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कूड़ा मुक्त शहर की रेटिंग से बाहर हुआ कानपुर, लखनऊ, नोएडा, अलीगढ़, झांसी को सिंगल रेटिंग
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Amit Ganjoo | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 22, 2020, 5:01 PM IST
कूड़ा मुक्त शहर की रेटिंग से बाहर हुआ कानपुर, लखनऊ, नोएडा, अलीगढ़, झांसी को सिंगल रेटिंग
कूड़ा प्रबंधन के मामले में कानपुर ने बेहद खराब प्रदर्शन किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कानपुर नगर निगम (Kanpur Nagar Nigam) की महापौर प्रमिला पांडे ने बताया कि हमारे पास स्वास्थ्य अधिकारियों की एक लंबी फौज है, हमने प्रयास भी किए थे. इसके बाद भी कहीं कमी रह गई. इस पर अधिकारियों से चर्चा करेंगे और अगली बार रेटिंग के लिए अभी से तैयारी करेंगे.

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कानपुर. देश के स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) के तहत कूड़ा मुख्य शहर के अभियान में कानपुर (Kanpur) को निराशा हाथ लगी है. फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन करने वाले कानपुर नगर निगम को सिंगल रेटिंग भी नहीं मिल सकी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश से लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, झांसी भी महज सिंगल रेटिंग ही हासिल कर सके हैं.

स्वच्छ कूड़ाघर प्रतियोगिता का भी नहीं मिला फायदा

लॉकडाउन के दौरान वैसे तो कानपुर नगर निगम के अधिकारियों ने शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए काफी प्रयास किए और स्वच्छ कूड़ा घर प्रतियोगिता तक शुरू की लेकिन केंद्रीय टीम उससे भी पहले निरीक्षण के लिए शहर आई थी. स्थानीय अधिकारियों ने स्टार रेटिंग में अपना स्थान बनाने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन उनकी मेहनत उस स्तर तक नहीं पहुंच सकी, जहां वे केंद्रीय अधिकारियों की टीम के पैमाने पर खरे उतर सकते.



केंद्रीय टीम सर्वे से हुई असंतुष्ट



केंद्रीय टीम ने खुद अपने सामने डोर टू डोर कूड़ा लेने की व्यवस्था को चेक किया था. साथ ही लोगों से बात भी की थी. शहर में हुए सर्वे के दौरान डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को प्रमुख स्थान दिया जाना था, जिसके लिए टीम ने शहर के 35 से ज्यादा स्थानों पर सर्वे किया था. इसमें अधिकारियों ने पाया कि गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं लिया जा रहा है. नगर निगम ने पॉलिथीन पर किए गए चालान के साथ गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग न देने पर किए गए चालान को अपने आवेदन का मुख्य आधार बनाया था. इसमें फाइव स्टार, 3 स्टार एवं 1 स्टार रेटिंग थी लेकिन कानपुर इनमें से किसी भी रेटिंग का हिस्सा न बन सका.

यूपी के इन 6 शहरों को बस एक स्टार मिला

शहरवासियों को भी यह उम्मीद थी कि जिस प्रकार से नगर निगम ने होल्डिंग बैनर और पोस्टरों के माध्यम से फाइव स्टार रेटिंग होने की बात कही थी. नगर निगम के साथ-साथ शहर वासियों को भी निराशा हाथ लगी. लॉकडाउन के पहले शहर की जो तस्वीर थी, वह भी कानपुर को किनारे करने के लिए काफी थी हालांकि लॉकडाउन में शहर की तस्वीर सुधरी है. उत्तर प्रदेश से जो 6 शहर लखनऊ, गजरौला, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, झांसी इसमें शामिल हैं उनमें भी 1 स्टार ही मिला है.

सबके अपने-अपने तर्क

इस संबंध में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमिला निरंजन ने कहा कि कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है. दूसरी ओर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय सखवार ने कहा कि अभी उन्हें इस रेटिंग की कोई जानकारी ही नहीं है.

अगली बार रेटिंग के लिए अभी से करेंगे तैयारी: मेयर

कानपुर नगर निगम की महापौर प्रमिला पांडे ने बताया कि हमारे पास स्वास्थ्य अधिकारियों की एक लंबी फौज है, हमने प्रयास भी किए थे. इसके बाद भी कहीं कमी रह गई. इस पर अधिकारियों से चर्चा करेंगे और अगली बार रेटिंग के लिए अभी से तैयारी करेंगे.

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First published: May 22, 2020, 4:29 PM IST
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