बड़ा सवाल: जब विकास दुबे और पुलिस में था चोली-दामन का साथ, फिर क्यों बरसाईं गोलियां?
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बड़ा सवाल: जब विकास दुबे और पुलिस में था चोली-दामन का साथ, फिर क्यों बरसाईं गोलियां?
विकास दुबे पर गांव के लोगों की जमीनें हड़पने का आरोप भी है.

Kanpur Encounter: सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विकास दुबे के पुलिस से इतने गहरे रिश्ते थे ,उन्हीं पुलिसवालों पर इतना वहशियाना हमला क्यों किया?

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कानपुर. चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में एक सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की शहादत से जुड़े कुछ सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं. जिस दहशतगर्द विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) को पुलिस (Police) का संरक्षण प्राप्त था और उसका सियासी रसूख भी था, आखिर उसने पुलिसवालों पर गोलियां क्यों बरसाई? हत्याकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस उसे क्यों नहीं पकड़ पाई? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब तब तक नहीं मिल सकता जब तक विकास दुबे की गिरफ्तारी न हो जाये.

सवाल नंबर-1: पुलिस को मैनेज करने में माहिर विकास ने क्यों किया हमला

सबसे बड़ा सवाल तो यही है जो लोगों को मथ रहा है कि जिस विकास दुबे के पुलिस से इतने गहरे रिश्ते थे, उन्हीं पुलिस वालों पर इतना वहशियाना हमला क्यों किया? विकास दुबे का आपराधिक इतिहास और उसके बचे रहने की कहानी ये गवाही देती है कि वो एक बड़ा मैनेजर है. वह खासकर पुलिसकर्मियों को साथ लेकर चलने वाला था. दुश्मनी करता तो उसका आपराधिक सफर इतना लंबा न हो पाता. फिर भी उसने पुलिस पर ऐसे हमला किया जैसा किसी अपराधी ने कभी नहीं किया था. तो अचानक ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से उसने सबकुछ ताक पर रखकर ऐसा आत्मघाती कदम उठाया? ऐसी घटना के बाद कोई भी बच जाने की उम्मीद तो नहीं ही करेगा. वो भी तब जब वो विधायकी लड़ने की तैयारी कर रहा था. यह जगजाहिर है कि इस घटना को प्लान के तहत अंजाम दिया गया. पुलिस भी ये मानती है.



सवाल नंबर-दो: इतने क्रूर तरीके से हत्याएं क्यों?
यह मामला भी लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर विकास दुबे ने इतने क्रूर तरीके से पुलिसकर्मियों को क्यों मारा. जहां एक गोली से जान ली जा सकती थी, वहां दर्ज़नों गोली क्यों मारी गयी? सीओ बिल्‍हौर देवेन्द्र मिश्रा को गोली मारने के बाद उनके अंग-भंग क्यों किये गए? एक-एक पुलिसकर्मी को कई-कई गोली एक ही जगह मारी गयी है. मारने के बाद शवों को एक के ऊपर एक रखना क्या कोई सामान्य हत्या की ओर इशारा करती है? नहीं. वो भी तब जब हड़बड़ी हो और सामने पूरी पुलिस टीम हो. बर्बर तरीके से किसी एक व्यक्ति की तो हत्या के मामले सामने रहे हैं, लेकिन पूरे जत्थे पर ऐसा क़हर टूटे, यह सामान्य नहीं है. जानकार मानते हैं कि हमले का मकसद सिर्फ जान लेना नहीं था, बल्कि सभी पुलिसकर्मियों पर विकास दुबे ने अपना जबरदस्त गुस्सा भी निकाला.

सवाल नंबर-3: ‌हत्याकांड के बाद क्या विकास दुबे ने बनाया तगड़ा एग्जिट प्लान?

हत्याकांड के तीन दिन से ज्यादा का समय बीत चुके हैं, लेकिन विकास दुबे और उसके गुर्गे पुलिस की पहुंच से दूर हैं. लोगों में ये चर्चा आम है कि विकास दुबे को पकड़ना पुलिस के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहेगा. एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या दुबे ने घटना को अंजाम देने से पहले ही तगड़ा एग्जिट प्लान (बच निकलने की तैयारी) बनाया हुआ था? ऐसी आशंका है कि घटना में कम से कम 50 अपराधी शामिल रहे होंगे. सभी के सभी गुम हो गए हैं. इससे पता चलता है कि दुबे ने अपने साथियों सहित हत्याकांड के बाद सुरक्षित निकल जाने का प्लान पहले ही तैयार कर लिया होगा. 50 से ज्यादा CCTV उसने लगाए थे, सबकुछ लेकर गायब हो गया. सवाल बहुत हैं, लेकिन जवाब के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा, कहना मुश्किल है.
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