कानपुर शूटआउट: अपने गांव के लिए 'गब्‍बर' था विकास दुबे, पानी लेने के लिए भी लोगों को लेनी पड़ती थी इजाजत
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कानपुर शूटआउट: अपने गांव के लिए 'गब्‍बर' था विकास दुबे, पानी लेने के लिए भी लोगों को लेनी पड़ती थी इजाजत
गैंगस्टर विकास दुबे. फाइल फोटो.

कानपुर पुलिस (Kanpur Police) की जांच पड़ताल में गैंगस्टर विकास दुबे (Vikash Dubey) के कई काले कारनामों का खुलासा हुआ है, लेकिन कुए वाला किस्‍सा बेहद डरावना और खतरनाक है.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) के विकरू गांव में पुलिस हत्याकांड से हड़कंप मचा हुआ है. वहीं, 8 पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि उत्‍तर प्रदेश सरकार भी सख्‍त रुख अपना रही है. यही नहीं, इस घटना को अंजाम देने वाले गैंगस्टर विकास दुबे (Vikash Dubey) के भी नए नए कारनामे सामने आ रहे हैं. रविवार को पुलिस (Police) ने विकास दुबे के घर से भारी मात्रा में असलहा-बारूद बरामद किया है. कानपुर के एसपी देहात ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव (Brajesh Kumar Srivastava) ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान विकास दुबे के घर से बारूद, 6 तमंचे, 2 किलो विस्फोटक, 25 कारतूस और बम बनाने का सामान बरामद हुए है. वहीं, गांव के रहने वाले 82 वर्ष के श्याम स्वरूप ने बताया कि विकास बचपन से ही क्रूर था और वह जब किसी पर हमला करता था तो उस व्यक्ति को अगर बचाने कोई आता था, तो उस पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं चूकता था.

गांव के लिए 'गब्‍बर' था विकास दुबे
कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक छोटे से गांव विकरू पुलिस और बदमाशों की हुई मुठभेड़ के बाद अब कुख्यात बदमाश विकास दुबे की दबंगई के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं. जबकि विकास की दबंगई के कई सारे किस्से हैं जिसमें से एक किस्सा सबसे डराने वाला है. जी हां, यह किस्‍सा है विकास के घर के ठीक सामने बने कुए का. यह कोई मामूली कुआं नहीं है, क्योंकि इस कुए पर विकास दुबे का नाम दर्ज है और आज से 10 साल पहले जब लोगों के पास पानी की समस्या होती थी यानी जब घरों में ज्यादातर नल नहीं थे, तब हजारों की आबादी वाले इस गांव के लोग इसी कुए में बाल्टी डालकर पानी भरते और उससे अपनी प्यास बुझाते थे. हालांकि इसके लिए उन्‍हें विकास दुबे से अनुमति लेनी होती थी.


पानी लेने के लिए करनी होती थी चरण वंदना


ग्रामीणों के अनुसार हर किसी को पानी भरने से पहले विकास दुबे की चरण वंदना करनी पड़ती थी और अगर किसी ने बिना अनुमति के पानी निकाल लिया तो उसकी शामत ही आ गई. गांव वालों की मानें तो विकास ने कई बार बिना अनुमति लिए या फिर चरण वंदना किए पानी निकालने वाले कई लोगों की न सिर्फ बेरहमी से पिटाई की बल्कि कई बार तो पानी निकालने वाले को कुए में ही धकेलने का प्रयास किया था. यही वजह रही है कि उससे मिलने या फिर बहस करने से हर कोई कतराता था.

बहरहाल, चौबेपुर में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने का मुख्य आरोपी विकास दुबे की तलाश में पुलिस की साठ टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. इसके अलावा क्राइम ब्रांच और एसटीएफकी टीम भी लगाई गई है. 1500 दरोगाओं के नेतृत्व में ये टीम पूरे सूबे में भगोड़े गैंगस्टर विकास दुबे की तलाश कर रही हैं. हालांकि अभी तक पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. उधर सूत्रों की मानें तो विकास दुबे सरेंडर करने की फ़िराक में है. ऐसा वह संतोष शुक्ल मर्डर केस में कर भी चुका है. लिहाजा उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. जबकि विकास दुबे की मां ने खुलासा किया है कि वह 25 साल से यूपी के कई राजनीतिक दलों का हिस्सा रहा है, जिसमें बसपा, भाजपा और समाजवादी पार्टी शामिल हैं.
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