यह है कि 7000 मेगावाट की खपत है. जबकि 23000 मेगावाट के फिक्स चार्ज की वसूली होती है. उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार दिल्ली के पंजीकृत और गैर पंजीकृत बेरोजगार कुल 25 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं देती है तो यह प्रदर्शन एक जन आंदोलन बनेगा और दिल्ली के युवाओं की आवाज बीजेपी हमेशा बनती रहेगी.

सांसद प्रिंस पासवान केस: कोर्ट के सवाल का जवाब नहीं दे पाई आरोप लगाने वाली महिला

लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस पासवान पर कथित तौर पर लगे रेप के आरोपों पर कोर्ट में नये सिरे से सुनवाई शुरू हो गई है.

Prince Raj Rape Case: एलजेपी सांसद प्रिंस पासवान पर एक युवती ने कथित तौर पर रेप का मामला दर्ज कराया है. मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. इसके बाद सांसद प्रिंस ने राउस एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

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नई दिल्ली. लोक जन शक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस पासवान (Prince Paswan) पर कथित तौर पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला कोर्ट के सवालों का जवाब नहीं दे पाई. राउस एवेन्यू कोर्ट सांसद प्रिंस पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नये सिरे से सुनवाई कर रही है.दिल्ली की कोर्ट ने पीड़ित महिला से सवाल करते हुए कहा कि वह यह बताएं कि जो आरोप उसके द्वारा लगाए जा रहे हैं, वह कौन सी तारीख की घटना है. पीड़ित महिला के द्वारा कोर्ट में इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया गया. कोर्ट में आज की सुनवाई पूरी हो गई है और कोर्ट कल फिर इस पूरे मामले पर दोबारा सुनवाई करेगा. प्रिंस पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी राउस एवेन्यू कोर्ट के जज विकास धौल सुन रहे हैं.

असल में, इस  कथित रेप मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Petition) पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था. जज एमके नागपाल (Judge MK Nagpal) ने प्रिंस राज पासवान की अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार किया था और जज ने खुद को इस केस से अलग कर लिया था. इसके बाद मामला जिला न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित कर दिया गया था, जिस पर नये सिरे से सुनवाई शुरू हो गई है.

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था प्रिंस राज पर रेप केस
बता दें कि एक युवती ने प्रिंस राज पर कथित रूप से रेप केस दर्ज कराया है. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. जाहिर है पीड़िता का दावे में दम नजर आ रहा है. हालांकि, प्रिंस राज भी युवती के खिलाफ इसी साल 9 फरवरी को पहले ही एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं. इस एफआइआर के अनुसार प्रिंस राज ने आरोप लगाया था कि उन्हें युवती ने हनी ट्रैप के तहत फंसाया और फिर बाद में उस युवती ने अपने दोस्त के साथ एक्सटॉर्शन शुरू कर दिया. हालांकि, प्रिंस राज ने यह माना है कि उन्होंने युवती के साथ सेक्स किया था.

Jamia University की वाइस चांसलर राष्‍ट्रीय संचालन सम‍ित‍ि की मैंबर न‍ियुक्‍त, तीन साल का होगा कार्यकाल

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की वीसी प्रो.नजमा अख्तर को राष्ट्रीय संचालन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है.  (File Photo)

National Steering Committee: श‍िक्षा मंत्रालय की ओर से नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क्‍स के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति का गठन क‍िया गया है. अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) की कुलपति प्रो.नजमा अख्तर को भी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय संचालन समिति का कार्यकाल इसकी अधिसूचना की तारीख से तीन साल का होगा.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 20:23 IST
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नई द‍िल्‍ली. केंद्रीय श‍िक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की ओर से नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क्‍स के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति (National Steering Committee) का गठन क‍िया गया है. अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) की कुलपति प्रो.नजमा अख्तर (Prof. Najma Akhtar) को भी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय संचालन समिति का कार्यकाल इसकी अधिसूचना की तारीख से तीन साल का होगा.

