48 दिन से वर पक्ष कर रहा है बारातियों के लौटने का इंतजार, जाने क्यों
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48 दिन से वर पक्ष कर रहा है बारातियों के लौटने का इंतजार, जाने क्यों
झगड़े के बाद बिना शादी किए भागा दूल्हा. (प्रतीकात्मक फोटो)

बारात कानपुर (Kanpur) के चौबेपुर से बिहार के बेगुसराय (Begusarai) जिले में गई थी. बारात गई थी दुल्हन को विदा कराने के लिए, लेकिन बारातियों के संग गया दूल्हा 48 दिनों से अपनी नई ससुराल से घर नहीं लौट पाया है.

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कानपुर. कानपुर (Kanpur) से एक युवक दुल्हा बनकर बारात लेकर बिहार (Bihar) गया लेकिन विवाह के बाद भी वह 48 दिनों से नई ससुराल से अपने घर नहीं आ पा रहा है और इसका कारण है लॉकडाउन (Lockdown). लॉकडाउन हो जाने की वजह से बारात वहीं फंस गई. अब जो बाराती कानपुर से गए थे, उनके घर वाले रोज दूल्हें के घर वालों से पूछते हैं कि बारात कब वापस आएगी?

यह बारात कानपुर के चौबेपुर से बिहार गई थी. बारात गई थी दुल्हन को विदा कराने के लिए, लेकिन बारातियों के संग गया दूल्हा 48 दिनों से अपनी बिहार स्थित नई ससुराल से घर नहीं लौट पाया है. कानपुर में बरातियों के परिजन रोज सुबह दूल्हे के घर आकर ये पता करते हैं कि बारात कब वापस आएगी और उनके लोग घर कब आ पाएंगे. बारातियों के परिजन लगातार प्रशासन से भी इन लोगों को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सफलता मिलती नहीं दिख रही.

बाराती बनकर गए थे इतने लोग
चौबेपुर के करीब नगर गांव के रहने वाले मोहम्मद इम्तियाज का रिश्ता बिहार के बेगुसराय जिले के फतेहपुर गांव निवासी खुशबू से तय किया गया था. लिहाजा, इम्तियाज पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ 20 मार्च को बारात लेकर ससुराल पहुंचे. 21 मार्च को धूम-धाम से इम्तियाज का निकाह खुशबू के साथ हो गया. तय कार्यक्रम के अनुसार 22 मार्च को बारात को वापस आना था, लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण उन्हें रूकना पड़ा. इसके बाद लड़की वालों ने कहा कि अब विदाई 24 अप्रैल को होगी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी. इसी कारण कानपुर से गई एक दर्जन लोगों की बारात वही फंस गई.
बारात के लौटने का इंतजार


कानपुर में दूल्हे के घर वाले और बारातियों के घर वाले अपनों का इंतजार कर-करके थक चुके हैं. दूल्हे की बहन आफसीन ने बताया कि 23 को बारात गांव आनी थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो सका. घर पर सिर्फ महिलाएं हैं. पुरुष बारात के साथ जाने के कारण वहीं पर हैं. घर पर पैसे खत्म हो गए हैं और अब आसपास के लोगों से राशन मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है. आफसीन ने बताया कि पड़ोस से जो लोग बारात में गए थे, उनके घर के लोग रोजाना पूछने आते हैं कि बारात कब लौटकर आएगी. सभी बारात के लौटने का इंतजार कर रहे हैं.

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