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कानपुर: पति के चिकन खाने को लेकर हुआ विवाद, नवविवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

मामला कैंट थाना क्षेत्र के मैकू पुरवा का है. इस मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर ससुरालियों पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में एक नवविहिता ने इसलिए फांसी लगाकर जान (Suicide) दे दी, क्योंकि उसका पति चिकन खाकर घर आया था. चिकन खाने को लेकर दोनों में विवाद हुआ था. बताया जाता है कि इससे आहत होकर नवविवाहित ने फांसी लगा ली. मामला कैंट थाना क्षेत्र के मैकू पुरवा का है. इस मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर ससुरालियों पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. महिला की मौत के बाद से ससुराल पक्ष के लोग घर से फरार हैं. पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.

कैंट थाना क्षेत्र के मैकू पुर निवासी रामपाल निषाद का बेटा संजय गुड़गांव की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है. संजय निषाद की शादी एक साल पहले कल्याणपुर के मकड़ी खेड़ा निवासी प्रीति से हुई थी. इलाकाई लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात संजय चिकन खा कर घर पहुंचा. खाना खाने के लिए संजय को पत्नी ने जब बुलाया तो उसने बताया कि वह बाहर से चिकन खाकर आया है. 

प्रीति शाकाहारी थी और उसे मांस खाना पसंद नहीं था. लिहाजा उसने पति को बाहर लेटने के लिए कह दिया. इसके बाद पति- पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो गया. विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि संजय ने पत्नी के साथ हाथापाई कर दी. पति की पिटाई से आहत नवविवाहिता ने अपने कमरे में फंदे पर लटककर जान दे दी. काफी देर तक जब कमरा नहीं खुला तो पति संजय ने खिड़की से झांक कर देखा तो उसकी पत्नी का शव फंदे से झूल रहा था. आरोप है कि शव को नीचे उतारने की जगह वह अपने परिवार वालों के साथ फरार हो गया.

पति गिरफ्तार
सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया. बहन प्रियंका ने बताया कि अगर दोनों में विवाद हुआ था तो घटना की जानकारी क्यों नहीं दी गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रीति की मौत फांसी से होने की पुष्टि हुई है. एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया पति पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना पर कैंट थाना की पुलिस पहुंची. एसपी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर ससुरालियों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

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Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन (File photo)

Sonu Sood News: हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) में रिच समूह का कनेक्शन बालीवुड के मशहूर अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) से सामने आया है. 20 करोड़ की कर चोरी के मामले में इनकम टैक्स (Income Tax) की टीम ने रिच ग्रुप पर छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है. कानपुर में फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली कंपनी रिच ग्रुप और रिच उद्योग के मालिकों ने अपने कई चपरासियों को बोगस कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था. इस बात का खुलासा आयकर विभाग की संयुक्त टीमों के छापों के बाद चल रही जांच में हुआ है. फर्जी बिलिंग की पुष्टि के बाद विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अभिनेता सोनू सूद द्वारा लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में निवेश के लिए भी रिच समूह के जरिये फर्जी बिल जारी किए गए.

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में अभिनेता सोनू सूद ने संयुक्त उद्यम अचल संपत्ति परियोजना में निवेश किया है. यह निवेश कर चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है. हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है. ये निवेश टैक्स चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है.

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वहीं रिच समूह पर आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई अभी जारी है, जिसमें समूह के चार ठिकाने हैं. आयकर अधिकारियों की जांच में निकला है कि इनमें से किसी कंपनी में कोई काम नहीं होता, सिर्फ फर्जी इनवाइस जारी की जाती हैं. इन कंपनियों ने अपने चपरासी व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही निदेशक बना रखा है ताकि सभी कंपनियां अलग-अलग नजर आएं.

Terrorist Arrest: संदिग्ध आतंकी हुमेद की कार को ATS ने कानपुर से किया बरामद, छापेमारी जारी

संदिग्ध आतंकी हुमेद की कार को ATS ने कानपुर से किया बरामद

Kanpur News: आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी.

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कानपुर. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में रविवार को कानपुर (Kanpur) में यूपी एटीएस (ATS) ने हुमेद नाम के संदिग्ध आतंकी की गाड़ी बरामद कर लिया है. दरअसल, छह संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस से हुमेद नाम के शख्स की सरगर्मी से तलाश कर रही है. हुमेद गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी ओसामा का बेहद करीबी बताया जा रहा है. हुमेद की रिश्तेदारी कानपुर में है. जिसके चलते एटीएस की टीम ने कानपुर में भी छापा मारा था.

सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने हुमेद की कार को बरामद किया है. बताया जा रहा है कि इसी कार से आतंकी असलहे सप्लाई करते थे. सफेद रंग की इस कार का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाना था. कानपुर के रोशन नगर इलाके से एटीएस ने कार को बरामद किया गया. जिसके बाद से रोशन नगर क्षेत्र में हड़कंप मच गया. एटीएस की कार्रवाई लगातार चल रही है. शहर के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है. अगर सूत्रों के मुताबिक, चमनगंज, बेगमगज इस प्रकार आबाद नाला रोड, फेज बाग, जाजमऊ, रोशन नगर जैसे तमाम इलाकों में एटीएस के जवानों ने कुछ लोगों से पूछताछ की.

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एटीएस की छापेमारी के बाद भी कानपुर पुलिस एक्शन मोड में दिखी. डीसीपी वेस्ट बीबी जी एस मूर्ति ने बताया कि सभी थानेदारों को चेकिंग के निर्देश दिए और संदिग्ध वाहनों की विशेष तौर पर चेकिंग की जा रही है. डीसीपी वेस्ट मूर्ति ने एटीएस की अपनी कार्रवाई पर कोई भी टिप्पणी करने मना कर दिया.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

कानपुर: घटिया पाइपलाइन डालकर करोड़ों का खेल, 24 अभियंताओं पर FIR, EOW के पास जाएगा केस

कानपुर: घटिया पाइप लाइन केस, 24 अभियंताओं पर FIR, अब EOW कसेगी शिकंजा.

Jal Nigam Corruption : घटिया पेयजल पाइप लाइन डाले जाने के मामले में जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बैराज इकाई शमीम अख्तर ने 24 अभियंताओं के खिलाफ फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. जिन 24 अभियंताओं पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 16 रिटायर हो चुके हैं. मामला एक करोड़ से अधिक के घोटाले का है, इसलिए पुलिस इसे EOW को ट्रांसफर करेगी.

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कानपुर. जेएनएनयूआरएम (JNNURM) के तहत शहर में बिछाई गई पाइपलाइन (Pipeline) में बड़ा घोटाला सामने आया है. पाइपलाइन बिछाने का यह काम शुरू से ही विवादों में रहा, जिसकी कई बार शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच की. घटिया पेयजल पाइप लाइन जिसको लेकर हंगामा भी हुआ. इसके बाद जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बैराज इकाई शमीम अख्तर ने 24 अभियंताओं के खिलाफ फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. जिन 24 अभियंताओं पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 16 रिटायर हो चुके हैं. आरोपियों में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता परियोजना, प्रबंधक परियोजना अभियंता, सहायक परियोजना अभियंता शामिल हैं.