बताया जाता है क‍ि इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति चार राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा यानी स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या, शिक्षक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा तथा राष्ट्रीय प्रौढ़ शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या की रूपरेखा विकसित करेगी.

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समिति पाठ्यक्रम सुधारों के प्रस्ताव के लिए इन चार क्षेत्रों से संबंधित एनईपी 2020 की सभी सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए स्कूली शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), शिक्षक शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी. यह समिति उपरोक्त सभी चार क्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रीय फोकस समूहों द्वारा अंतिम रूप दिए गए पोजीशन पेपर्स पर चर्चा करेगी.

इसके अलावा यह समिति नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के लिए टेक प्लेटफॉर्म पर प्राप्त स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क से इनपुट प्राप्त करेगी. सभी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा भविष्य से संबंधित क्षेत्रों पर कोविड-19 महामारी जैसी स्थितियों के निहितार्थ पर भी विचार करेगी. समिति विभिन्न हितधारकों, अर्थात राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों को शामिल करने और एनसीईआरटी की कार्यकारी समिति (EC) और शासी निकाय (GB) और शिक्षा पर केंद्रीय सलाहकार बोर्ड (CABE) की बैठकों में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा को अंतिम रूप देगी.

भारत में 2 साल से ऊपर के बच्‍चों को इस महीने से लगेगी कोरोना वैक्‍सीन

भारत में दो साल से ऊपर के बच्‍चों को अगले साल कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा.   (Image:shutterstock)

Covid Vaccine for Children: देश में 32 करोड़ बच्‍चे 12 साल से नीचे के हैं. जिनमें बड़ी संख्‍या दो साल से ऊपर वालों की है. कोरोना टीकाकरण में दो साल से नीचे के बच्‍चों को शामिल नहीं किया जाएगा. ऐसे में दो साल की उम्र पूरी कर चुके सभी बच्‍चों को टीका लगेगा.

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना के खिलाफ वैक्‍सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है. इस अभियान में बुजुर्गो और 45 साल से ऊपर के लोगों के बाद 18 साल की उम्र पार कर चुके सभी लोगों को वैक्‍सीन लगाई जा रही है. हालांकि अभी भी 18 साल से नीचे के किशोर वर्ग और बच्‍चों के वैक्‍सीनेशन (Covid Vaccination for Children) के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि देशभर में स्‍कूल खुलने और तीसरी लहर (Covid Third Wave) की आशंका के दौरान बच्‍चे कोरोना से सुरक्षित रह सकें. इस वक्‍त देश में बच्‍चों को कोविड का टीका (Corona Vaccine) लगाने के लिए वैक्‍सीन कंपनियां ट्रायल कर रही हैं.

बच्‍चों के कोविड वैक्‍सीनेशन को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में ऑपरेशनल रिसर्च ग्रुप ऑफ द नेशनल टास्‍क फोर्स फॉर कोविड-19 डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि देश में कुल 44 करोड़ बच्‍चे हैं. जिनमें से 12 साल कम उम्र के बच्‍चों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है. वहीं 12 से 17 साल के कुल 12 करोड़ बच्‍चे हैं. फिलहाल भारत में जायकोव डी (ZyCoV-D) को इसी आयुवर्ग के बच्‍चों के टीकाकरण के लिए मंजूरी मिली है. अक्टूबर में किशोर वर्ग को वैक्‍सीन लगना शुरू होने की उम्‍मीद है.

डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि देश में सबसे पहले कोमोरबिड बच्‍चों (Comorbid Children) को कोरोना का टीका लगाया जाएगा. जैसा कि बुजुर्गों और व्‍यस्‍कों के लिए फैसला लिया गया था कि जिन्‍हें पुरानी गंभीर बीमारियां हैं उन्‍हें कोविड का टीका पहले दिया गया था. ठीक उसी तरह 12 से 17 साल के बच्‍चों में भी इसी तरह प्राथमिकता तय की जाएगी. हालांकि कई वैक्‍सीन कंपनियां बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन बनाने के साथ ही ट्रायल कर रही हैं ऐसे में सिर्फ 12 करोड़ की आबादी को टीका लगने में ज्‍यादा समय भी नहीं लगेगा.

