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कानपुर नगर निगम 'थाईलैंड' की घास उगाकर हर साल बचाएगा 50 लाख, जानिए पूरा प्लान

कानपुर नगर निगम 'थाईलैंड' की घास उगाकर हर साल बचाएगा 50 लाख, जानिए पूरा प्लान

Kanpur News: नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके निरंजन बताते हैं कि नेपियर घास बाजरा की हाइब्रिड प्रजाति है जोकि न केवल बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर भी उगाई जा सकती है. केवल सिंचाई की व्यवस्था समुचित होनी चाहिए. यह घास 20 से 25 दिन में तैयार हो जाती है.

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हाइलाइट्स

कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में होगी घास की खेती
कान्हा उपवन की 3,500 गायों का भरेगा पेट

रिपोर्ट: अखंड प्रताप सिंह,

कानपुर. कानपुर महानगर में नगर निगम अब ‘थाईलैंड’ की घास उगा कर सालाना 50 लाख रुपए बचाएगा. जी हां एक ओर जहां नगर निगम आपको सड़क पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देता है, तो वहीं दूसरी ओर अब वह खेती करा कर शहर में गोवंशो का न सिर्फ पेट भरेगा बल्कि इससे विभाग के लाखों रुपए भी बचेंगे. आपको बता दें कि नेपियर घास थाईलैंड में पाई जाती है, यह जानवरों को चारा देने के काम आती है. कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र के समीप जाना गांव में नगर निगम ने 25 एकड़ जमीन पर इस नेपियर घास की खेती कराएगा जिस पर काम करना भी शुरू हो गया है.

नगर आयुक्त शिव शरणप्पा ने बताया कि जाना गांव में नगर निगम का कान्हा उपवन गौशाला है. वहां पर लगभग 3,500 गोवंश हैं. इनके लिए रोजाना नगर निगम को 30 क्विंटल भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है. उनके खानपान पर हर साल ₹50 लाख का खर्चा आता है,लेकिन अब जब विभाग नेपियर घास उगाएगा तो वही घास उनको खाने के लिए दी जाएगी. जिससे विभाग के पैसे भी बचेंगे और विभाग की जमीन भी इस्तेमाल में आएगी.

जाने क्या है नेपियर घास
थाईलैंड में विशेष रूप से पाई जाने वाली यह घास भारत में बाजरा की हाइब्रिड प्रजाति है. जिसे बंजर जमीन पर उगाया जा सकता है. इतना ही नहीं ऊंची जमीन पर भी यह घास बड़ी आसानी से उग जाती है. बस इस घास की पैदावार के लिए पानी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए. इस घास की खास बात यह भी है, कि एक बार इस घास को लगा देने के बाद आगामी 7 सालों तक यह घास अपने आप उगती रहती है.

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके निरंजन बताते हैं कि नेपियर घास बाजरा की हाइब्रिड प्रजाति है जोकि न केवल बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर भी उगाई जा सकती है. केवल सिंचाई की व्यवस्था समुचित होनी चाहिए. यह घास 20 से 25 दिन में तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ लगभग 400 क्विंटल घास का उत्पादन होता है.

Tags: Carrot Grass, Kanpur news, Municipal Corporation, UP news, Yogi government

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