पेयजल पाइप लाइन को बिछाने में 870 करोड़ रुपये योजना पर खर्च हुए. जब यह कार्य कराया जा रहा था तो उस समय संबंधित अभियंता, अवर अभियंता, प्रोजेक्ट मैनेजर ने घटिया पाइपलाइन लगाने वाले ठेकेदार पर न तो अंकुश लगाया और न ही उसकी जांच रिपोर्ट बनाई. जिसके बाद जब इसमें घोटाले के आरोप लगे तो इसको लेकर जांच शुरू की गई. करोड़ों रुपये के इस कार्य में इन अभियंताओं पर लगभग 870 करोड़ रुपये के कार्य में बंदरबांट होने का आरोप लगा. घटिया पाइपलाइन लगाई गई. जोहर पांच से 15 मीटर के बीच लाइन लीकेज निकली, जिसके बाद परियोजना प्रबंधक अभिनव खिलाफ फजलगंज में मुकदमा दर्ज कराया.

इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया गंगा बैराज इकाई के अधिकारी द्वारा सदर थाने में तहरीर दी गई और मुकदमा दर्ज कराया गया. डॉ अनिल ने बताया कि यह मामला एक करोड़ रुपये से अधिक का है, इसलिए विवेचक ने अपनी रिपोर्ट में एक करोड़ से ज्यादा के मामले की बात का जिक्र किया है. इसे इकॉनामिक ऑफेंस विंग को भेजने के लिए कार्यवाही की जा रही है.

UP: सीएम योगी ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्रोटोटाइप ट्रेन का किया वर्चुअल अनावरण, PM मोदी करेंगे देश को समर्पित

UP: सीएम योगी ने कहा, 30 नवंबर के आसपास पीएम मोदी करेंगे देश को समर्पित (File photo)

Metro Project: मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में बने अपने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर और आगरा मेट्रो (Agra Metro) की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का अनावरण किया. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सफल संचालन किया जा रहा है. कानपुर और आगरा में मेट्रो का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और झांसी में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार है या अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम है.

सीएम योगी ने यह बातें शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल अनावरण करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए उल्लास का क्षण है. वास्तव में मेट्रो जैसा सुरक्षित और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज की आवश्यकता है. 30 नवंबर के आसपास हम कानपुर और आगरा मेट्रो को देश को समर्पित करने की स्थिति में होंगे. प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से इसका शुभारंभ कराया जाए.

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

मेट्रो आज की आवश्यकता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन माध्यम

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वड़ोदरा के उपक्रम में कोविडकाल की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन को समय से पहले उपलब्ध कराया गया है. सीएम ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने आगरा व कानपुर मेट्रो के प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल अनावरण के दौरान वड़ोदरा से जुड़े यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मेसर्स एल्सटॉम इंडिया ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए बधाई भी दी.

कानपुर: बाइक का चालान काटने पर ट्रैफिक पुलिस से भिड़ा युवक, दरोगा को गंभीर चोटें

UP: कानपुर में बाइक का चालान काटने के दौरान युवक ने दरोगा पर हमला किया.

Kanpur News: कानपुर में एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडे ने बताया कि आरोपी मुकेश ग्वालटोली निवासी है, जो एक होटल में वेटर का काम करता है. घटना के वक्त आरोपी नशे में धुत था.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में ट्रैफिक दरोगा को एक बाइक सवार युवक रोककर उसका चालान करना भारी पड़ गया. जैसे ही ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और सिपाही ने बिना हेलमेट जा रहे युवक को देखा तो उसे रोकने के लिए प्रयास किया. इस दौरान बाइक रुकी तो दरोगा और बाइक चालक के पीछे बैठे मुकेश से पुलिस की नोकझोंक हो गई. इस दौरान जैसे ही मोबाइल निकालकर दरोगा ने फोटो खींच ऑनलाइन चालान करने का प्रयास किया तो मुकेश ने दरोगा को पकड़ लिया और नीचे गिरा दिया.

हालांकि यूपी पुलिस के जांबाज दरोगा ने मुकेश को छोड़ा नहीं और उसे पकड़ने में सफल हो गए लेकिन इस दौरान दरोगा कौशल किशोर गिरि को चोट भी आ गई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए उर्सला अस्पताल में भेजा गया. वहीं पकड़े गए मुकेश को कर्नलगंज कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया.

कर्नलगंज कोतवाल ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक युवक को पकड़ कर लाया गया था, जिस पर आरोप है कि उसने ट्राफिक दरोगा कौशल किशोर गिरिजा हाथापाई की है. दोनों में विवाद चालान काटने को लेकर हुआ था. इस मामले में फिलहाल ट्रैफिक दरोगा द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. लेकिन पुलिस से बदसलूकी करना और सरकारी काम में बाधा डालने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है. मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

आरोपी के बारे में कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि मुकेश ग्वालटोली निवासी है, जो एक होटल में वेटर का काम करता है. घटना के वक्त आरोपी नशे में धुत था.

कानपुर विश्वविद्यालय में तैयार होंगे टेक फ्रैंडली विद्वान

कानपुर विश्वविद्यालय में जल्द शुरू होगा कर्मकांड का प्रोफेशनल कोर्स

इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे कर्मकांडी विद्वान तैयार करना है जो संस्कृत के साथ-साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर को भी अच्छे से जानते हो.

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विश्वविद्यालयों में प्रोफेशनल कोर्स की तरह ही ज्योतिष,योग और कर्मकांड विषयों की भी शिक्षा मिलेगी.कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय अब ज्योतिष और कर्मकांड के कोर्स शुरू करने जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन अगले सत्र से इन कोर्सों को शुरू करेगा जिसमें छात्र एडमिशन ले सकेंगे. इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे कर्मकांडी विद्वान तैयार करना है जो संस्कृत के साथ-साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर को भी अच्छे से जानते हो.

कर्मकांड और ज्योतिष को प्रोफेशनल कोर्स बनाकर लांच‌ करने की तैयारी
पूजा करना और कर्मकांड कराना आमतौर पर पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होने वाला काम है.साथ ही गुरुकुल में भी कर्मकांड और ज्योतिष की शिक्षा दी जाती रही है.कानपुर का छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय अब कर्मकांड और ज्योतिष को प्रोफेशनल कोर्स बनाकर लांच करने की तैयारी में है.अगले सत्र से यूनिवर्सिटी में ज्योतिष और कर्मकांड के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू हो जाएंगे. विश्वविद्यालय में इन कोर्सेज को शुरू करने का उद्देश्य है कि कर्मकांड और ज्योतिष का ज्ञान रखने वाला शख्स अंग्रेजी और कंप्यूटर को भी अच्छे से जानता हो.जिससे वह देश की संस्कृति का प्रचार प्रसार विदेशों में भी कर सके.वहीं विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए ऑनलाइन कर्मकांड करा सके.जिस तरीके से डिजिटलाइजेशन बढ़ रहा है ऐसे में आने वाले समय में कर्मकांड भी ऑनलाइन कराए जाएंगे.भविष्य की ऐसी संभावनाओं को देखते हुए ही विश्वविद्यालय इन कोर्स को शुरू करने जा रहा है.

अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत के जानकार भी होंगे युवा
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक का कहना है कि कानपुर ब्रह्माव्रत की नगरी कही जाती है. कानपुर और वाराणसी जो गंगा किनारे बसे हुए नए नगर हैं वह ज्ञान विज्ञान और सभ्यता को समाहित किए हुए हैं. मुझे लगता है आज पुराना विज्ञान, संस्कृत, ज्योतिष कर्मकांड इन सब के जो विषय हैं वह लोगों को बहुत उत्सुक कर रहे हैं. हमारी नई युवा पीढ़ी भी इन सबकी जानकारी करना चाहती है.उसके डिग्री,सर्टिफिकेट और कोर्सेज के साथ ही रिसर्च वर्क तक का कार्य हम लोग यहां पर शुरू करेंगे.इसके साथ ही योग और आयुष के भी कोर्स हम शुरु करेंगे. उन्होंने कहा कि बीते 60 सालों में हम लोग तकनीक तो सीख रहें हैं लेकिन अपने संस्कारों से भी दूर हुए हैं.साथ ही कहा कि आज युवा कंप्यूटर भी जाने अंग्रेजी भी जाने और संस्कृत का भी जानकार होना चाहिए.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

कानपुर बुलेटिन: दो दिन की लगातार बारिश के बाद खुला आसमान, संक्रमण का बढ़ा खतरा

दो दिन से लगातार हो रही बारिश बंद होने के बाद घरों से बाहर निकले लोग

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1:दो दिन की लगातार बारिश के बाद कुछ देर के लिए खुला आसमान
कानपुर में दो दिन जारी भारी बारिश के बाद शुक्रवार को आसमान थोड़ा खुला रहा.हालांकि रुक-रुक कर बारिश की रिमझिम फुहार जरूर पड़ती रही. घरों के बाहर जमा जल की निकासी होने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली. दिन में कुछ देर के लिए सूरज निकलने के चलते जन-जीवन सामान्य हुआ. दो दिनों से घरों में क़ैद लोगों ने अपने रोज़मर्रा के काम निपटाएं. हालांकि शाम होते-होते बारिश की रिमझिम फुहार फिर से पड़ने लगी. वहीं, जल निकासी होने के बाद लोगों के घरों के बाहर कीचड़ व गंदगी जमा हो गई है. जिससे डेंगू व मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है.

2:अबु आज़मी बोले, आंधी में खरपतवार की तरह उड़ जाती हैं एआईएमआईएम जैसी पार्टियां
सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि ओवैसी की एआईएमआईएम जैसी 50 पार्टियां हर बार चुनाव में उतरती हैं. यह पार्टियां चुनावी आंधी में खरपतवार की तरह उड़ जाती हैं. उन्होंने दावा किया कि सपा यूपी विधानसभा चुनाव में 352 सीटें जीतेगी. अबू आजमी ने कहा कि पिछली बार वेस्टर्न यूपी में हुए फसाद की वजह से लोगों ने नाराज होकर बीजेपी को वोट दिया था. इस बार जाट और मुसलमान भाई एक दूसरे के गले मिले हैं और बीजेपी का सफाया करने की बात कह रहे हैं.इतना ही नही जाट और मुसलमान समीकरण वेस्ट यूपी में बीजेपी का हुक्का पानी बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों से नाराज किसान बीजेपी से बदला लेने के लिए इंतजार कर रहा है. प्रियंका के यूपी से चुनाव लड़ने के सवाल का जवाब देते हुए अबू आजमी ने कहा यूपी में कांग्रेस और बीएसपी का वजूद कहीं पर भी नजर नहीं आता है. उन्होंने सर्वे कराया है जिसमें यह दोनों पार्टियों का कोई वजूद नजर नहीं आ रहा.

3:सपा विधायक की गुंडई का वीडियो वायरल
कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी की गुंडई का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. इसमें सपा विधायक ट्रैफ़िक पुलिस से उलझते हुए नज़र आ रहे हैं. वीडियो में वह फ़ोटो खींचने पर पुलिसकर्मियों पर आग बबूला होते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने इसकी सफ़ाई भी दी है. उनका कहना है कि मैं जनता की समस्याओं को लेकर घूमता रहता हूं. ट्रैफिक पुलिसकर्मी बीजेपी नेताओं के फोटो खींचकर चालान नहीं करते हैं, जबकि विपक्षी पार्टियों के नेताओं के जमकर चालान काटे जा रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिसकर्मी उनके काफिले में शामिल लोगों के फोटो खींच रहे थे. बाद में वे इन्हीं गाड़ियों का चालान कर देते हैं.

बर्थडे पार्टी में बुलाकर दोस्त का किया रेप, अब बेंगलूरू पुलिस ने कानपुर से किया गिरफ्तार

बेंगलूरू पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया (सांकेतिक फोटो)

Kanpur News: इंजीनियर युवक ने बेंगलूरू में अपनी दोस्त का किया था रेप, वारदात के बाद कानपुर में नाम बदलकर रह रहा था अरोपी, फोन की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ट्रेस कर किया गिरफ्तार.

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कानपुर. आईआईटी दिल्‍ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद बेंगलूरू में नौकरी कर रहे अपूर्व कटियार को बेंगलूरू पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया. अपूर्व पर रेप का आरोप है और वो भी अपनी ही एक महिला मित्र के साथ. जानकारी के अनुसार अपूर्व ने 5 सितंबर को अपनी बर्थडे पार्टी में एक महिला मित्र को भी बुलाया था. यहां पर उसने युवती के साथ बलात्कार किया. बताया जा रहा है कि युवती भी आईआईटी से पास आउट है और अपूर्व को पहले से जानती थी. वारदात के बाद अपूर्व बिना किसी को कुछ बताए बेंगलूरू से फरार हो गया.
युवती ने वारदात के पांच दिन बाद 10 सितंबर को पुलिस में मामला दर्ज करवाया. जिसके बाद पुलिस ने पहले बेंगलूरू में ही अपूर्व की तलाश की लेकिन वो वहां पर नहीं मिला. इसके बाद अपूर्व की तलाश दूसरे शहरों में की गई.

मोबाइल लोकेशन से चला पता
इस दौरान पुलिस ने अपूर्व का मोबाइल सर्विलांस पर रखा. जिसके बाद उसकी लोकेशन कानपुर के आजाद नगर की आई. इसके बाद पुलिस ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि वो आजाद नगर के एक मकान में रह रहा है. इसके बाद नवाबगंज पुलिस ने बेंगलूरू से आए पुलिसकर्मियों की मदद की और अपूर्व को गिरफ्तार कर लिया गया. जिसके बाद अपूर्व को पुलिस अपने साथ बेंगलूरू ले गई.

पहचान छुपाने की कोशिश की
कानपुर के आजाद नगर में रहने के दौरान अपूर्व ने अपनी पहचान छुपाने की पूरी कोशिश की. इस दौरान उसने अपना नाम बदलकर घर किराए पर लिया और गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन इस दौरान वो अपना फोन बंद करना भूल गया और उसी की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि उसको पकड़ने के लिए पहले कई लोकेशंस पर छापेमारी की गई थी लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका. हालांकि इस दौरान उसके फोन की लोकेशन ट्रेस करना भी आसान नहीं रहा क्योंकि वो लगातार ऑफ आ रहा था. बाद में उसने अपना फोन ऑन किया तो उसकी लोकेशन कानपुर की आई.