दो साल से ऊपर के बच्‍चों को जनवरी-मार्च के बीच में लगेगा टीका
डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि देश में 32 करोड़ बच्‍चे 12 साल से नीचे के हैं. जिनमें बड़ी संख्‍या दो साल से ऊपर वालों की है. कोरोना टीकाकरण में दो साल से नीचे के बच्‍चों को शामिल नहीं किया जाएगा. ऐसे में दो साल की उम्र पूरी कर चुके बच्‍चों को ही टीका लगेगा. अक्‍टूबर तक भारत बायोटेक (Bharat Biotech) सहित कई अन्‍य वैक्‍सीन के ट्रायल का परिणाम आने के बाद जहां किशोर वर्ग को टीका लगना शुरू होगा. वहीं दो साल से लेकर 12 साल तक के बच्‍चों को साल 2022 के जनवरी से मार्च महीने के बीच में टीका लगना शुरू हो जाएगा. यह सरकार का लक्ष्‍य है कि अगले साल ही पहली तिमाही से पहले-पहले दो साल से ऊपर के बच्‍चों को टीका लगाना शुरू कर दिया जाएगा.

सत्येंद्र जैन ने सभी विभाग प्रमुखों को दिए निर्देश, कहा- डेंगू रोधी अभियान में लें हिस्सा

उन्होंने कहा कि इस वर्ष सितंबर में अभी तक 87 मामले सामने आए हैं. पिछले वर्ष सितंबर में 188 मामले आए थे. (फाइल फोटो)

सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी नियंत्रण में है. साथ ही समाज तथा सरकार मिलकर कोविड उपुयक्त व्यवहार का पालन कर इन पर जीत हासिल कर सकती है.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 20:14 IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि डेंगू रोधी अभियान में हिस्सा लें, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि उनके परिसर में डेंगू लार्वा (Dengue Larvae) नहीं पनपे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक डेंगू के जितने मामले सामने आए हैं वे ‘‘नियंत्रण में हैं’’ और दिल्ली सरकार भी सतर्क है और मच्छर (Mosquito) जनित बीमारी से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

सत्येंद्र जैन ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी नियंत्रण में है और समाज तथा सरकार मिलकर कोविड उपुयक्त व्यवहार का पालन कर इन पर जीत हासिल कर सकती है. राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक हफ्ते में डेंगू के 50 से अधिक मामले सामने आए, जिससे इस वर्ष कुल मामलों की संख्या 210 से अधिक हो गई. यह जानकारी सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गई थी. इस महीने 18 सितंबर तक 87 मामले सामने आए हैं जो कुल मामलों का करीब 41 फीसदी हैं. इसमें बताया गया कि महानगर में डेंगू के कारण अभी तक किसी के मौत की खबर नहीं है.

सरकार डेंगू के कारण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है
उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष सितंबर में अभी तक 87 मामले सामने आए हैं. पिछले वर्ष सितंबर में 188 मामले और उसके पिछले वर्ष में 190 मामले सामने आए थे. उससे पहले के वर्षों में 374 (2018), 1103 (2017), 1300 (2016) और 6775 (2015) मामले सामने आए थे.’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सरकार डेंगू के कारण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे
वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि नोएडा में मलेरिया और कोविड-19 (Malaria And Covid-19) जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे के बीच अब दिमागी बुखार (Brain Fever) ने भी शहर वासियों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. जिले में इस बीमारी के तीन संदिग्ध मामले मिले हैं. हालांकि, अभी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है. बीमारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था. इसमें बुखार, मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे. इसी दौरान तीन लोगों में दिमागी बुखार के लक्षण दिखे.

