अब 'नकली' हाथ भी मानेगा दिमाग का कहना, कानपुर के छात्र ने किया ये कमाल

कानपुर के छात्र ने मायो इलेक्ट्रिक आर्म (Mayo electric arm) (कृत्रिम हाथ) बनाया है, जो शरीर में उत्पन्न संचारित करंट और दिमाग के दिशा निर्देश पर काम करेगा.

Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 12, 2019, 9:30 PM IST
अब 'नकली' हाथ भी मानेगा दिमाग का कहना, कानपुर के छात्र ने किया ये कमाल
यह कृत्रिम हाथ 15 माइक्रो बोल्ट के करंट से उठता है. (सांकेतिक फोटो)
Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 12, 2019, 9:30 PM IST
दिमाग कहेगा और नकली हाथ बिल्कुल असली की तरह उसका कहना मानेगा. जी हां, सामने रखा चाय का कप उठाना हो या फिर पानी भरा गिलास, रबर और फाइबर से बना हाथ बिल्कुल उसी तरह काम करेगा जैसा वास्तविक हाथ करता है. जबकि यह करिश्मा हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (harcourt butler technical university) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र घनश्याम ने किया है. उसने मायो इलेक्ट्रिक आर्म (Mayo electric arm) (कृत्रिम हाथ) बनाया है, जो शरीर में उत्पन्न संचारित करंट और दिमाग के दिशा निर्देश पर काम करेगा.

स्प्रिंग, सर्वो मोटर, एंप्लीफायर सर्किट, माइक्रो कंट्रोलर व इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल करके बनाये गए इस कृत्रिम हाथ प्रोजेक्ट के गाइड व विभागाध्यक्ष प्रो. यदुवीर सिंह ने माया इलेक्ट्रिक आर्म का पेटेंट फाइल किया है. आपको बता दें कि कृत्रिम हाथ का मैकेनिज्म इस तरह से तैयार किया गया है कि शरीर के करंट से संचालित होता है.

प्रोजेक्ट के गाइड व विभागाध्यक्ष ने कही ये बात
प्रो.यदुवीर सिंह ने बताया कि इसे बायोनिक करंट कहते हैं. हमारा दिमाग जो निर्देश देता उसी के आधार पर ये करंट से हाथ चीजों को उठाने, रखने, दरवाजा खोलने जैसे कार्यों को करता है. शोध में पाया है कि दिमाग से हाथों को सिग्नल मिलते हैं और डिवाइस व इलेक्ट्रोनिक सर्किट के जरिये कृत्रिम हाथ इन सभी निर्देशों का पालन करता है. इस हाथ को रबर व फाइबर का इसलिए बनाया गया है, क्योंकि यह वास्तविक हाथ की तरह आसानी के साथ काम कर सके.

ऐसे बना है कृत्रिम हाथ
यह कृत्रिम हाथ 15 माइक्रो बोल्ट के करंट से उठता है. मायो आर्म में छोटे छोटे मैकेनिकल लीवर लगाए गए हैं, जिसे स्प्रिंग व सर्वो मोटर कैंप इलेक्ट्रोड व एंप्लीफायर सर्किट के साथ मिलकर चलाते हैं. शरीर के बायोनिक करंट को एंप्लीफायर पांच माइक्रो वोल्ट से लेकर 15 माइक्रो वोल्ट मे बदल देता है. पांच माइक्रो वोल्ट करंट से हाथ गिरता है और 15 माइक्रो वोल्ट के करेंट से उठता है. इसमें लगे तीन इलेक्ट्रोड अपना सिग्नल माक्रो कंट्रोलर के पास भेजते हैं और इस क्रिया के दौरान हाथ दिमाग के दिए गए निर्देश पर काम करने लगता है. गिलास उठाने,प्लेट उठाने व चीजों को उठाकर रखने में इसका इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

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First published: August 12, 2019, 7:09 PM IST
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