नियम तोड़ रहे थे सपा समर्थक, ट्रैफिक पुलिस ने खींचे फोटो तो भड़के विधायक, देखें Exclusive Video

विधायक की नाराजगी इस कदर बढ़ी की उन्होंने कमिश्नर को फोन लगा कर पुलिसकर्मी की शिकायत कर डाली.

Uttar Pradesh News: कानपुर में अबू आजमी के स्वागत के लिए सपा कार्यकर्ताओं के साथ जा विधायक इरफान सोलंकी की पुलिसकर्मियों ने खींची फोटो, इस बात पर भड़के विधायक, कमिश्नर से की शिकायत.

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कानपुर. समाजवादी पार्टी के आबू आजमी का शहर में स्वागत करने के लिए सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ाईं. हालांकि मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने जब उनकी फोटो खींची तो इस बात पर बवाल हो गया. सपा विधायक इरफान सोलंकी को जब फोटो के संबंध में जानकारी मिली तो वे भड़क गए और पुलिसकर्मियों से भिड़ गए.
इरफान ने पुलिसकर्मियों से मोबाइल दिखाने की बात कही और जब उन्होंने मना किया तो विधायक भड़क गए. पहले तो वे पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे लेकिन बाद में बात नहीं बनती देख उन्होंने सीधे कमिश्नर को फोन लगा डाला और पुलिसकर्मियों की शिकायत की.

परेशान करते हैं …
इरफान ने कमिश्नर को फोन कर कहा कि पुलिसकर्मी लगातार लोगों को परेशान करते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने नेता के स्वागत के लिए काफिले के साथ जा रहे थे तो ट्रैफिक के पुलिसकर्मी फोटो खींच रहे थे, जब उनसे फोटो दिखाने की बात कही गई तो उन्होंने मना कर दिया.
इसके कुछ ही देर में मामला बढ़ता दिखा. विधायक को बहस करता देख समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर जमा होने लगे. मामला बढ़ता देख ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने भी अपने अधिकारियों को मामले के बारे में सूच‌ित किया. करीब 15 मिनट तक चला ये हाईवोल्टेज ड्रामा बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खत्‍म हो सका.

वीडियो हुआ वायरल
विधायक इरफान और पुलिसकर्मियों के बीच हुई बहस के दौरान किसी ने उनका वीडियो वहां पर शूट कर लिया. इसके बाद विधायक के गुस्सा होने और कमिश्नर को फोन लगाने का ये वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. जिसके बाद ये वायरल हो गया. हालांकि इस संबंध में पुलिस ने अभी तक क्या कार्रवाई की है इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है. न ही ये अभी तक पता चल सका है कि पुलिसकर्मियों की ओर से खींची गई फोटो पर क्या कार्रवाई की गई है.

UP News: कानपुर रेलवे स्टेशन पर सोने से भरे बैग के साथ दबोचे गए 4 संदिग्ध, जांच में जुटी IT टीम

UP News: कानपुर रेलवे स्टेशन पर सोने से भरे बैग के साथ दबोचे गए 4 संदिग्ध (File photo)

UP crime News: जीआरपी के डिप्टी एसपी कमरुल हसन के मुताबिक ब्रह्मपुत्र एक्सेस से 4 युवक बैग लेकर प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर उतरे थे. चेकिंग के दौरान सर्च टीम ने पूछताछ की तो वे हड़बड़ा गए.

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कानपुर. यूपी के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन (Kanpur Railway Station) से करीब 3.5 किलो (3490 ग्राम) सोने (Gold) के साथ चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसमें पांच बिस्किट और बाकी जेवरात हैं. पकड़े गए सोने की कीमत 1.70 करोड़ बताई गई है. जीआरपी के डिप्टी एसपी कमरुल हसन ने जब इन संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपने बैग को खोला जिसमें सोने के बिस्कुट और सोने के आभूषण थे. जिसको देखने के बाद जीआरपी पुलिस सकते में आ गई. फिलहाल आयकर विभाग और जीएसटी की टीम भी पूछताछ कर रही है.

जीआरपी के डिप्टी एसपी कमरुल हसन के मुताबिक ब्रह्मपुत्र एक्सेस से 4 युवक बैग लेकर प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर उतरे थे. चेकिंग के दौरान सर्च टीम ने पूछताछ की तो वे हड़बड़ा गए. संदेह होने पर तलाशी ली गई. युवकों ने अपने नाम राजस्थान के धौलपुर निवासी दीपक, झुंझनूं निवासी रमेश सैनी, मनोज सैनी, सुरेंद्र कुमार सैनी बताए. रमेश ने बताया कि सभी साईं एयर पार्स सर्विस कुरियर कंपनी दिल्ली में डिलीवरीमैन हैं. यह कंपनी अलग-अलग शहरों में सोना या फिर ज्वैलरी भेजती है.

सोने से भरे तीन बैग बरामद

सोने से भरे तीन बैग बरामद

जीआरपी डिप्टी एसपी ने बताया कि आरोपित रमेश ने बताया कि वह और अन्य तीन साथी 25 से 30 हजार रुपये महीने के वेतन में कुरियर कंपनी में काम करते हैं. बताया जा रहा है कि यह सोना दिल्ली से कानपुर और कानपुर से बनारस और लखनऊ के लिए जाना है. पूछताछ में इसके कागजों और दस्तावेजों को यह लोग नहीं दिखा पाए. शक होने पर जब फिर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दिल्ली के किसी व्यापारी का यह सोना है मगर उसके कागजात कुछ उनके पास है. कुछ वह भूल गए लाना, जिसके बाद जीआरपी ने इनकम टैक्स और जीएसटी की टीम को सूचना दी. फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है.

होर्डिंग को लेकर भाजपा के नेता आमने-सामने, ऑडियो वायरल 

प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के लिए लगाए होर्डिंग को लेकर भाजपा नेताओं में हुई खींचतान

इस के कार्यकर्ताओं के बारे में भी यह कहा जाता है कि इनका चाल चरित्र और चेहरा दूसरे दलों से अलग होता है, लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव के आने से पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं की जुबान अपशब्दों में तब्दील हो रही है. कानपुर की एक विधानसभा में टिकट पाने के दावेदारों के बीच जमकर अपशब्द कहे जा रहे हैं.

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भारतीय जनता पार्टी सभी दलों में सबसे ज्यादा अनुशासित मानी जाती है. इस के कार्यकर्ताओं के बारे में भी यह कहा जाता है कि इनका चाल चरित्र और चेहरा दूसरे दलों से अलग होता है, लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव के आने से पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं की जुबान अपशब्दों में तब्दील हो रही है. कानपुर की एक विधानसभा में टिकट पाने के दावेदारों के बीच जमकर अपशब्द कहे जा रहे हैं.