(इनपुट-  भाषा)

Delhi में हर रोज न‍िकलता है 2 लाख टन E-Waste, न‍िपटान के ल‍िए बनाया ये ब‍ड़ा प्‍लान

ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क की स्थापना की जाएगी.  (फाइल फोटो)

E-Waste Management Eco-Park: द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है. दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी. मुख्‍य सच‍िव को इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति का गठन करने और DPR तैयार करने के ल‍िए सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:44 IST
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नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली में जहां गीले और सूखे कूड़े के न‍िपटारे को लेकर कई योजनाओं पर काम क‍िया जा रहा है. वहीं अब बड़ी मात्रा में द‍िल्‍ली में न‍िकलने वाले ई-कचरा (E-Waste) के न‍िपटान की मुह‍िम को भी तेज करने की कवायद की जाएगी. राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र, द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है.

द‍िल्‍ली के उप-राज्‍यपाल अन‍िल बैजल (Anil Baijal) की अध्‍यक्षता में आयोज‍ित र‍िव्‍यू मीट‍िंम में फैसला क‍िया है क‍ि ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित निराकरण, नवीनीकरण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी.

मीट‍िंग में द‍िल्‍ली के ड‍िप्‍टी सीएम मनीष स‍िसोद‍िया (Manish Sisodia), स्‍वास्‍थ्‍य एवं ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अलावा द‍िल्‍ली के मुख्य सचिव व‍िजय कुमार देव, डीडीए वीसी अनुराग जैन, और एमसीडी कम‍िश्‍नर्स भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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एलजी बैजल ने कहा कि यह अनुमान है कि दिल्ली में लगभग 2 लाख टन ई-कचरा (E-Waste) उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. उन्‍होंने कहा कि यह कचरा न केवल पर्यावरण के लिए संभावित रूप से बहुत खतरनाक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है.

इसलिए इसका स्थायी निपटान जल्द से जल्द किए जाने की बेहद आवश्यकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ई-कचरा प्रबंधन पार्क ( e-waste management park) की स्थापना इस उद्देश्‍य की पूर्ति करने की द‍िशा में बड़ा कदम होगा. यह पार्क देश में अपनी तरह का पहला पार्क होगा जोकि दूसरे राज्‍यों के ल‍िए एक उदाहरण भी पेश करेगा.

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इस दौरान व‍िचार व‍िमर्श करने के बाद यह न‍िर्णय भी ल‍िया गया है क‍ि पार्क को समयबद्ध तरीके से स्थापित किया जाए, जिसमें विभिन्न समितियां डीडीए के साथ संयोजन के रूप में उपयुक्त भूमि की पहचान, नवीनतम तकनीक और असंगठित क्षेत्र के एकीकरण के साथ-साथ कचरा संग्रहकर्ता के साथ-साथ एक उपयुक्त मॉडल की पहचान कर रही हैं.

इन सम‍ित‍ियों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय के वैज्ञानिक सलाहकार के अलावा अन्य हितधारकों के रूप में द‍िल्‍ली सरकार, डीडीए, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिन‍िध‍ि भी होंगे.

द‍िल्‍ली के मुख्‍य सच‍िव व‍िजय कुमार देव (Vijay Kumar Dev) को सलाह दी गई है क‍ि इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति (steering committee) का गठन करें. साथ ही इसके ल‍िए ड‍िटेल प्रोजेक्‍ट र‍िपोर्ट (DPR) तैयार करने के ल‍िए एक सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है. संचालन समित‍ि पार्क के चालू होने तक इस पूरी प्रक्र‍िया की न‍िगरानी करेगी.

Delhi: राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट

रेप और हत्या के मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने के मामले में  राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. (PTI)

Delhi News: रेप और हत्या के मामले में पहचान उजागर करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा नेता नवीन कुमार जिंदन ने कहा कि मैंने पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत दी थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने ने अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया.

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नोएडा. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को एक बलात्कार और हत्या के मामले में नाबालिग के परिजनों की पहचान उजागर (Reveal Identity) करने के मामले में अब तक कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) अदालत में जमा कराने के निर्देश दिए हैं. अदालत में मामले की सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर मुक़दमा दर्ज नहीं करने पर नाराज़गी जताते हुए आगामी 29 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

rahul gandhi

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) के तहत गत 14 अगस्त को बाराखंबा रोड थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर कार्रवाई के लिए नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त से गत 19 अगस्त को पुनः अनुरोध किया गया था. इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर मामले की शिकायत अदालत में की गई. इस पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट 29 सितंबर तक देने को कहा है.

