कानपुर: हैलट मेडिकल कॉलेज में दिखी डॉक्टर की गुंडई, नवजात की जानकारी लेने पर तीमारदारों को पीटा
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कानपुर: हैलट मेडिकल कॉलेज में दिखी डॉक्टर की गुंडई, नवजात की जानकारी लेने पर तीमारदारों को पीटा
कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने तीमारदार को पीटा

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर के साथ एनआईसीयू के कर्मचारियों ने बेल्ट-डंडों व लाठियों से पीटा. इसकी शिकायत जब वह स्वरूप नगर पुलिस से करने पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया.

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कानपुर. यूपी के औद्योगिक शहर कानपुर (Kanpur) का हैलट अस्पताल (Hallet Hosputal) वैसे तो अक्सर चर्चा में रहता है. लेकिन कोरोना काल में एक बार फिर हैलट मेडिकल कॉलेज चर्चा में है. हैलट हॉस्पिटल में एक बार फिर डॉक्टर्स की गुंडई देखने को मिली. यहां के जच्चा-बच्चा आईसीयू में तीमारदारों को डॉक्टरों ने जमकर पीटा. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर के साथ एनआईसीयू के कर्मचारियों ने बेल्ट-डंडों व लाठियों से पीटा. इसकी शिकायत जब वह स्वरूप नगर पुलिस से करने पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया.

डिस्चार्ज समरी पूछने पर भड़के डॉक्टर्स

दरअसल पूरा मामला रसूलाबाद के रहने वाले सचिन प्रताप सिंह जुड़ा है, जिन्होंने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए जच्चा-बच्चा अस्पताल में 26 मई को भर्ती कराया था. प्रसव के बाद बच्ची को एनआईसीयू में भर्ती कराया गया था. आज डॉक्टरों ने उसे डिस्चार्ज करने के लिए बोला था. परिजनों की सिर्फ इतनी गलती थी कि उन्होंने डॉक्टर से जाकर समय पूछ लिया. जिसके बाद डॉक्टर वा कर्मचारी बिगड़ गए और तीमारदारों को लाठी-डंडों से पीट डाला. फिलहाल पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने में जुटी हुई है. परिजनों का कहना है कि वह यहां पर इलाज कराने आए थे और बदले में उन्हें यहां पर जमकर मारा गया.



पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने साधी चुप्पी



इस मामले पर हैलट प्रशासन कुछ भी बोलने से बचता नजर आ रहा है.  पुलिस भी मामले को दबाना चाह रही है. पूरे मामले में विधायक सुरेंद्र मैथानी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है. तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है. जो भी दोषी होंगे उनको बख्शा नहीं जाएगा. पीड़ित सचिन का कहना है कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि अपने बच्चे की डिस्चार्ज समरी पूछना उसे इतना भारी पड़ेगा. केवल उसे ही नहीं पिटा गया बल्कि डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उसकी बूढ़ी मां का भी लिहाज नहीं किया. उनके भी बाल पकड़कर जमीन में गिरा दिया. वह बड़ी आस लेकर पुलिस चौकी पहुंचे थे, मगर पुलिस ने कुछ नहीं किया.

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First published: June 1, 2020, 3:09 PM IST
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