टिकट के दावेदार अतिउत्साह में आज़मा रहा दांवपेंच
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं. ऐसे में टिकट के दावेदारों में होड़ मची हुई है. सबसे ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के टिकट पाने के दावेदार उत्साहित हैं. इस अति उत्साह में हर सियासी दांवपेंच चला जा रहा है और कोशिश एक दूसरे को नीचा दिखाने की भी है. मामला कानपुर के सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र का है जहां भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी और पूर्व प्रदेश मंत्री बीजेपी सुरेश अवस्थी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद विश्वकर्मा का एक ऑडियो वायरल हुआ है. ऑडियो में सुरेश अवस्थी प्रमोद विश्वकर्मा को अपशब्द कहते और धनबल और बाहुबल के जरिए देख लेने की बात कह रहे हैं. लेकिन प्रमोद विश्वकर्मा भी सुरेश अवस्थी पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के जरिए खुद की अनदेखी किए जाने का आरोप लगा रहे हैं. ऑडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने इस पर चुप्पी साध ली है लेकिन सुरेश अवस्थी का कहना है कि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है.

विरोधियों की साज़िश बताया
सुरेश अवस्थी की माने तो प्रमोद विश्वकर्मा उनके छोटे भाई जैसे हैं और ये ऑडियो वायरल विपक्षी दलों ने किया है. ये विपक्षियों की साजिश है और वह साजिश कर भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं. हालांकि इस मामले में प्रमोद विश्वकर्मा कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. लेकिन, सवाल प्रमोद विश्वकर्मा पर भी उठ रहे हैं कि सियासी फायदे के लिए प्रमोद विश्वकर्मा ने इस ऑडियो को वायरल कराया है.
प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन से पहले का है आडियो
दरअसल, बुधवार को सीसामऊ विधानसभा में प्रबुद्ध वर्ग समेलन कराया गया. जिसमें कानून मंत्री बृजेश पाठक ने शिरकत की और इस कार्यक्रम से प्रमोद विश्वकर्मा का गुट किनारे दिखा. अंदर की बात ये है कि जब सुरेश अवस्थी को प्रमोद विश्वकर्मा द्वारा उनकी होर्डिंग साज़िश के तहत हटाये जाने की बात पता चली तो आवेश में आकर सुरेश ने प्रमोद को कॉल कर दिया उसी वक्त का यह ऑडियो बताया जा रहा है.
आलाकमना के लिए बन सकता है चिंता का सबब
साल 2017 में सुरेश अवस्थी सीसामऊ विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़े थे और 5000 से कुछ ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रमोद विश्वकर्मा भी सीसामऊ विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और वायरल ऑडियो को इन दोनों के बीच टिकट की खींचतान का नतीजा बताया जा रहा है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी में टिकटों की मारामारी की शुरुआत अभी से हो चुकी है. जो समय बीतते बीतते और ज्यादा परेशानी का सबब पार्टी आलाकमान के लिए बनेगा.
न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

पांच मिनट में ई-साईकिल में तब्दील हो जाएगी मैनुअल साईकिल

मैनुअल साइकिल को ई-साईकिल में माडिफाई करते छात्र अर्पित कटियार

मैनुअल साइकिल को ई-साइकिल में कनवर्ट करने का तरीका इजाद करने वाले छात्र अर्पित और गौरव बताते हैं कि उन्होंने सस्ती ई-साईकिल तैयार करने के लिए इस तकनीक का विकास किया है.

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अगर आपके पास मैनुअल साईकिल है और आप ई-साईकिल खरीदने की सोच रहे हैं. तो आपके के लिए यह राहत भरी खबर है. दरअसल, कानपुर में जयनारायण विद्या मंदिर के बाहरवीं के छात्रों  ने टिंकर इंडिया लैब में एक ऐसी तकनीक का विकास किया है, जिसके जरिए पांच मिनट में ही मैनुअल साईकिल को ई-साईकिल में मॉडिफाइड किया का सकेगा. ये साइकिल पैडल मारकर चलने के साथ ही बैटरी से भी चल सकेगी.

कानपुर आईआईटी से मिली 12 लाख की प्रोत्साहन राशि
मैनुअल साइकिल को ई-साइकिल में कनवर्ट करने का तरीका इजाद करने वाले छात्र अर्पित और गौरव बताते हैं कि उन्होंने सस्ती ई-साईकिल तैयार करने के लिए इस तकनीक का विकास किया है. इस साइकिल में लगे सभी प्रोडेक्ट लोकल मार्केट से खरीदे गए हैं, जिसे खराब होने पर आसानी से रीप्लेस‌ किया जा सकता है. जबकि, बाजार में उपलब्ध ई-साईकिल के कई पार्ट्स इंपोर्टेड होते हैं.  कानपुर आईआईटी ने इस नवाचार के लिए दोनों छात्रों को पहले साढ़े पांच लाख और उसके बाद सात लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी है .

40 किमी प्रति घंटा है स्पीड
छात्रों ने बताया की आम जीवन में हम साइकिल का उपयोग करना तो चाहते हैं लेकिन समय की कमी और जल्दी पहुंचने के प्रयास के कारण इसका उपयोग नहीं कर पाते हैं. वहीं, ई-साईकिल में मैनुअल साइकिल का फील नहीं आता है. ऐसे में इस तकनीक के जरिये जरूरत पड़ने पर आसानी से दोनों का फील लिया जा सकता है.  इलेक्ट्रॉनिक मोड में कन्वर्ट होने बाद यह लगभग 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड प्रदान करती है.

आसानी से ई-मोड पर कर सकते हैं कनवर्ट

उन्होंने बताया की साइकिल को मॉडिफाइड करते समय हमने इस बात पर विशेष रूप से फोकस किया है कि इसको कभी भी ई मोड पर कनवर्ट किया जा सके. इसमें एक लीथीयम आयन बैटरी, कंट्रोलर, हब मोटर व बैटरी इंडीकेटर लगाया गया है.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस और यूपी ATS के ऑपरेशन में गिरफ्तार आमिर का कानपुर कनेक्शन सामने आया

प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए आतंकियों में से दो की ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई थी. इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ था. (सांकेतिक तस्वीर)

Kanpur News: गिरफ्तार आमिर अपने रिश्तेदार हुमेद के साथ कई बार कानपुर का दौरा कर चुका था. इन्होंने कई इलाकों में रेकी थी. शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल का नेटवर्क तैयार करने में लगे थे.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए कथित आतंकियों का कानपुर कनेक्शन सामने आया है. बताया गया है कि गिरफ्तार आमिर अपने रिश्तेदार हुमेद के साथ कई बार कानपुर आया था. सूत्रों के अनुसार अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए आमिर व उसके कई साथी भी यहां आए थे. इन्होंने कई इलाकों में रेकी थी. शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल का नेटवर्क तैयार करने में लगे थे.