शिकायतकर्ता नवीन कुमार जिंदल ने आज यहां राउस एवेन्यू अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी ही महिला विरोधी है. कांग्रेस के नेता कानून और संविधान का मजाक उड़ाना अपना अधिकार समझते हैं. राहुल गांधी के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज़ कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

दिल्ली से 17 कारतूस लेकर फ्लाइट से पटना जा रहा था शख्स, IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे यात्री के हैंडबैग से 7.53 मिमी कैलिबर की गोलियां बरामद की गईं. उन्होंने बताया कि व्यक्ति पटना के लिए इंडिगो एयरलाइंस (indigo airlines) की उड़ान में सवार होने वाला था.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:11 IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मियों ने दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Airport) पर एक यात्री को बिना अनुमति के 17 कारतूस (17 Cartridges) रखने के आरोप में पकड़ लिया. यह यात्री पटना जाने वाले विमान में सवार होने वाला था. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे यात्री के हैंडबैग से 7.53 मिमी कैलिबर की गोलियां बरामद की गईं. उन्होंने बताया कि व्यक्ति पटना के लिए इंडिगो एयरलाइंस (indigo airlines) की उड़ान में सवार होने वाला था. उन्होंने कहा कि हथियार और गोला-बारूद ले जाने पर प्रतिबंध है और चूंकि यात्री उन्हें ले जाने के लिए सरकारी अनुज्ञा नहीं दे सका. इसलिए उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया, जिसने उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. दरअसल, सीआईएसएफ को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है.

वहीं, बीते 28 अगस्त की रात को भी  इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात एयर इंटेलिजेंस यूनिट के सीमा शुल्क अधिकारियों ने उज्बेकिस्तान के दो नागरिकों को पकड़ा था, जो 951 ग्राम सोना की तस्करी की कोशिश कर रहे थे. ये दोनों यात्री ग्रीन चैनल के जरिए दुबई से भारत पहुंचे थे. सबसे दिलचस्प बात थी कि इन्होंने सोने की तस्करी के लिए एक अनोखा ही तरीका अपनाया था, जो आज से पहले शायद कभी नहीं देखा गया. दरअसल, उन दोनों उज्बेक नागरिकों में से एक ने सोने की तस्करी करने के मकसद से और अधिकारियों को चकमा देने के लिए 951 ग्राम सोने को कृत्रिम दांत के साथ ही दांत के नीचे बने खोह और धातु की एक चेन में बदल कर उसे मुंह में फिट करा दिया था. जांच के दौरान दोनों उज्बेक नागरिक सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों के चंगुल में फंस गए और फिर उन्हें पकड़ कर लिया गया.

वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था
बता दें कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आए दिन तस्करों की गिरफ्तारी होती रहती है. पिछले साल दिसंबर महीने में इस हवाई अड्डे से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि व्यक्ति करीब 75 लाख रुपये का सोना (Gold) देश में तस्करी करके लाने की कोशिश कर रहा था. सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि आरोपी पंजाब का रहने वाला है. वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

(इनपुट- भाषा)

Delhi NCR News: एक्सपर्ट से जानें, कितना जरूरी है कार-बाइक का पीयूसी सर्टिफिकेट

बेहतर सड़कों के लिए मुंडका के लोगों के सड़क पर उतरने से जाम लग गया है. (सांकेतिक फोटो)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:06 IST
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नई दिल्ली. कार (Car) और बाइक (Bike) का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) बेशक आपको एक छोटी चीज लगता हो, लेकिन इसे न रखने की लापरवाही अब आप पर भारी पड़ सकती है. अगर आपकी कार या बाइक धुंआ छोड़ रही है या उसे चलाते वक्त आपके पास पीयूसी नहीं है तो अब सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना भरने से काम नहीं चलेगा. सरकार ने जुर्माने की रकम को 10 गुना कर दिया है. इसके साथ ही 6 महीने की सजा और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) कैंसिल की सजा को भी इसमे जोड़ दिया है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने अक्टुबर में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

दिल्ली में 973 जगहों पर लगी है कार-बाइक का पीयूसी बनवाने की भीड़

दिल्ली में 1 सितंबर 2019 से संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू हो चुका है. जिसके बाद से पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर लगने वाला जुर्माना बढ़ा दिया गया है. इस संशोधन से पहले पीयूसी नहीं होने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगता था. लेकिन संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद अब 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होता है.

