कानपुर के चमड़ा उद्योग को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत

कानपुर में ट्रीटमेंट प्लांट के बन जाने से टेनरी मालिकों को भी राहत मिलेगी और गंगा में जा रहे प्रदूषण पर भी पूरे तरीके से रोक लग सकेगी.

Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 22, 2019, 6:15 PM IST
कानपुर के चमड़ा उद्योग को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत
कानपुर में ट्रीटमेंट प्लांट के बन जाने से टेनरी मालिकों को भी राहत मिलेगी और गंगा में जा रहे प्रदूषण पर भी पूरे तरीके से रोक लग सकेगी.
Amit Ganju | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 22, 2019, 6:15 PM IST
औद्योगिक नगरी कानपुर में लगातार चरमरा रहे चमड़ा उद्योग को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है. यहां पर 20 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दे दी गई है, जिसको जल्द से जल्द बनाया जाएगा. यह प्लांट वाजिदपुर में बनेगा. वाजिदपुर में पहले से बने ट्रीटमेंट प्लांट में जहां पर स्लज का स्टोरेज है, उसको हटाकर यह (प्लांट) स्थापित किया जाएगा. आपको बता दें कि पिछले कई वर्षों से इसकी मांग चल रही थी और ट्रीटमेंट प्लांट न बनने की वजह से आए दिन टेनरियों बंद हो रही थीं. सच कहा जाए तो यह चमड़ा उद्योग से जुड़े मालिकों के लिए बड़ी खबर है.

शासन ने आवंटित की जमीन
कानपुर के जाजमऊ में टेनरी के केमिकलयुक्त पानी के शोधन को 20 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए शासन ने भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी है. अब प्रस्तावित स्थल पर पड़े टेनरियों के स्लज को निस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. स्लज हटाने के बाद यहां निर्माण शुरू होगा. जबकि इस प्लांट के बन जाने के बाद कुंभ के समय भी टेनरियों को बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

गंगा रहेगी साफ

ट्रीटमेंट प्लांट के बन जाने से टेनरी मालिकों को भी राहत मिलेगी और गंगा में जा रहे प्रदूषण पर भी पूरे तरीके से रोक लग सकेगी. जाजमऊ में 400 से अधिक टेनरियां हैं. वाजिदपुर में अभी 36 एमएलडी का कॉमन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है, इसमें टेनरियों के 9 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट है. जबकि टेनरी से इसका 3 गुना केमिकल युक्त पानी निकलता है. पानी अधिक और क्षमता कम होने की वजह से शोधन नहीं हो पा रहा था और इन टेनरियों को दिसंबर में कुंभ से पहले बंद कर दिया गया था, तब से वह बंद चल रही हैं. इस वजह से करीब 3500 करोड़ के ऑर्डर रद्द हो गए थे. जबकि 12 से अधिक टेनरी मालिकों ने पश्चिम बंगाल का रुख कर लिया. वहीं, कई और उद्यमी यहां से पलायन की सोच रहे हैं.

प्रदूषण की वजह से पिछले साल दिसंबर में कुंभ से पहले टेनरियों को सरकार ने बंद कर दिया था.


बहरहाल, सरकार जल्द से जल्द ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना करना चाहती है और इसलिए शासन ने 419 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन कर दी है. ऐसे में इसकी स्थापना की राह में कोई बाधा नहीं रह गई है. इस राशि से ही 20 एमएलडी के प्लांट की स्थापना और 15 वर्षों तक रख रखाव होगा. जबकि इसमें टेनरी संचालक भी अंशदान देंगे.
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उद्यमी अशरफ रिजवान का कहना है कि जल्दी प्लांट की स्थापना का कार्य शुरू होगा. इस प्लांट के बन जाने से टेनरी की बंदी का फरमान नहीं आएगा. जबकि जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत का कहना है कि जल निगम और नगर निगम के अफसरों से कहा गया है कि जल्दी ही भूमि पर पड़ा स्‍लज हटवाएं ताकि वहां पर कार्य शुरू हो सके.

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First published: July 22, 2019, 4:41 PM IST
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