कानपुर शेल्टर होम मामलाः प्रोबेशन अधिकारी ने मानी चूक, DM ने कहा- शेल्टर होम में प्रेग्नेंट होने की बात निराधार! जानें पूरी कहानी
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कानपुर शेल्टर होम मामलाः प्रोबेशन अधिकारी ने मानी चूक, DM ने कहा- शेल्टर होम में प्रेग्नेंट होने की बात निराधार! जानें पूरी कहानी
कानपुर के शेल्टर होम में लड़कियों के गर्भवती मिलने पर मचा है हड़कंप

कानपुर के एसएसपी ने मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि संवासिन गृह की 57 किशोरियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. इसके बाद शेल्टर होम के अन्य स्टाफ को क्वारंटाइन कर दिया गया है. वहीं उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इनमें से 7 गर्भवती हैं, एक HIV संक्रमित है

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कानपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर और यूपी के देवरिया शेल्टर होम कांड के बाद कानपुर के बालिका गृह (Kanpur Shelter Home case) में प्रशासनिक लापरवाही सवालों के घेरे में है. स्वरूप नगर स्थित महिला संवासिनी गृह में एक के बाद एक 7 युवतियों के गर्भवती पाए जाने और 57 के कोरोना संक्रमित (COVID-19 Positive) होने का मामला सामने आने के बाद यूपी की सियासत भी गर्मा गई है. कानपुर शेल्टर होम मामले को देखें तो परत दर परत लापरवाहियां उजागर होती दिखती हैं. शेल्टर होम का मामला सामने आने के बाद पता चला कि यहां क्षमता से अधिक संवासिनें रखी गई हैं. खुद प्रोबेशन अधिकारी ने माना कि यहां क्षमता से अधिक किशोरियां रह रही हैं.

कोरोना काल में जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का नियम मानने के सरकार ने आदेश जारी किए थे, उसके बावजूद शेल्टर होम में इसका पालन न किया जाना भी सवाल उठाता है. यहां तक कि डीएम कानपुर इस मामले पर मीडिया के सामने कुछ कहने से बचते रहे लेकिन चारों ओर से हो रही आलोचनाओं के बाद उन्होंने Tweet कर कहा 'कानपुर के राजकीय बाल संरक्षण गृह (बालिका) के भीतर किसी भी किशोरी के गर्भवती होने की खबर पूर्णत: निराधार व सत्य से परे है. किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसे संवेदनशील मामले में पाक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी व तथ्यों के आधार पर ही कुछ कहना चाहिए'.


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आपको बता दें कि बीती 17 तारीख को 33 किशोरियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया. जांच रिपोर्ट आती इसके पहले ही दो किशोरियों के गर्भवती होने की जानकारी भी सामने आ गई. रविवार की सुबह मामले के खुलासे के बाद जिले के अधिकारियों ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 2 नहीं, बल्कि कुल 7 युवतियां गर्भवती हैं. सोमवार की सुबह कानपुर के एसएसपी ने मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि संवासिन गृह की 57 किशोरियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. इसके बाद शेल्टर होम के अन्य स्टाफ को क्वारंटाइन कर दिया गया है. वहीं उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इनमें से 7 गर्भवती हैं, एक HIV संक्रमित है.

प्रोबेशन अधिकारी बोले- नहीं थी जानकारी
इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत ने माना कि महिला शरणालय और बाल सुधार गृह में क्षमता से अधिक महिलाएं रह रही हैं. प्रोबेशन अधिकारी ने कहा कि उन्हें गर्भवती बालिका के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी, अगर होती तो उसकी रिपोर्ट शासन को जरूर भेजते. इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि शेल्टर होम को लेकर जिले के आला अफसरों ने चुप्पी साध रखी है. डीएम डॉ. बीडीआर तिवारी इस मामले पर पहले तो कुछ भी कहने से बचते नजर आए. यहां तक कि लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की बात पूछे जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. लेकिन जब मामले में तूल पकड़ लिया तो शेल्टर होम को क्लीन चिट देते नजर आए. दूसरी तरफ मामले पर स्वास्थ्य महकमे की भी लापरवाही देखने को मिली है. कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने कहा कि यह उनका विभाग नहीं है. उन्हें सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के बारे में ही जानकारी है.

 
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