लेकिन इस महीने से पीयूसी को लेकर दिल्ली सरकार सख्त हो गई है. दिल्ली सरकार की चेतावनी के बाद से और जुर्माने के रूप में दस गुना बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली के सभी 973 पीयूसी केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है. इसमे सभी पेट्रोल पम्प के केन्द्र भी शामिल हैं.

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PUC नहीं है तो इंश्योरेंस भी नहीं होगा

गौरतलब रहे कि अपने एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट भी पीयूसी रखने की अनिवार्यता को लेकर एक आदेश जारी कर चुका है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बीमा कंपनियां किसी भी कार और बाइक का बीमा करते वक्त यह तय करेंगी कि आप वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी के वक्त पीयूसी पेश करें. जुलाई 2018 को देश में बढ़ते वाहन प्रदूषण पर फिक्र जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को यह निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि जब तक पीयूसी सर्टिफिकेट जमा न हो जाए तब तक वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी री-न्यू नहीं की जाए.

कार-बाइक के साथ इसलिए जरूरी है पीयूसी

रिटायर्ड एआरटीओ बीके यादव का कहना है कि कार और बाइक चलाने के लिए पीयूसी बहुत जरूरी है. पीयूसी सर्टिफिकेट वाहन मालिक को तब मिलता है जब कार या बाइक प्रदूषण कंट्रोल के सभी मानकों को पूरा करती है. इस सर्टिफिकेट का साथ में होने का यह मतलब होता है कि वाहन का प्रदूषण नियमों के अनुसार है. इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो रहा है. मौजूदा वाहन नीति के मुताबिक सभी वाहनों को पीयूसी रखना जरूरी है. नई गाड़ी के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होती है. वाहन के रजिस्‍ट्रेशन के एक साल के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत पड़ती है. यह 3 से 6 महीने तक का बनता है.

Delhi Meerut Expressway: किसानों के धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का कौन सा हिस्‍सा हो रहा है कमजोर, जानें

एनएचएआई ने लेटर लिखकर धरने को कहीं और शिफ्ट करने की अपील की है.

Delhi Meerut Expressway पर UP Gate पर किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का Maintenance नहीं हो पा रही है. इस वजह से वो हिस्‍सा कमजोर हो सकता है. इस संबंध में एनएचएआई ने कमिश्‍नर से लेकर डीएम को लेटर लिखकर धरना कहीं और शिफ्ट कराने की अपील की है, जिससे उसका मेंटीनेंस किया जा सके.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:40 IST
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नई दिल्‍ली. यूपी गेट (UP Gate) पर करीब 10 माह से किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने से दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे (Delhi Meerut Expressway) का एक हिस्‍सा कमजोर होता है. इस संबंध में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ  इंडिया (National Highways Authority of India) ने चिंता जताते हुए संबंधित जिलों के डीएम को लेटर लिखा है. जिसमें स्‍पष्‍ट किया है कि अगर धरना स्‍थल के आसपास करीब 300 मीटर में कोई  हादसा होता है तो उसकी जिम्‍मेदारी एनएचएआई की नहीं होगी.

एनएचएआई (NHAI) के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि जहां पर किसानों का धरना चल रहा है, उसके आसपास दस महीने से सड़क और पुल का रखरखाव नहीं हो पा रहा है.  इसकी वजह से एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा कमजोर हो सकता है.  इसके अलावा बरसात में जलभराव की वजह से वहां पेड़ उग आए हैं. जिनकी जड़ें नीचें की ओर पिलर और बे‍यरिंग में जा रही हैं, इसके अलावा बड़े बड़े कील ठोककर तंबू और टेंट लगाए गए हैं. इन वजह से यह हिस्‍सा  कमजोर हो सकता है.

