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कानपुर : 40 साल बाद भी बेहमई जनसंहार में फैसले का इंतजार, अब 18 मार्च को सुनवाई

फूलन देवी की फाइल फोटो.

फूलन देवी की फाइल फोटो.

बेहमई कांड 14 फरवरी 1981 को यूपी के कानपुर देहात जिले के राजपूत थाना क्षेत्र में हुआ था. इस दिन फूलन देवी और उसके साथ के डकैतों ने 20 लोगों को एक कतार में खड़ा करके गोली मार दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 11:34 PM IST
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कानपुर देहात. 40 साल पहले हुए बेहमई (Behmai) में हुई जनसंहार (massacre) मामले में एक बार फिर नई तारीख मिली है. बेहमई कांड यूपी के कानपुर देहात जिले के राजपूत थाना क्षेत्र में हुआ था. तारीख थी 14 फरवरी 1981. इस दिन कानपुर देहात जिले में कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद इस जिले को न सिर्फ देश के लोग जानने लगे, बल्कि विदेशों तक कानपुर देहात में हुए इस वीभत्स नरसंहार की चर्चा हुई.

बताया जाता है कि यह बदले की आग थी, जो दस्यु सुंदरी फूलन देवी (Phoolan Devi) के मन में लगी थी. इसी आग को शांत करने के लिए उसने डकैतों की एक टोली के साथ मिलकर बेहमई गांव पर हमला बोला था. एक कतार में खड़ा कर एक जाति के 20 लोगों को गोलियों से भून दिया था. इस कांड की गूंज सड़क से लेकर संसद तक सुनाई दी थी. इस कांड को लेकर राजनीति भी खूब हुई. लेकिन अब तक फैसला न आने के चलते मारे गए लोगों के परिजनों के चेहरे पर उदासी छाई है. इस कांड का एक वादी राजाराम हाल में ही बीमारी के चलते मर चुका है. गांव के जंटर सिंह मामले में वादी है और डकैती कोर्ट में केस में पड़ने वाली हर तारीख पर वे पहुंचते हैं. उन्हें आशा है कि जल्दी ही इस बहुचर्चित कांड का फैसला न्यायालय द्वारा सुनाया जाएगा.

आज इस कांड में अगली तारीख मिलने के बाद वादी चेहरे पर मायूसी छा गई. वह गांव लौट गया. डीजीसी क्रिमिनल राजू पोरवाल ने बताया कि केस की अगली तारीख 10 दिन बाद यानी 18 मार्च तय हुई है. सरकारी वकील के अनुसार उनका पूरा प्रयास है कि इस मामले का फैसला जल्द से जल्द आए और पीड़ितों को न्याय मिले.
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