कानपुर में दारोगा को लगा जोर का झटका! कोर्ट ने लगाया जुर्माना, जानें क्या है रोचक मामला

 अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. (सांकेतिक फोटो)

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. (सांकेतिक फोटो)

आमतौर पर पुलिसकर्मी चौराहों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटते और उनसे जुर्माना वसूलते हैं. मगर जब कभी किसी पुलिसकर्मी पर जुर्माना लगे और वह भी उसके वेतन से कटे तो कहीं ना कहीं यह आश्चर्यजनक बात मानी जाती है.

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कानपुर. आमतौर पर पुलिसकर्मी चौराहों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटते और उनसे जुर्माना वसूलते हैं. मगर जब कभी किसी पुलिसकर्मी पर जुर्माना लगे और वह भी उसकी वेतन से कटे तो कहीं ना कहीं यह आश्चर्यजनक बात मानी जाती है. ऐसा ही कुछ देखने को मिला उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के बजरिया थाना क्षेत्र में, जहां चोरी केस दर्ज हुआ था.

दरअसल, बजरिया निवासी मोहम्मद इमरान के घर पर चोरों ने हाथ साफ किया और लाखों की चोरी कर ली. प्रभारी निरीक्षक राम मूरत यादव ने टीम गठित की और खुफिया तंत्र को की मदद से चोरों द्वारा चोरी किया गया माल बरामद कर लिया. मगर इमरान को वह सामान नहीं मिल पाया, जिसके लिए उसे न्यायालय की शरण में जाना पड़ा.

बताया जा रहा है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने पर भी मोहम्मद इमरान को चोरी का सामान रिलीज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी लगानी पड़ी थी. कानपुर कोर्ट में इमरान ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार लगाई, जिसके बाद कोर्ट में विवेचक सब इंस्पेक्टर मोहम्मद खालिद को कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए. बजरिया थाने के विवेचक न्यायालय में तारीख पर उपस्थित नहीं हुए. बार-बार नोटिस के बाद विवेचक दूसरी तारीख पर न्यायालय बयान देने पहुंचे.

..तो दी गलत जानकारी
न्यायालय द्वारा मोहम्मद इमरान प्रकरण में संबंधित रिपोर्ट मांगी गई तो उपनरीक्षक ने गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी. इस पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष पीयूष वर्मा ने विवेचक एसआई मोहम्मद खालिद को अवमानना का दोषी पाते हुए जुर्माने की सजा सुनाई. इस जुर्माने में उपनिरीक्षक ₹90 का जुर्माना लगाया है और यह भी आदेशित किया कि यह धनराशि बजरिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक के वेतन से कटेगी.
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