दिल्ली और अलीगढ़ में हिंसा के बाद कानपुर में हाई एलर्ट, भारी फोर्स की तैनाती

दिल्ली और अलीगढ़ में हिंसा के बाद कानपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

दिल्ली और अलीगढ़ में हिंसा के बाद कानपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम त्रिपाठी का कहना है कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं. मुस्लिम संगठनों व धर्मगुरुओं से भी बातचीत की जा रही है. किसी तरह का माहौल खराब न हो, इसके लिये हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं.

  • Share this:
कानपुर. दिल्ली के जाफराबाद (Zafarabad) और अलीगढ़ (Aligarh) में सीएए (CAA) के विरोध मे हुई हिंसक घटनाओं (Violence) को देखते हुए कानपुर (Kanpyr) में जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. घनी आबादी के चारों तरफ हर चौराहे और नाके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही क्षेत्राधिकारी और अन्य जिला प्रशासन के अफसरों को लगाया गया है. रैपिड एक्शन फोर्स ने संवेदनशील क्षेत्र चमनगंज, बेकनगंज, बाबूपुरवा में डीएम और एसएसपी के साथ मार्च किया. इसके अलावा पीएसी की भी कई कम्पनियों की तैनाती की गई.



आपको बता दें कि सीएए के विरोध मे कानपुर मे भी हिंसा भड़की थी, जिसमे 3 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये थे. जिसके बाद से कानपुर मे लगातार तनाव बरकरार है. अभी कुछ दिन पहले चमनगंज के भनानापुरवा मे महिलाओं ने सड़क जाम कर धरने पर बैठ गई थीं. तीन दिन तक उन्होंने सड़क को जाम रखा था. उसके बाद खुफिया ने यह रिपोर्ट दी थी कि इनको भड़काने वाले दिल्ली अलीगढ़ व लखनऊ से सम्बधित लोग हैं. यही वजह है कि दिल्ली मे भङकी हिंसा के बाद यहां पर हाई एलर्ट कर दिया गया है.



सीएए के खिलाफ महिलाओं का धरना जारी

उधर कानपुर के चमनगंज के मोहम्मद अली पार्क मे महिलाओं का धरना जारी है, दरअसल अभी तक खूफिया की सूचना के बाद भी जिला प्रशासन किसी ठोस कार्यवाही तक नही पहुंच पाया है और किसी की गिरफ्तारी नही हो पायी है कि किस वजह से महिलाएं सड़क पर उतर आयी थीं? इनकी फंडिंग कौन कर रहा है? एसएसपी अनंत देव का कहना था कि जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी, मगर कई दिन बीत जाने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हुई है.
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है



अब एसएसपी अनंत देव का कहना है कि दिल्ली और अलीगढ़ मे हिंसा के बाद कानपुर को एलर्ट मोड पर रखा गया है. अपने सभी सूत्रों को पुलिस ने एलर्ट किया है. किसी भी हालत मे शहर के महौल को खराब नही होने दिया जाएगा. वहीं जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम त्रिपाठी का कहना है कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं. मुस्लिम संगठनों व धर्मगुरुओं से भी बातचीत की जा रही है. किसी तरह का माहौल खराब न हो, इसके लिये हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं.



ये भी पढ़ें:



योगी कैबिनेट के इस फैसले के बाद VRS लेने वाले यूपी के कर्मचारियों की बढ़ी मुश्किलें



हमीरपुर: खनन घोटाले की फाइनल जांच करने पहुंची CBI टीम, हाथ लगा IAS बी चंद्रकला का अहम पत्र
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज