कानपुर: बीजेपी पार्षद और चौबेपुर थानाध्यक्ष में बहस के बाद हाथापाई, 7 गिरफ्तार
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कानपुर: बीजेपी पार्षद और चौबेपुर थानाध्यक्ष में बहस के बाद हाथापाई, 7 गिरफ्तार
थाना चौबेपुर

आरोप है कि बीजेपी पार्षद ने थानाध्यक्ष के साथ हाथपाई भी की. जिसके बाद पुलिस ने पार्षद व उसके समर्थकों को हिरासत में ले लिया.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) के चौबेपुर थाना (Chaubeypur Police Station) क्षेत्र में ट्रांसफर लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद जमकर हंगामा हुआ. थाने में बीजेपी पार्षद (BJP Corporator) व समर्थकों की पुलिस (Police) से जमकर झड़प हुई. पार्षद और उसके समर्थकों ने थाने में जमकर हंगाम काटा. आरोप है कि इस दौरान पार्षद ने थानाध्यक्ष के साथ हाथपाई भी की. जिसके बाद पुलिस ने पार्षद व उसके समर्थकों को हिरासत में ले लिया. हवालत में डालने के बाद पुलिस ने पार्षद सहित सात लोगों पर गम्भीर धाराओं में मामला दर्ज कर दिया.

ट्रांसफर लगाने को लेकर हुआ था विवाद

बता दें कि चौबेपुर में अमित तिवारी के घर के सामने ट्रांसफर लग रहा था. अमित ने इसका विरोध करते हुए काम बंद करा दिया. बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मामले की जानकारी चौबेपुर पुलिस को दी. सूचना पर चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और अमित को थाने ले आई. जिस पर नौबस्ता के बीजेपी पार्षद प्रशांत शुक्ला समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. थानेदार ने इसका विरोध किया तो अपने साथियों के साथ उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी. बीजेपी पार्षद ने थानेदार के साथ मारपीट की. मामला बिगड़ने पर पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में ले लिया. इसकी जानकारी स्थानीय भाजपाइयों को हुई. जिसके बाद गांव के लोगों के साथ थाने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया. जिसके बाद एकबार फिर थाने में हंगामा शुरू हो गया. सूचना पर एसपी ग्रामीण प्रद्युमन सिंह और सीओ देवेन्द्र मिश्रा मौके पर पहुंचे. उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर हंगामा कर रहे लोगों को शान्त कराया.



सभी को मुचलकों पर किया रिहा
एसपी ग्रामीण प्रद्युमन सिंह ने बताया कि चौबेपुर थाने में कस्बे के ब्रह्म नगर में ट्रांसफार्मर लगने के विवाद में अमित तिवारी ने जहां ट्रांसफर में लगाया जा रहा था उसका विरोध किया था. जिसके संबंध में बिजली विभाग द्वारा थाने से सहयोग मांगा गया था. अमित तिवारी को थाने में लाकर समझाया बुझाया गया था और उन्हें फिर छोड़ दिया गया था. उसी संबंध में प्रशांत शुक्ला जो कानपुर नगर के नौबस्ता क्षेत्र से पार्षद हैं वह अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे थे. जिसकी थाना प्रभारी से झड़प हो गई. इस संबंध में सरकारी कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. क्योंकि इसमें 7 साल से कम की सजा है और कोविड-19 चल रहा है, लिहाजा सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया. विवेचना के बाद उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.
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