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कानपुर देहात: दिखने लगा मेगा रोजगार अभियान का असर, प्रवासियों को घर के पास ही मिली नौकरी

कानपुर देहात: दिखने लगा मेगा रोजगार अभियान का असर, प्रवासियों को घर के पास ही मिली नौकरी

कानपुर देहात में अब तक 4347 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है.

कानपुर देहात में अब तक 4347 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है.

कानपुर देहात में अब तक 4347 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है. अपने घर के पास ही मां-बाप के साथ रहकर नौकरी मिलने पर श्रमिक खुश हैं और सरकार की धन्यवाद दे रहे हैं.

कानपुर देहात. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) के लिए चलाई गई रोजगार योजना (Employment Scheme) के तहत कानपुर देहात (Kanpur Dehat) में भी 50,000 से ज्यादा श्रमिकों को जल्द रोजगार मिल जाएगा. इसकी शुरुआत हो भी चुकी है. जिले की बड़ी औद्योगिक इकाई एएफ़पीएल व फ्रंटियर में कई श्रमिकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि कई अन्य को जल्द ही ऑफर लेटर देने की तैयारी है. कानपुर देहात में अब तक 4347 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है. अपने घर के पास ही मां-बाप के साथ रहकर नौकरी मिलने पर श्रमिक खुश हैं और सरकार की धन्यवाद दे रहे हैं.

दरअसल, कोरोना वायरस के फैलने के बाद पूरे देश में लॉकडाउन जब हुआ तो सबसे ज्यादा परेशानी उन श्रमिकों को हुई जो अपने परिवार और घर को छोड़कर दो वक्त की रोटी कमाने के लिए अन्य प्रदेशों की तरफ गए थे. पलायन के बाद अब अपने-अपने गांव लौट आए इन प्रवासी मजदूरों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की थी. जिसके लिए योगी सरकार ने योगी सरकार ने सबसे महत्वपूर्ण योजना चलाई. जिसके तहत सभी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में ही और रोजगार मुहैया कराया जा रहा है. इस योजना के लाभ से आभार श्रमिक अपने जिले व अपने गांव में अपने मां-बाप के साथ रहकर उनकी सेवा भी कर पा रहे हैं साथ ही वक्त की रोटी भी कमा सकेंगे. सरकार की इस योजना के बाद हर श्रमिक योगी सरकार का धन्यवाद अदा कर रहा है.

जिले की बड़ी औद्योगिक इकाईयों में मिल रहा रोजगार

जिले की बड़ी औद्योगिक इकाई में से एक एएफ़पीएल में काम कर रहे यह श्रमिक जूतों की सिलाई कर रहे हैं. इस इकाई की सप्लाई अमेरिका , स्पेन और लंदन में है. इस वक्त इस औद्योगिक इकाई में लगभग 6000 से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे हैं जो अलग-अलग शिफ्टों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाकर निडरता के साथ अपने काम को कर रहे हैं. इस इकाई में काम करने वाले एक मजदूर ने बताया कि वह अब तक हरियाणा में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए काम कर रहा था. लॉकडाउन में उसे पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा. वह अपने गांव कानपुर देहात तो लौट आया लेकिन पता नहीं था कि आखिर क्या होगा? कैसे रोजगार मिलेगा? कैसे बूढ़े मां बाप के लिए रोटी आएगी? ऐसे में सरकार की योजना के तहत रोजगार मिला.

ऐसा ही कुछ नजारा औद्योगिक इकाई फ्रंटियर में भी दिखाई दिया.  यहां रेलवे का बड़े पैमाने पर काम चलता है. यहां पर काम करने वाले अमित आज बेहद खुश हैं. क्योंकि उन्हें काम वहां मिला जहां से चंद घंटों की दूरी पर अपने घर पहुंच जाते हैं. श्रमिक खुश हैं क्योंकि रोजगार तो मिला ही मिला, अब सुबह और शाम के वक्त का खाना भी परिवार के साथ खाने का सुख मिल रहा है. श्रमिक अब दुगनी ऊर्जा से काम कर रहे हैं.

श्रमिकों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाई फ्रंटियर के मैनेजर पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकार की इस योजना का लाभ औद्योगिक इकाइयों को भी हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे जिले में हर एक काम के सबसे बेहतर कर्मचारी रहते हैं. सरकार की जो योजना है कि हर हाथ को काम और अपने ही जिले में रोजगार के बाद हमारी इकाई में भी इंटरव्यू लेने के बाद लगभग डेढ़ सौ श्रमिक की नियुक्ति हुई. 500 से अधिक का डाटा जमा है, जिनका जल्द इंटरव्यू कर उन्हें भी रोजगार मुहैया कराया जाएगा.

10,000 से ज्यादा श्रमिकों का अब तक रजिस्ट्रेशन

अगर आंकड़ों की बात करें तो जिले में 10,000 से ज्यादा श्रमिकों का अब तक रजिस्ट्रेशन हो चुका है. जिन का पूरा डाटा औद्योगिक इकाइयों के मालिकों तक पहुंच गया है. जल्द ही सरकार की योजना के तहत इस जिले में श्रमिकों को रोजगार मिलेगा. जिला उद्योग निदेशक चंद्रभान सिंह ने बताया कि सरकारी योजना के तहत हमारा उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराए जाए. औद्योगिक इकाइयों के आंकड़ों के अनुसार जिले में बड़ी और नामी कंपनियों की इकाईयां मौजूद हैं जो हजारों की संख्या में श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराएंगी.

Tags: Kanpur city news, Up news in hindi

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