Kanpur Shootout: बहन को 6 बीघा जमीन दिलाने का विवाद बना काल, FIR पर दबिश देने गई थी पुलिस
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Kanpur Shootout: बहन को 6 बीघा जमीन दिलाने का विवाद बना काल, FIR पर दबिश देने गई थी पुलिस
विकास दुबे जमीन सुनील की होने को लेकर ऐसा न होने के लिए पूरी ताकत लगा रहा था. (फाइल फोटो)

Kanpur Encounter: जमीन को लेकर पार‍िवारिक झगड़ा और उसके बाद ि‍विकास दूबे की दंबगई की शिकायत पुलिस से की गई थी. इसके बाद पुलिस दबिश देने गई थी.

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कानपुर. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Historyheater Vikas Dubey) और रिश्‍ते में उसके बहनोई लगने वाले राहुल तिवारी के बीच घनश्यामपुर ग्राम पंचायत (Ghanshyampur Gram Panchayat) के मोहनी निवादा गांव की 6 बीघा जमीन के विवाद में 8 पुलिसकर्मियों की जीवन लीला समाप्त हो गई. जी हां! करीब तीन वर्षों से विकास दुबे इस जमीन को रिश्‍ते में बहन लगने वाली महिला को दिलाने के लिए राहुल पर दबाव बना रहा था. मोहनी निवादा गांव निवासी दिवंगत लल्लन शुक्ला की तीन बेटियां हैं. लल्लन के पुत्र न होने पर उन्होंने सुनील शुक्ला नाम के भांजे को गोद लिया था. लल्लन ने अपनी छह बीघा जमीन सुनील के नाम कर दी थी. लल्लन ने पहली पुत्री सुनीता की शादी गौरीलक्खा निवासी बबलू तिवारी से और दूसरी पुत्री प्रतिमा की शादी जादेपुर खस्सा निवासी राहुल तिवारी से की थी, जबकि तीसरी पुत्री सरिता अविवाहित है.

लल्लन के दत्तक पुत्र सुनील शुक्ला का विवाह बिकरू गांव के विकास दुबे की बहन लगने वाली समीक्षा से हुआ है. राहुल तिवारी मोहनी निवादा गांव में ससुर की मौत के बाद ससुराल की जमीन बिक्री कर सबसे छोटी साली सरिता का विवाह करना चाहता था.

यहीं हुई विकास दुबे की एंट्री
विकास दुबे जमीन सुनील के नाम होने को लेकर पूरी ताकत लगा रहा था. इसी बात पर दोनों पक्षों में कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन मामले का समाधान नहीं निकला. ऐसा बताया जाता है कि विकास के विरोधी पारिवारिक सदस्यों ने राहुल तिवारी को आगे कर कुछ दिन पहले ही बाइक समेत अपहरण, मारपीट और अन्य आरोप लगाते हुए चौबेपुर एसओ विनय तिवारी के समक्ष शिकायत कराई थी, लेकिन राहुल को थाने से चलता कर दिया गया था.
एसओ की सीओ से की थी शिकायत


इसके बाद राहुल ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र से एसओ चौबेपुर की कई कारस्तानी बताते हुए तहरीर दी. इसके बाद 2 जुलाई की रात विकास दुबे सहित उसके कई साथियों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई. इसके बाद सीओ बिल्हौर ने आलाधिकारियों से अनुमति लेकर चौबेपुर, शिवराजपुर और बिठूर थानों की फोर्स के साथ बिकरू गांव में दबिश दी थी. इसी दौरान पहले से घात लगाए विकास दुबे और उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था, जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहिद हो गए.
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