कानपुर: गिरफ्त से अब भी दूर आठ पुलिसवालों का हत्यारा विकास दुबे, बढ़ायी गई इनाम राशि

अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है अपराधी विकास दुबे
अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है अपराधी विकास दुबे

अब तक की जांच में खाकी पर जो कलंक लगा है उसमें विभाग के कुछ लोगों का हाथ नजर आ रहा है.

  • Share this:
कानपुर. चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में शुक्रवार की रात दबिश देने गई पुलिस (Police) टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले विकास दुबे (Vikas Dubey) का पता अभी तक नहीं लगा है. अब पुलिस ने विकास दुबे पर इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दी है. साथ ही उसके 18 गुर्गों पर भी 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है. अब तक की जांच में खाकी पर जो कलंक लगा है उसमें विभाग के कुछ लोगों का हाथ नजर आ रहा है. पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस की तरफ से ही सूचना दी गई थी की दबिश होने वाली है. जिसके बाद विकास ने अपने हथियारबंद साथियों को बुलाया था.

6 राज्यों में दी जा रही दबिश

घटना के बाद से ही मुख्या आरोपी व उसके गुर्गों की तलाश के लिए लगातार पुलिस दबिश दे रही है. पुलिस की 60 टीमें गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है. इसके अलावा 500 लोगों के फ़ोन सर्विलांस पर हैं. बव्जोद इसके 48 घनते से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी हत्यारा विकास दुबे अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. पुलिस को आशंका है कि वह दूसरे राज्यों में छिपा हो सकता है. लिहाजा कई पुलिस की टीम नया राज्यों में भी उसकी तलाश कर रही हैं.




पुलिस की तरफ से महज 21 राउंड फायरिंग

पुलिस के मुताबिक जब टीम विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची थी उस वक्त करीब 100 बदमाश वहां मौजूद थे. हमले में शामिल सभी बदमाशों ने एक साथ हमला किया था. सभी ने अंधाधुंध फायरिंग की थी. एके-47 समेत कई आटोमेटिक वेपन से फायरिंग की गई. इस हमले के जवाब में पुलिस की तरफ से महज 51 राउंड ही गोलियां चली. तीन थानों की फोर्स, पर्याप्त असलहा व कारतूस होने के बावजूद तीन दिशाओं से हो रही ताबड़तोड़ फायरिंग से किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पुलिस ने विकास दुबे समेत 21 नामजद और 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और चचेरे भाई अतुल दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था. बीजेपी नेता संतोष शुक्ला की हत्या के मामले में अतुल दुबे नामजद आरोपी था. 2001 में अतुल व प्रेम प्रकाश के खिलाफ डकैती का मुकदमा भी दर्ज हुआ था.

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज