Kanpur Panchayat Chunav Results 2021: विकास दुबे के गांव बिकरू में लौटा लोकतंत्र, 25 साल बाद निष्पक्ष मतदान से मधु बनी ग्राम प्रधान

 25 साल बाद विकास दुबे में मतदान से चुना गया प्रधान

25 साल बाद विकास दुबे में मतदान से चुना गया प्रधान

Kanpur Panchayat Election Result s2021: बता दें 25 साल पहले विकास दुबे यहां का प्रधान बना था. जिसके बाद से वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सका. विकास दुबे जिसे चाहता था वहीं चुनाव जीता था. विकास बिकरू ही नहीं आसपास के इलाके में निर्विरोध प्रधान का चुनाव करा देता था.

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कानपुर. कानपुर (Kanpur) के बिकरू ग्राम पंचायत (Bikru Gram Panchayat) में 25 साल बाद निष्पक्ष मतदान के जरिए प्रधान का चुनाव कराया गया. बिकरू ग्राम पंचायत से मधु ने जीत दर्ज की. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बिंदु कुमार को 54 वोटों से हराया. बिकरू गांव पिछले साल तब सुर्खियों में आया जब वहां दुर्दांत विकास दुबे ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. जिसके बाद पुलिस एनकाउंटर में विकास दुबे और उसके 5 साथी ढेर हो गए थे.

बता दें 25 साल पहले विकास दुबे यहां का प्रधान बना था. जिसके बाद से वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सका. विकास दुबे जिसे चाहता था वहीं चुनाव जीता था. विकास बिकरू ही नहीं आसपास के इलाके में निर्विरोध प्रधान का चुनाव करा देता था. पिछली बार उसकी बहू अंजली दुबे बिकरू से ग्राम प्रधान थी. जबकि उसकी पत्नी रिचा दुबे घिमऊ से क्षेत्र जिला पंचायत सदस्य थी.

निष्पक्ष चुनाव से ग्रामीण खुश

ग्रामीण इस बार निष्पक्ष चुनाव होने से काफी खुश हैं. बिकरू और आसपास के गांवों का आलम यह था कि कई युवाओं ने पहली बार यहां पंचायत चुनाव प्रचार देखा था. गांव में ग्राम प्रधान, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए खूब पर्चे चले थे. इतना ही नहीं प्रत्याशी घर-घर जाकर वोट मांग रहे थे. गौरतलब है कि 14 सौ वोटर वाली बिकरू ग्राम पंचायत इस बार आरक्षित सीट थी. जिस पर 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे.
1995 में विकास दुबे बना था प्रधान

बिकरु ग्राम पंचायत के 25 साल की अगर बात करें  वर्ष 1995 में विकास दुबे प्रधान हुआ था, वह निर्विरोध जीता था. वर्ष 2000 में उसने अनुसूचित जाति की सीट होने पर गायत्री को निर्विरोध प्रधान बनवाया था. वर्ष 2005 में सीट सामान्य हुई तो फिर अपने भाई दीपू की पत्नी अंजली को निर्विरोध प्रधान बनाया. वर्ष 2010 में ये सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई तो उसने निर्विरोध अपने शागिर्द रजनीकांत को प्रधान बनाया. वर्ष 2015 में ये सीट फिर सामान्य हुई तो उसने एक बार फिर भाई दीपू की पत्नी अंजली को निर्विरोध प्रधान बनवाया था. बिकरू कांड के बाद विकास दुबे और उसके पांच साथी पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गए. विकास के बाकी गुर्गे सलाखों के पीछे हैं. ऐसे में बिकरू और आसपास के गांवो में चुनावी मौसम में खासा खुशनुमा माहौल में यहां चुनाव हुआ था.

नई प्रधान मधु ने कही ये बात



प्रधान पर पर विजयी हुई मधु का कहना है कि विकास दुबे को जिंदा रहते यहां चुनाव लड़ना सम्भव ही नहीं थी. पहले वही प्रधान तय कर देते थे और सब लोग उनकी बात मान लेते थे. मधु ने कहा कि वह बिकरू और इसके मजरे के विकास के लिए काम करेंगी.
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