कानपुर नरसंहार: विकास दुबे गैंग की तरफ से हो रही अंधाधुंध फायरिंग के बीच पुलिस वाले चला सके महज 55 राउंड गोलियां
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कानपुर नरसंहार: विकास दुबे गैंग की तरफ से हो रही अंधाधुंध फायरिंग के बीच पुलिस वाले चला सके महज 55 राउंड गोलियां
विकास दुबे और उसके गुर्गों पर भी पुलिस ने चलाई थी गोलियां

तीन तरफ से घिरे होने के बावजूद पुलिस (Police) की टीम पीठ दिखाकर नहीं भागी थी. बल्कि उन्होंने सामना किया था और विकास दुबे (Vikas Dubey) व उसके गुर्गों पर फायरिंग की थी. पुलिस की ओर से 55 राउंड गोलियां चलाई गई थी.

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कानपुर. 2/3 जुलाई की रात चौबेपुर (Chaubeypur) के बिकरू गांव में दुर्दांत विकास दुबे (Vikas Dubey) के घर दबिश देने गई पुलिस टीम (Police Team) पर हमले की कहानी परत-दर-परत खुलती जा रही है. विभाग की तरफ से ही दबिश की मुखबिरी के बाद विकास दुबे एंड गैंग ने घात लगाकार पुलिस पार्टी पर हमला किया था. इस हमले में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. अब पुलिस की तरफ से बताया गया है कि विकास दुबे और उसके साथियों की तरफ से हो रही अंधाधुंध फायरिंग के बीच पुलिस टीम महज 55 राउंड गोलियां ही चला सकी थी.

जानकारी के मुताबिक तीन तरफ से घिरे होने के बावजूद पुलिस की टीम पीठ दिखाकर नहीं भागी थी. बल्कि उन्होंने सामना किया था और विकास दुबे व उसके गुर्गों पर फायरिंग की थी. पुलिस की ओर से 55 राउंड गोलियां चलाई गई थी. एसओ बिठूर ने 6, एसओ चौबेपुर ने 10, एसआई कुंवर पाल सिंह ने 5, एसआई अजहर इशरत ने 7, एसआई विश्वनाथ मिश्रा ने 5 राउंड गोलियां पिस्टल से चलाई थी. इसके अलावा कॉन्स्टेबल अभिषेक ने 7, कांस्टेबल नेम सिंह ने 5, कांस्टेबल जयप्रकाश ने 2 राउंड गोली इंसास रायफल से चलाई थी. कॉन्स्टेबल अजय कश्यप ने एके-47 से 8 राउंड फायरिंग की थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा



8 पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब सामने आई है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इसमें पता चला है कि दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों को बड़ी बेरहमी से मारा था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि CO देवेंद्र मिश्रा समेत सभी पुलिसकर्मियों की हत्या करने के लिए धारधार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया. पुलिसकर्मियों को सिर्फ मारना ही नहीं बल्कि बदला लेने का मकसद दिखाई पड़ता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक CO देवेंद्र मिश्रा को 4 गोली मारी गईं जिसमें से तीन उनके शरीर से आर-पार हो गई. एक गोली उनके सिर में, एक छाती में और दो पेट में लगी थी. इसके अलावा विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को गोलियां मारने के बाद उनके पैर को भी काट दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सभी गोलियां प्वाइंट ब्लैंक रेंज से मारी गईं. इसके अलावा 3 पुलिसकर्मियों के सिर पर और एक के चेहरे पर गोली मारी गई. सभी 8 पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये साफ होता है कि बेहद बेरहमी से सभी की हत्या की गई. शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिपाही सुल्तान को दो गोलियां मारी गईं. अन्य पुलिसकर्मियों को आठ से दस गोलियां मारी गईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी हैरान

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर शरीर पर गोलियों के निशान देखकर दंग रह गए. पुलिसकर्मियों के सिर, चेहरे, हाथ, पैर, सीने और पेट में गोलियां लगी थीं. वहीं सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र के चेहरे पर एक गोली लगने से वाइटल ऑर्गन बाहर आ गया और उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया. डॉक्टरों के अनुसार यही हाल अन्य पुलिसकर्मियों का भी हुआ होगा. ज्यादातर गोलियां शरीर के शरीर के पार हो गईं. तीन पुलिसकर्मियों के शरीर में गोलियों के टुकड़े मिले जो हड्डियों से टकराने से कई टुकड़ों में बंट गए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे और उसके साथियो ने रायफल से गोलियां चलाईं. पोस्टमार्टम के दौरान मिले गोलियों के टुकड़ों को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा.
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