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उन्नाव के तालाब की मिट्टी से बनी पिच पर खेलते हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

ग्रीन

ग्रीन पार्क स्टेडियम में बीघापुर के तालाब की काली मिट्टी से तैयार की गई पिच

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    कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 25 नवंबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टेस्ट को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. स्टेडियम में कई सालों से समस्या बनी जंगली घास को साफ किया जा रहा है. वहीं, खिलाड़ियों को अभ्यास सत्र के लिए 10 काली मिट्टी की प्रैक्टिस पिचें उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि मुख्य मैदान में नौ पिचों को तैयार किया जाएगा. इन पिचों को तैयार करने में उन्नाव जिले के बीघापुर गांव से काली मिट्टी लाई गई है.ग्रीन पार्क को टेस्ट मैच की मेजबानी मिलते ही वाटर लॉगिंग, सेंड बेस के साथ मुख्य पिच व अभ्यास पिचों के रेनोवेशन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. पिच क्यूरेटर और उनके असिस्टेंट तेज़ी से इस काम को पूरा करने में लगे हुए हैं.
    कितनी भी हो बारिश नहीं भरेगा पानी
    सेंट्रल जोन और ग्रीन पार्क के सीनियर पिच क्यूरेटर शिव कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन के चलते खेल की गतिविधियां पूरी तरह से बंद थीं. इस कारण मैदान में बड़े स्तर पर मेंटेनेंस का काम भी पेंडिंग पर था. मैदान को ज्योमेट्री करेक्शन से तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में बारिश का पानी भर जाने के कारण मुसीबत झेलने पड़ी थी. इसे देखते हुए ग्रीन पार्क में ड्रेनेज सिस्टम का काम पूरा किया जा चुका है.अब कितनी भी बारिश हो जाए मैदान के किसी भी छोर पर पानी नहीं भरेगा.
    उन्नाव के तालाब की काली मिट्टी से तैयार की जाती है पिच
    शिव कुमार ने बताया कि स्टेडियम की 9 पिचों के साथ 10 अभ्यास विकेट पर टॉप ड्रेसिंग का काम किया जा रहा है. इन पिचों को तैयार करने के लिए उन्नाव जिले के बीघापुर गांव में बने तालाब की काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम के चलते ज़्यादा मात्रा में मिट्टी मिल रही है. इसके साथ ही उसकी क्वालिटी भी पहले से बेहतर है.
    2002 से पहले स्लो विकेट होने के चलते ड्रा हो जाते थे टेस्ट
    शिव कुमार ने बताया कि साल 2002 से पहले ग्रीन पार्क में जितने भी टेस्ट मैच हुए हैं, उनका ज्यादातर रिजल्ट ड्रा ही रहता था. इसका कारण यहां का स्लो विकेट था.लेकिन जब 2002 में विकेट बनाने की जिम्मेदारी मेरे पास आई, तो उसके बाद से यहां होने वाले प्रत्येक टेस्ट मैच का रिजल्ट आने लगा. कई टेस्ट मैच तो तीन दिन में ही ख़त्म हो गए. उनके मुताबिक़ आने वाले टेस्ट मैच का भी नतीजा ज़रूर निकलेगा.
    सेंड बेस से तैयार किया गया मैदान, बारिश होने पर नहीं होगा कीचड़
    पिच क्यूरेटर ने कहा कि स्टेडियम में मिट्टी के साथ उसे सेंड बेस कर दिया गया है. इसके चलते बारिश के बाद कीचड़ होने की संभावना खत्म हो जाएगी. इसके साथ मुख्य व अभ्यास पिच को भी रेनोवेट कर दिया गया है. कुछ पिचों को बल्लेबाजों के अनुरूप बनाया जा रहा है. जिसका फायदा उन्हें अभ्यास सत्र के दौरान मिलेगा. वहीं, मैदानकर्मी कई ग्रुप में जंगली घास के क्षेत्र को खोदकर उसके स्थान पर नई घास लगा रहे हैं. इसका फायदा खिलाड़ियों को मैच के दौरान फील्डिंग में मिलेगा. डाइव मारते समय उन्हें चोट नहीं लगेगी.
    न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

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