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Kanpur News: दरोगा ने आधी रात को कहा कल आना, सुबह आई मौत की खबर, जानें पूरा माजरा

आरोपियों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुए आपसी विवाद के कारण उन्होंने गोविंद को ले जाकर उसकी हत्या कर दी.

आरोपियों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुए आपसी विवाद के कारण उन्होंने गोविंद को ले जाकर उसकी हत्या कर दी.

पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा कि मामले में जांच कराई जाएगी. अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि पुलिस की लापरवाही से मौत का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 18 अक्टूबर 2021 को पनकी रतनपुर के भाजपा के कार्यकर्ता अजय तिवारी की भी हत्या में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी. जिसमें चौकी प्रभारी समेत दो सिपाही निलंबित हुए थे.

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कानपुर. कानपुर में गोविंद हत्याकांड में नवाबगंज पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है. हालांकि हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस कमिश्नर ने इनाम देने का ऐलान किया, लेकिन अब परिजन सामने आकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दरअसल, बीते शुक्रवार को गोविंद वर्मा का शव बरामद हुआ था. गोविंद वर्मा नवाबगंज थाना अंतर्गत घेवड़ा के निवासी थे. बताया जा रहा है कि जब रात 10 बजे तक गोविंद घर नहीं आया और परिजन उसे फोन मिलाते रहे, लेकिन फोन स्विच ऑफ जा रहा था. उसके बाद अगले दिन पता चला कि गोविंद का शव बरामद हुआ है और किसी ने उसकी हत्या कर दी है. पुलिस ने इस पर गोविंद वर्मा के ही 6 दोस्तों को आरोपी बनाया है. जिन्होंने जुर्म स्वीकार भी किया है. आरोपियों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुए आपसी विवाद के कारण उन्होंने गोविंद को ले जाकर उसकी हत्या कर दी.

लेकिन इस पूरे मामले पर नवाबगंज थाना अंतर्गत दरोगा की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. दरअसल जब बीते शुक्रवार गोविंद वर्मा का फोन स्विच ऑफ जा रहा था तब उसकी बहन निशा देर रात 12 बजे नवाबगंज थाने गई और दरोगा से भाई के फोन स्विच ऑफ होने और उसके घर ना आने की बात कहीं. लेकिन दरोगा ने कह दिया कि कल आना इसके 2 घंटे बाद गोविंद वर्मा के एटीएम से पैसे निकालने का मैसेज भी घर के मोबाइल पर आया. और सुबह गोविंद वर्मा का लाश बरामद हुई. अगर तत्काल पुलिस मामले पर कार्रवाई करती या मोबाइल लोकेशन से तलाश करती तो शायद गोविंद की जान बच सकती थी.

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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा कि मामले में जांच कराई जाएगी. अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि पुलिस की लापरवाही से मौत का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 18 अक्टूबर 2021 को पनकी रतनपुर के भाजपा के कार्यकर्ता अजय तिवारी की भी हत्या में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी. जिसमें चौकी प्रभारी समेत दो सिपाही निलंबित हुए थे. इसके बाद 22 जून 2020 को भी बर्रा थाना अंतर्गत लैब टेक्नीशियन संजीव यादव की भी जान पुलिस की लापरवाही से गई थी जिसमें एसपी समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे.

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