सूत्रों के मुताबिक़ इस बार हमले में अंडरवर्ल्ड का सहयोग लिया जा रहा था. एक टीम अनीस इब्राहिम के इशारे पर मुंबई अंडरवर्ल्ड से ऑपरेट हो रही थी. उसका खास मोहरा समीर कालिया था, वहीं दूसरी टीम ने दिल्ली में अपना बेस बना रखा था. यहां ओसामा आईएसआई के इशारे पर चालें चल रहा था.इसी आईएसआई के नेटवर्क के जरिए कश्मीर से लखनऊ में आमिर के पास आईईडी डिवाइस पहुंचाई गई थी. बाद में उसने आईईडी प्रयागराज में जीशान के पास पहुंचा दी.प्रयागराज से बरामद आईईडी को नई दिल्ली में डिलीवर करने की जिम्मेदारी अंडरवर्ल्ड के पास थी. इसकी डिलिवरी अंडरवर्ल्ड से जुड़े मूलचंद को करनी थी.

समीर को अपने अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क के जरिए इस आईईडी को प्रयागराज से नई दिल्ली पहुंचाना था. प्रयागराज में जीशान से आईईडी लेकर नई दिल्ली तक पहुंचाने का काम मूलचंद लाला, इम्तियाज उर्फ कल्लू और जमील खत्री का था. यूपी एटीएस ने इम्तियाज, जमील और ताहिर को दिल्ली स्पेशल सेल के हवाले कर दिया था.

उधर समीर कालिया मुंबई से नई दिल्ली के लिए ट्रेन से चला था, लेकिन रास्ते में ही राजस्थान के कोटा से स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया. जानकारी के अनुसार नई दिल्ली पहुंचकर समीर को ओसामा से मीटिंग करनी थी. इसके बाद टार्गेट बताया जाता और समीर आईईडी प्लांट करवाकर और धमाका करवाता.

कानपुर ने इन बच्चों यूट्यूब से प्रोग्रामिंग सीखकर दृष्टिहीनों को दीं डिजिटल आंखें

ANGH के जरिये इंस्टेंट मैसेजिंग एप पर आसानी से चैटिंग कर सकेंगे दृष्टिहीन

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट पर आधारित इस साफ्टवेयर को बारहवीं के छात्र श्रीधर आनंद तिवारी व प्रियांशु उपाध्याय ने बनाया है. उन्होंने इसे अस्सटिव न्यूरल नेटवर्क फ़ार ग्रोपिंग हैम्सटर्स ( ANGH) नाम दिया है. प्रियांशु ने बताया कि उन्होंने दोस्त श्रीधर के साथ मिलकर ANGH को तैयार किया है. यह आम लोगों व दृष्टिहीन लोगों के बीच की दूरी को कम करेगा.

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पूरे विश्व में आज सोशल मीडिया का डंका बज रहा है. यह एक तरह से लोगों को दिनचर्या का सबसे हिस्सा बन गया है. इसे अगर एक अलग दुनिया कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. वहीं, इंस्टेंट मैसेजिंग एप जैसे वाट्सएप, टेलीग्राम ने अपनी अलग धाक जमा रखी है. यह लोगों की पर्सनल लाइफ़ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ़ तक में प्रयोग हो रहा है. कोरोना काल में इसकी महत्ता और अधिक बढ़ गई. लेकिन दृष्टिहीन लोग कहीं न कहीं इनसे अछूते थे. जिसे देखते हुए कानपुर के जय नारायण विद्या मंदिर के छात्रों ने एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार किया है जिसके ज़रिये वे आसानी से इंस्टेंट मैसेजिंग एप के ज़रिये चैटिंग कर सकेंगे.

बाहरवीं के छात्रों में तैयार किया है साफ्टवेयर, ऐसे करता है काम
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट पर आधारित इस साफ्टवेयर को बारहवीं के छात्र श्रीधर आनंद तिवारी व प्रियांशु उपाध्याय ने बनाया है. उन्होंने इसे अस्सटिव न्यूरल नेटवर्क फ़ार ग्रोपिंग हैम्सटर्स ( ANGH) नाम दिया है. प्रियांशु ने बताया कि उन्होंने दोस्त श्रीधर के साथ मिलकर ANGH को तैयार किया है. यह आम लोगों व दृष्टिहीन लोगों के बीच की दूरी को कम करेगा. उन्होंने बताया कि पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ज़रिये इस साफ्टवेयर को तैयार किया गया है. इसमें क़रीब 60 साइन लैंग्वेज को फ़ीड किया गया है. इसके लिए आपको कैमरे के सामने साइन लैंग्वेज का इशारा करना होगा. यह उसे टेक्स्ट मैसेज में इंटरप्रेट करेगा और ख़ुद ब ख़ुद वाट्सएप एप खोलकर मैसेज सेंड कर देगा. वहीं, सेंडर की ओर से रिप्लाई आने पर टैक्स्ट को वाइस मैसज में इंटरप्रेट करेगा.

यूट्यूब से सीखी प्रोग्रामिंग, समाज सेवा है उद्देश्य
श्रीधर ने बताया कि बचपन से ही कम्प्यूटर की ओर उनकी रुचि थी. वह यूट्यूब पर प्रोग्रामिंग के वीडियो देखा करते थे. उनके साथ वीडियो देखकर दोस्त प्रियांशु की भी इस ओर रुचि जागी. दोनों ने यूट्यूब के ज़रिये ही पाइथन पर प्रोग्रामिंग सीखी और ANGH साफ्टवेयर तैयार किया. उन्होंने बताया कि इस साफ्टवेयर को तैयार करने के पीछे का उद्देश्य सिर्फ़ समाज सेवा है. उनका कहना है कि वह एनजीओ व सहायता समूहों को निःशुल्क अपनी टेक्नोलाजी उपलब्ध कराएंगे. अधिक से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर सकें इसके चलते वह इसका पेटेंट भी नहीं कराएंगे.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

बल्ब जलाने के लिये नहीं दबाना पडेगा स्विच, आपके हिलने से जलेगा बल्ब

जय नारायण विद्या मंदिर के पूर्व छात्र शिवा पटेल ने तैयार किया मोशन आधारित बल्ब

कानपुर के जय नारायण विद्या मंदिर के पूर्व छात्र शिवा ने एक ऐसा बल्ब तैयार किया है. जो अंधेरा होने पर आपके मूवमेंट के आधार पर जलेगा. क़रीब आठ माह की मेहनत के बाद शिवा को इसे तैयार करने में कामयाबी मिली है.

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अब आपको बल्ब जलाने के लिए स्विच दबाने का ज़रूरत नहीं होगी. आपके कमरे में एंटर करते ही यह खुद जल जाएगा. कानपुर के जय नारायण विद्या मंदिर के पूर्व छात्र शिवा ने एक ऐसा बल्ब तैयार किया है. जो अंधेरा होने पर आपके मूवमेंट के आधार पर जलेगा. क़रीब आठ माह की मेहनत के बाद शिवा को इसे तैयार करने में कामयाबी मिली है.

पैसिव इंफ़्रारेड सेंसर का किया गया है उपयोगा
शिवा ने बताया कि बल्ब उन्होंने पैसिव इंफ़्रारेड सेंसर का प्रयोग किया है. यह सेंसर ह्ययूमन के बाडी टंप्रेचर को एब्जार्व करता है और डिवाइस को आन होने का सिग्नल देता है. इसके अलावा इसमें रडार मोशन सेंसर लगाया गया है. जिसके चलते इसे किसी भी पोज़ीशन पर टांगा जा सकता है. जबकि बाज़ार में अभी तक मौजूद इस तरह के बल्बों को वर्टिकल टांगना पड़ता है. वहीं इसमें लाइट डिपेंडेंट सेंसर भी लगाया गया है. जिसके चलते यह सिर्फ़ अंधेरा होने पर ही आपके मोशन पर जलेगा.

