कानपुर CAA हिंसा: आरोपी फैजान को भेजा गया था रिकवरी नोटिस, हाईकोर्ट ने लगाया स्टे
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कानपुर CAA हिंसा: आरोपी फैजान को भेजा गया था रिकवरी नोटिस, हाईकोर्ट ने लगाया स्टे
कानपुर हिंसा के आरोपी को मिले रिकवरी नोटिस पर स्टे.

इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने रिकवरी नोटिस पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि इसमें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिशा-निर्देशों पर अमल नहीं किया गया.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सार्वजनिक सम्पतियों के नुकसान पर भेजे गए रिकवरी नोटिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने स्टे लगा दिया है. आरोपी फैजान रिकवरी नोटिस को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

कानपुर में 20 व 21 दिसम्बर को सीएए और एनआरसी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. सार्वजनिक सम्पतियों का नुकासन भी हुआ था. इसकी भरपाई के लिये सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने आकलन कर बाबूपुरवा और यतीमखाना निवासियों को नोटिस भेजा था. इस पर बाबूपुरवा निवासी फैजान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दाखिल की थी. इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन की नोटिस में उचित जांच और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन न करने की बात कहते हुए नोटिस के क्रियान्‍वयन पर रोक लगा दी. अधिवक्‍ता अली जैदी ने बताया कि जो नोटिस जारी किए गए हैं, उसमें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है. इसलिए रोक लगा दी गई. जिला प्रशासन ने कमेटी का गठन कर सम्पति के नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया.

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि अधिकारियों ने आखिर किस तरह से सम्पतियों के नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस जारी किए हैं. वकील का यह भी कहना है कि इस तरह के नोटिसों को लेकर कई और लोग भी याचिका दाखिल कर रहे हैं. इससे सरकार को जवाब भी देना होगा कि आखिर इस मामले पर अनुमान लगा कर नोटिसों को क्यों जारी किया गय़ा.

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