इस मामले पर मेरठ कमिश्‍नर, गाजियाबाद और दिल्ली के शास्‍त्रीनगर जिले के डीएम को पत्र लिखकर हालात की जानकारी दी गई है और कहा है कि यदि उक्त स्थान पर कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदार एनएचएआई की नहीं होगी. उन्होंने किसान आंदोलन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कराने की अपील की है.

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान 26 नवंबर 2020 से दिल्ली बॉर्डर पर गाजीपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लगभग 300 मीटर हिस्‍से पर धरना पर बैठे हैं. टेंट-तंबू से बस्ती बनी है. इसके लिए सड़क में गड्ढे किए गए हैं. बारिश में सड़क पर पानी भरा हुआ था. इस वजह से पुल के पिलर, बेयरिंग का रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है. सामान्‍यत: हर छह माह में या फिर बारिश के बाद पुलों की जांच की जाती है, जिससे उसमें आने वाली कमी का पता चलता है, उसकी मरम्‍मत  कराई जाती है.

Greater Noida West Metro News: दिसंबर से शुरू होगा मेट्रो का काम, टेंडर निकला

ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो ट्रेन की सौगात देने की तैयारी तेज हो गई हैं. File photo

Greater Noida West Metro News: ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का यह काम पिछले साल दिवाली से शुरू होना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा. 1100 करोड़ रुपए का है ये प्रोजेक्ट.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:33 IST
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ग्रेटर नोएडा. ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का काम दिसम्बर से शुरू हो जाएगा. ठेकेदार कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. यह प्रोजेक्ट 1100 करोड़ रुपए का है. प्रोजेक्ट की डीपीआर पहले ही केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है.

मेट्रो ट्रेन शुरू होने से ग्रेनो वेस्ट भी दिल्ली-एनसीआर से जुड़ जाएगा. अभी तक इस रूट पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी आधारशिला रख सकते हैं. नया रूट करीब 15 किमी का होगा. पहले फेज में 5 मेट्रो रेल स्टेशन बनाए जाएंगे. मेट्रो ट्रेन का यह काम पहले दिवाली से शुरू होना था, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते यह योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा.

9 स्टेशन का रूट, 5 से होगी मेट्रो ट्रेन की शुरुआत

गौरतलब रहे नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मेट्रो का रूट 15 किमी का है, लेकिन शुरुआत सिर्फ 5 मेट्रो स्टेशन से होगी. सभी 5 स्टेशन सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 और ईकोटेक-12 ग्रेटर नोएडा वेस्ट को आपस में जोड़ेंगे. हालांकि इस पूरे रूट पर 9 स्टेशन तैयार होने हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होते ही वेस्ट के सेक्टर ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्‍लू लाइन से भी जुड़ जाएंगे.

Noida-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर अब नहीं लगेगा जाम, जानिए अथॉरिटी का प्लान

1100 करोड़ का है ग्रेनो वेस्ट मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट

जानकारों की मानें तो इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 11 सौ करोड़ रुपये आएगी. नोएडा सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट नॉलेज पार्क 5 तक शुरू होने वाली मेट्रो रेल का पूरा रूट एलिवेटेड होगा. लेकिन अकेले सिविल वर्क पर ही करीब 492 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वैसे इस प्रोजेक्ट को 2019 में ही मंजूरी मिल चुकी थी. इसे साल 2022 में बनकर शुरू भी हो जाना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता गया. अब इस प्रोजेक्ट का काम दिसम्बर में शुरू हो जाएगा.

अब ऑटो-ई रिक्शा से मिलने वाला है छुटकारा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होने से इसका एक बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा मेट्रो को भी मिलेगा. नोएडा के परी चौक से बड़ी संख्या में लोग वेस्ट के लिए भी सफर करते हैं, लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के चलते ऑटो और टैक्सी का सहारा लेते हैं. वेस्ट तक मेट्रो शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा होते हुए लोग वेस्ट तक का सफर करने लगेंगे.

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