आठ माह की मेहनत के बाद मिला परिणाम
शिवा ने बताया कि उनके स्कूल के टीचर कौस्तुभ ओवर व कई बच्चों ने मिलकर टिंकर इंडिया मान से एक लैब तैयार की है. जिसमें वे लोग नए-नए प्रयोग करते हैं. इसी लैब में उन्होंने इसे तैयार करने के लिए कई प्रयोग किए.  क़रीब आठ माह के बाद उन्हें इसे तैयार करने में कामयाबी मिली. इस दौरान कई बार निराशा भी हाथ लगी. लेकिन हमारे टीचर कौस्तुभ ओपन में हमेशा मोटिवेट किया.

400 रुपये है क़ीमत, बल्ब के पीछे वाले हिस्से को किया गया है रिसाइकिल
शिवा ने बताया कि बाज़ार में इस तरह के बाज़ार में कई बल्ब मौजूद हैं, लेकिन उनकी क़ीमत 2000-2500 तक है. वहीं इन बल्बों में रडार मोशन सेंसर का अभाव है, जबकि मेरे द्वारा तैयार किए गए बल्ब की लागत 300 रुपये है, जो बाज़ार में 400 रुपये में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. उन्होंने बताया कि बल्ब को तैयार करने के लिए इसके पीछे वाले हिस्से को रिसाइकिल किया गया है.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

कानपुर, प्रयागराज में भी तेजी से फैल रहा डेंगू और वायरल, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या

प्रयागराज और कानपुर में तेजी से फैल रहा डेंगू और वायरल

Dengue/Viral Cases in UP: कानपुर के उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ अनिल निगम ने बताया कि प्रतिदिन 75-100 बुखार से पीड़ित मरीज हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. रैपिड टेस्ट में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, लेकिन एलिजा टेस्ट में डेंगू नहीं पाया गया.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 07:54 IST
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कानपुर/प्रयागराज. ब्रज क्षेत्र के बाद अब डेंगू और वायरल फीवर (Dengue and Viral Fever) कानपुर (Kanpur) और प्रयागराज (Prayagraj) में भी तेजी से पैर पसार रहा है. कानपुर में प्रतिदिन करीब 100 बुखार से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जबकि प्रयागराज में 97 डेंगू के मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी मामले और बढ़ सकते हैं. जिसके देखते हुए सुरक्षा के तमाम उपाय किए जा रहे हैं.

कानपुर के उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ अनिल निगम ने बताया कि प्रतिदिन 75-100 बुखार से पीड़ित मरीज हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. रैपिड टेस्ट में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, लेकिन एलिजा टेस्ट में डेंगू नहीं पाया गया. फ़िलहाल हॉस्पिटल में डेंगू का एक भी मरीज नहीं है. लेकिन अगर अन्य अस्पतालों की बात करें तो स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है. मंगलवार को कानपुर में बुखार से तीन लोगों दम तोड़ दिया। कानपुर के कल्याणपुर ब्लॉक के करसौली की निर्मला (55), वैभवी (8) और अरौल के शांति (65) की मौत हो गई.

प्रयागराज में 97 मरीजों में डेंगू की पुष्टि 
उधर प्रयागराज में भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. अभी तक 97 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है जिनका इलाज चल रहा है. गनीमत यह है कि अभी डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है. सीएमो नानक सरन ने बताया कि अभी तक कुल 97 मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं, जिनमे से 9 का इलाज चल रहा है. जिले में अभी तक डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि शहर में डेंगू के मामले और बढ़ने की संभावना है लिहाजा इसे नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

मंगलवार को 16 की मौत
मंगलवार को कानपुर और ब्रज क्षेत्र में सात बच्चों समेत 16 और लोगों की मौत डेंगू और वायरल फीवर की वजह से हो गई. फिरोजाबाद में 6 बच्चों समेत 9, कासगंज में तीन, एटा में एक और कानपुर में तीन लोगों की मौत हुई.

कानपुर विवि के छात्रों ने कबीर सिंह को बताया हिंदी का कवि

हिंदी भाषा के सामान्य सवालों में बंगले झांकते नजर आए कानपुर विवि के छात्र

कई स्नातक व प्रोफेशनल कोर्स में इसे अनिवार्य भी कर दिया गया है.इसके बावजूद स्नातक व परास्नातक के छात्र हिंदी भाषा के सामान्य शब्दों के अर्थ बताने में अक्षम नज़र आ रहे हैं.

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हिंदी हमारी मातृभाषा है. पाठशाला की पहली सीढ़ी से की शुरुआत इसी भाषा से होती है. सरकार की ओर से भी हिंदी भाषा के प्रचार- प्रसार के लिए कई क़वायदें की जा रही हैं, कई स्नातक व प्रोफेशनल कोर्स में इसे अनिवार्य भी कर दिया गया है.इसके बावजूद स्नातक व परास्नातक के छात्र हिंदी भाषा के सामान्य शब्दों के अर्थ बताने में अक्षम नज़र आ रहे हैं.
जब हमने छत्रपति साहू जी महाराज विश्विद्यालय के छात्रों से हिंदी के सामान्य शब्दों के अर्थ पूंछे तो वे निरुत्तर हो गए.कुछ ने प्रश्नों के उत्तर दिए, लेकिन वे भी पूरी तरह सही नहीं थे इन प्रश्नों का उत्तर देते समय भी वे काफी असहज भी नज़र आए . इतना ही नहीं पहली कक्षा में पढ़ाया जाना वाला क ख ग घ… बताने तक में ग्रेजुएशन के छात्र बगले झांकते नज़र आए. हद तो तब हो गई जब छात्रों से हिंदी के कवियों के नाम पूंछे तो एक छात्रा ने कबीर दास को कबीर सिंह बता दिया.

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद हिंदी भाषा के उत्थान की उम्मीद
इस बारे में शिक्षाविद व कवि सुनील बाजपेई कहते हैं कि हिंदी भाषा आज अपनी गरिमा पूरी तरह से खो चुकी है. आज के तथाकथित सभ्य समाज में सिर्फ़ अंग्रेज़ी भाषा को ही महत्ता दी जाती है. लोग हिंदी बोलने तक में शर्माते हैं. उन्होंने बताया कि इसके पीछे लाॅर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति पूरी तरह ज़िम्मेदार है. जो अंग्रेज़ी शासन चलाने को सिर्फ़ कम्युनिकेटर तैयार करने के लिए लागू की गई थी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति हिंदी भाषा के उत्थान में काफ़ी योगदान दे सकती है.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

रिश्तेदार का अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेल कर रहा था पुलिसवाला, परेशान महिला ने गंगा में लगा दी छलांग

महिला रिश्तेदार से रेप के मामले में टीएसआई और उसके बेटे पर एफआईआर,

Kanpur News: कानपुर में मिर्जापुर की रहने वाली एक महिला ने अपने रिश्तेदार टीएसआई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है. रेप के साथ उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया, जिसके बाद महिला ने गंगा में कूदकर खुदकुशी करने की कोशिश की. गोताखोरों ने उसे बचा लिया.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में मिर्जापुर की रहने वाली एक महिला ने अपने रिश्तेदार टीएसआई पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया है. रेप के साथ उसका अश्लील वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया. इसके बाद उसने उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने डॉयल-112 पर फ़ोन किया और गंगा में छलांग लगा दी. महिला को नदी में कूदते देख लोग दंग रह गए. लोगों ने उसे फौरन बचाने का प्रयास शुरू कर दिया.

