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...तो क्या Delhi-NCR में पुलिस को गुमराह कर रहा था गैंगस्टर विकास दुबे!

Vikash Dubey Arrested: दिल्ली और नोएडा में उसके सरेंडर करने की चर्चाओं से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) महकमे में सरगर्मियां बढ़ गई थीं. न्यूज चैनल का हब सेक्टर 16ए में भी नोएडा पुलिस (Noida Police) ने कड़ा पहरा बिठा दिया था.

Vikash Dubey Arrested: दिल्ली और नोएडा में उसके सरेंडर करने की चर्चाओं से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) महकमे में सरगर्मियां बढ़ गई थीं. न्यूज चैनल का हब सेक्टर 16ए में भी नोएडा पुलिस (Noida Police) ने कड़ा पहरा बिठा दिया था.

Vikash Dubey Arrested: दिल्ली और नोएडा में उसके सरेंडर करने की चर्चाओं से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) महकमे में सरगर्मियां बढ़ गई थीं. न्यूज चैनल का हब सेक्टर 16ए में भी नोएडा पुलिस (Noida Police) ने कड़ा पहरा बिठा दिया था.

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 नई दिल्ली. बीते तीन दिन से तीन राज्यों की पुलिस कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) को दिल्ली-एनसीआर में तलाश कर रही थी. फरीदाबाद से तो यह खबर भी आई थी कि विकास यहां रुकने के लिए आया था. दिल्ली और नोएडा में उसके सरेंडर करने की चर्चाओं ने यहां भी पुलिस और दूसरे स्पेशल सेल की सरगर्मियां बढ़ा दी थीं. न्यूज चैनल का हब सेक्टर 16ए में भी नोएडा पुलिस (Noida Police) ने कड़ा पहरा बिठा दिया था.

विकास दुबे के मीडिया के सामने सरेंडर करने की लगातार खबरें आ रहीं थी, लेकिन जिस तरह से 8 पुलिसवालों की हत्या के आरोपी विकास ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में खुद को पुलिस के हवाले किया है, उससे तो यही लगता है कि वह दिल्ली-एनसीआर में पुलिस को गुमराह कर रहा था.

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रिश्तेदार ने क्यों कहा विकास यहां आया था?
फरीदाबाद में विकास की भाभी की बुआ रहती हैं. दो दिन पहले जब पुलिस ने फरीदाबाद में एक होटल पर छापा मारा तो यह कहानी भी सामने आई कि होटल में रुकने से पहले विकास अपनी एक रिश्तेदार के यहां भी रुका था. पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कुबूल किया कि विकास यहां आया था. पुलिस सूत्र बताते हैं कि ऐसे हालात में विकास छिपते-छिपाते 100-150 किमी से ज़्यादा का सफर नहीं कर सकता था. इसलिए फरीदाबाद से उज्जैन जाने की कहानी झूठी है. वह पुलिस को बरगला रहा था.



चप्पे-चप्पे पर फैल गई थी दिल्ली पुलिस
विकास दुबे दिल्ली के किसी कोर्ट में सरेंडर कर सकता है, यह सूचना मिलते ही यूपी पुलिस ने दिल्ली पुलिस से बात कर मदद मांगी. यह सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और उसके स्पेशल दस्ते, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने दिल्ली की सभी अदालतें और उसके आसपास के इलाकों में अपना जाल फैला दिया. बॉर्डर पर हर गाड़ी की सख्त चेकिंग होने लगी. यूपी पुलिस की एसटीएफ ने भी दिल्ली-एनसीआर में डेरा डाल दिया.
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