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कानपुर की बेटी ने ही उद्घाटन के बाद पहली बार दौड़ाई मेट्रो, पीएम व सीएम को कराया सफर 

आधुनिक भारत में महिलाएं हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं.इसकी एक बानगी कान ...अधिक पढ़ें

    आधुनिक भारत में महिलाएं हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं.इसकी एक बानगी बुधवार को कानपुर मेट्रो में देखने को मिली.जहां यूपीएमआरसी की कानपुर निवासी महिला लोको पायलट ज्योति शुक्ला ने उद्घाटन के बाद पहली बार मेट्रो का संचलान किया. ख़ास बात यह रही कि ज्योति ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को बैठाकर मेट्रो का संचालन किया.ज्योति ने आईआईटी मेट्रो स्टेशन से लेकर गीतानगर मेट्रो स्टेशन तक कानपुर मेट्रो को दौड़ाया.इसके बाद कानपुर के स्कूली बच्चों के मेट्रो की यात्रा कराई गई.साथ में उनके साथ सहयोगी के रूप में बलिया के अंकित भी मौजूद रहे.

    पाँच साल से कर रही हैं मेट्रो ट्रेन का संचालन
    ज्योति ने बताया कि उन्होंने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से 2016 में मेट्रो संचालन का प्रशिक्षण लिया था.वह पिछले पांच सालों से मेट्रो का संचालन कर रही है.कानपुर मेट्रो से पहले उन्होंने लखनऊ मेट्रो का संचालन किया है.अब उन्हें अपनी शहर की मेट्रो चलाने का मौक़ा मिला है और वह भी तब जब उसकी शुरूआत हो रही है.जो उनके लिए बेहद गर्व की बात है.

    मूलरूप से हैं मिर्ज़ापुर की रहने वाली, कानपुर में है ससुराल
    ज्योति ने बताया कि वह मूलरूप से मिर्ज़ापुर की रहने वाली हैं. 2018 में उनकी शादी कानपुर के न्यू आज़ाद नगर निवासी विजय मिश्रा से हुई थी. विजय भी यूपीएमआरसी में ही कार्यरत हैं. तब से वह कानपुर में ही रह रही है. ज्योति का कहना है कि वह मूलरूप से तो मिर्ज़ापुर की हैं, लेकिन शादी के बाद से कानपुर में ही रहने लगी है. इसलिए उन्हें कानपुर की बेटी ही कहा जाए.

    पति की ओर से क्लीरेंस मिलने के बाद ही आगे बढ़ाती हैं गाड़ी
    ज्योति के पति विजय की बात करे तो वह कानपुर मेट्रो के कंट्रोल सेंटर में तैनात है.जो मेट्रो के आवागमन पर नज़र रखते है और लोकों पायलट्स को लगातार आगे की स्थितियों से अवगत कराते है.ऐसे में ज्योति जब मेट्रो ट्रेन लेकर सफ़र शुरूआत करने वाली होते हैं या सफ़र के दौरान भी उन्हें पति यानी कंट्रोल सेंटर से कमांड लेनी होती है.इसलिए यह कहा जा सकता है कि वह पति से क्लिरेंस लिए बिना मेट्रो ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाती हैं.

    पीएम और सीएम को एक साथ ले जान सबसे अहम पल
    ज्योति ने बताया कि वह अब तक क़रीब 3000 किमी तक मेट्रो का संचालन कर चुकी है. इस दौरान कई चुनौती भी सामने आईं, जिसका उन्होंने डटकर मुक़ाबला किया.साथ ही कई उपलब्धियां भी हासिल हुई.लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ को एक साथ एक ही मेट्रो में सफ़र कराना उनके लिए ज़िंदगी का सबसे अहम रहा है.उन्होंने बताया कि इस सफ़र से पहले वह थोड़ी नर्वस ज़रूर थी.लेकिन जैसे ही, सफ़र शुरु हुआ उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया.

    छतों में मौजूद लोगों ने हाथ हिलाकर किया मेट्रो का स्वागत
    कानपुर मेट्रो के दीदार के लिए लोग सुबह से ट्रैक के नीचे बनी सड़कों व आसपास के घर की छतों पर मौजूद थे. वह टकटकी लगाकर मेट्रो ट्रैक की तरफ़ देख रहे थे और इंतजार कर रहे थे कि कब मेट्रो आए और वह उसका स्वागत कर सकें. आईआईटी से जैसे ही मेट्रो ने मोतीझील मेट्रो स्टेशन की ओर रफ़्तार भरी छतों में मौजूद लोगों ने हाथ हिलाकर उसका स्वागत किया.

    (रिपोर्ट: आलोक तिवारी)

    Tags: Kanpur news

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