मौके पर गंगा में मौजूद नाविकों और गोताखोरों ने महिला को डूबने से बचा लिया. इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और महिला की तहरीर पर पुलिस ने टीएसआई और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

गोताखोरों की मदद से बचाई गई महिला ने टीएसआई गिरजा शंकर तिवारी पर उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया. आरोप है कि टीएसआई ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया. जिसे वायरल करने की धमकी देकर आरोपित ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. 10 सितंबर को आरोपी ने उसे किसी काम से कानपुर बुलाया. इसके बाद टीएसआई उसे चकेरी मोड़ स्थित कमरे में ले गया, जहां उसने अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट की. इस घटना के बाद रविवार देर शाम को पीड़िता ने जाजमऊ गंगापुल पहुंचकर गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया.

थाना चकेरी में महिला की तहरीर पर टीएसआई गिरजा शंकर तिवारी और उसके पुत्र अमित तिवारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है.

84 साल की उम्र में कानून की पढ़ाई करेंगे कानपुर के सीताराम

सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने यूनिवर्सिटी परिवार में किया स्वागत

नवाबगंज में रहने वाले सीताराम वर्ष 1960 में बीए और 1962 में एमए की पढ़ाई करने के बाद पीएफ विभाग में नौकरी करने लगे थे. साल 1995 में वह इंफोर्समेंट ऑफिसर के पद से रिटायर हुए. उनका बेटा ललित डिफेंस मिनिस्ट्री में कार्यरत है. सीताराम ने बताया कि वर्ष 1998 में एसजीपीजीआई में चिकित्सीय लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई थी. न्याय के लिए उन्होंने सबसे पहले उपभोक्ता फोरम में गुहार लगाई.

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सही ही कहते हैं कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती है. बस‌ मन के अंदर इच्छाशक्ति होनी चाहिए. इसे सच साबित कर दिखाया है पीएफ ऑफिस से इनफोर्समेंट ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त सीताराम श्रीवास्तव ने. जिन्होंने 84 साल की उम्र में कानून की पढ़ाई करने के लिए सीएसजेएम विश्वविद्यालय से संबद्ध वीएसएसडी कॉलेज में एलएलबी में एडमिशन लिया हैं. इसके लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने भी अनुमति प्रदान कर दी है. अनुमति मिलने के बाद उन्होंने विवि के वीसी प्रो. विनय पाठक‌ को धन्यवाद भी कहा.

उपभोक्ता फोरम से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई, मिली जीत
नवाबगंज में रहने वाले सीताराम वर्ष 1960 में बीए और 1962 में एमए की पढ़ाई  करने के बाद पीएफ विभाग में नौकरी करने लगे थे. साल 1995 में वह इंफोर्समेंट ऑफिसर के पद से रिटायर हुए. उनका बेटा ललित डिफेंस मिनिस्ट्री में कार्यरत है. सीताराम ने बताया कि वर्ष 1998 में  एसजीपीजीआई में चिकित्सीय लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई थी. न्याय के लिए उन्होंने सबसे पहले उपभोक्ता फोरम में गुहार लगाई.  यहां से सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और वर्ष 2018 में जीत हासिल की. इन 20 सालों की लड़ाई में कानून को लेकर काफी क्रेज आया. किताबें पढ़ने के शौकीन सीताराम ने कहा कि लगा घर में खाली बैठने से अच्छा है कि एलएलबी की पढ़ाई कर लूं. इसके बाद उन्होंने  विवि के कुलपति प्रो. विनय पाठक से मुलाकात की तो उन्होंने भी दाखिला लेने की अनुमति प्रदान कर दी.वैसे सीताराम को होम्योपैथी किताब पढ़ने का भी शौक हैं.

नई शिक्षा नीति में नहीं है उम्र का बंधन
सीएसजीएम विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. विनय पाठक ने बताया कि सीता राम के जज्बे को देखते हुए विवि प्रशासन ने उन्हें एलएलबी में प्रवेश की अनुमति दी है. नई शिक्षा नीति में पढ़ाई करने के लिए उम्र की कोई भी समय सीमा नहीं है. आने वाले दिनों और भी लोग इस तरह से एडमिशन ले सकते हैं.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

खाकीधारी के शोषण से परेशान महिला ने 112 डायल को फोन कर गंगा में लगा दी छलांग...

महिला ने अपने रिश्तेदार पुलिसवाले पर लगाया रेप का आरोप.  (सांकेतिक तस्वीर)

UP Police : गंगा में कूदी महिला को गोताखोरों ने बचा लिया है. इस महिला ने रिश्तेदार टीएसआई गिरजा शंकर तिवारी पर आरोप लगाया कि कुंभ मेले में ड्यूटी के दौरान उसने शारीरिक शोषण किया और अश्लील वीडियो बना लिया. फिर ब्लैकमेल कर शोषण करता रहा.

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कानपुर. जनपद मिर्जापुर की रहने वाली एक महिला ने अपने रिश्तेदार टीएसआई पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है. उत्पीड़न से त्रस्त महिला ने 112 नंबर पर फोन किया और गंगा में छलांग लगा दी. मौके पर पहुंची पीआरवी ने महिला को बचा लिया. महिला की तहरीर पर पुलिस ने टीएसआई और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

गोताखोरों की मदद से बचाई गई महिला ने टीएसआई गिरजा शंकर तिवारी पर आरोप लगाया कि उसने कुंभ मेले में ड्यूटी के दौरान उसका शारीरिक शोषण किया. आरोपी रिश्तेदार टीएसआई ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया, जिसे वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने उसके साथ कई बार उससे बलात्कार किया. महिला ने बताया कि आरोपी टीएसआई रिश्ते में फूफा लगता है. महिला ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि इस बलात्कार के कारण से वह गर्भवती भी हो गई थी. तब आरोपी ने उसे गर्भ निरोधक दवाएं खिलाकर गर्भपात करा दिया. इसके बाद 10 सितंबर को आरोपी ने उसे किसी काम से कानपुर बुलाया. फिर आरोपी उसे चकेरी मोड़ स्थित कमरे में ले गया. यहां उसने अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट की.

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आरोपी टीएसआई की हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने जाजमऊ गंगापुल पहुंचकर गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. लेकिन गोताखोरों की मदद से पीड़िता को बचा लिया गया. इस मामले में थाना चकेरी में महिला की तहरीर पर टीएसआई गिरजा शंकर तिवारी और उसके बेटे अमित तिवारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है.

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