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Lockdown: 30 घंटे से भूखे श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने कानपुर में खाने के पैकेट लूटे
Kanpur News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 23, 2020, 12:17 AM IST
Lockdown: 30 घंटे से भूखे श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने कानपुर में खाने के पैकेट लूटे
कानपुर सेंट्रल पर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने खाने के पैकेट लुटे

जामनगर में काम करने वाले एक यात्री ने बताया सफर के दौरान ट्रेन में न तो पानी की व्यवस्था थी और न ही खाने. इन लोगों ने टॉयलेट का पानी पी-पी कर यह सफर गुजारा. 30 घंटे बाद जब कानपुर पहुंचे तो उनके सब्र का बांध टूट गया.

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कानपुर. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के चलते देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown 4.0) अपने चौथे चरण में प्रवेश कर चुका है. काम-धंधे सब ठप होने से प्रवासी श्रमिकों/कामगारों (Migrant workers) के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है और ऐसे में वो घरों को लौट रहे हैं. ऐसी ही एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन (Shramik Special Train) इन कामगारों को लेकर आज कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर जब रुकी तो अजब सी नौबत सामने आ गई. जामनगर से चली इस ट्रेन के भूख से बिलख रहे श्रमिकों ने कानपुर रेलवे स्टेशन पर भोजन पैकेट के लिए लूट मचा दी. उसके बाद धक्का-मुक्की, हाथा-पाई सब कुछ हो गया. किसी के कपड़े फटे तो किसी को चोट आई. जैसे-तैसे ट्रेन को रवाना किया गया.

खाने की लूट
दरअसल कोरोना काल में हुए लॉकडाउन में अन्य प्रदेशों में फंसे हुए कामगारों की घर वापसी के लिए केंद्र सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया उसके बाद से इन ट्रेनों के जरिये कामगारों की घर वापसी कराई जा रही है. इसी क्रम में गुजरात से चलकर बिहार जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन जब 30 घंटे का सफर तय करके कानपुर सेंट्रल पहुंची तो भूख से बिलख रहे यात्री ट्रेन खड़ी होते ही खाने के लिए दौड़ पड़े. प्रशासन द्वारा खाने के पैकटों का इंतजाम किया गया था और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के लिए प्लेटफॉर्म पर गोले बनाए गए थे जिस पर लोगों को खड़े होकर खाना लेना था. मगर भूख के आगे नियम-कानून भूल सैकड़ों की संख्या में लोग खाने पर टूट पड़े. इन हालातों को संभालने में नाकाम रेल के प्रशासनिक अधिकारी धीमे से खिसकते नजर आए. यहां तक कि जिन लोगों की जिम्मेदारी थी लंच पैकेट बांटने की वह भी ट्रॉली पर खाना छोड़ कर भाग गए. खाने को लेकर पहले तो तू-तू मैं-मैं फिर हाथापाई हुई. उसके बाद जमकर एक-दूसरे के कपड़े फाड़े गए. खाने के पैकेट को एक-दूसरे पर फेंका गया, खाना प्लेटफॉर्म पर बिखर गया.

टॉयलेट का पानी पी कर प्यास बुझाई



श्रमिक स्पेशल ट्रेन के कुछ यात्रियों से जब इस मुद्दे पर News18 संवाददाता ने बात की तो जामनगर में काम करने वाले एक यात्री ने बताया सफर के दौरान ट्रेन में न तो पानी की व्यवस्था थी और न ही खाने. इन लोगों ने टॉयलेट का पानी पी-पी कर यह सफर गुजारा. 30 घंटे बाद जब कानपुर पहुंचे तो उनके सब्र का बांध टूट गया. किसी बात को लेकर कुछ लोगों में कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की, फिर मारा-पीटी शुरू हो गई. जिसके बाद जिसे जितना खाना मिला वह जल्दी-जल्दी खाने लगा. इस अफरातफरी के चलते कई लोग भूखे रह गए. इस पूरे मामले पर आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदुम्न ओझा ने बताया कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने के बाद अचानक यात्री ट्रेन से कूदने लगे. जब तक कोई कुछ समझ पाता ये लोग खाने पर टूट पड़े. उन्हें समझाने का प्रयास किया गया मगर वह समझने को तैयार नहीं थे और आपस में एक-दूसरे से भिड़ गए. किसी तरह उन लोगों को शांत कराया गया. जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक राममोहन राय ने बताया 39 नंबर प्लेटफार्म पर जीआरपी के जवान भी मुस्तैद थे और वह स्वयं भी साथ में खड़े थे. मगर खाने को लेकर जिस प्रकार से हाथा-पाई हुई जब तक कि जीआरपी कुछ समझ पाती उन लोगों ने काफी सारा खाना प्लेटफार्म पर बिखेर दिया था. किसी तरह यात्रियों को समझा-बुझाकर ट्रेन में बैठाया गया और ट्रेन को रवाना कराया गया.



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First published: May 23, 2020, 12:17 AM IST
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