कानपुर के बिकरू गांव पहुंचे SC द्वारा गठित जांच कमेटी के सदस्य, विकास दुबे के घर का लिया जायजा
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कानपुर के बिकरू गांव पहुंचे SC द्वारा गठित जांच कमेटी के सदस्य, विकास दुबे के घर का लिया जायजा
कानपुर के बिकरू गांव पहुंचे जांच कमेटी के सदस्य

कानपुर (Kanpur) में जांच कमेटी के सदस्यों ने 2 और 3 जुलाई को 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मौके पर स्थल परीक्षण किया. इस दौरान कमेटी ने जेसीबी देखने के साथ ही विकास दुबे (Vikas Dubey) के गिरा दिए गए मकान का भी जायजा लिया.

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  • Last Updated: August 4, 2020, 4:43 PM IST
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कानपुर. कानपुर (Kanpur) के बिकरू कांड (Bikroo Case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) द्वारा गठित जांच कमेटी के सदस्य मंगलवार को गांव पहुंचे. यहां कमेटी के सदस्यों ने 2/3 जुलाई को 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मौके पर स्थल परीक्षण किया. इस दौरान कमेटी ने जेसीबी को देखा, साथ ही विकास दुबे के गिरा दिए गए मकान का भी जायजा लिया. कमेटी के सदस्यों के दौरे के समय भारी संख्या में फोर्स बिकरू गांव में दिखी. इस दौरान कमेटी के सदस्यों ने कुछ लोगों से पूछताछ भी की.

विकास दुबे एनकाउंटर की जांच कमेटी में बने रहेंगे पूर्व DGP

बता दें ये कमेटी कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) के साथ ही मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey Encounter) के एनकाउंटर मामले की जांच कर रही है. इससे पहले इस कमेटी से पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता (KL Gupta) को हटाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी.



दरअसल अनूप अवस्थी नाम के शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके केएल गुप्ता को जांच कमेटी से हटाने की मांग की थी. याचिकाकर्ता ने केएल गुप्ता की जगह किसी अन्य पूर्व डीजीपी को कमेटी में शामिल करने की मांग की थी. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया केएल गुप्ता जांच को प्रभावित कर सकते हैं.
याचिका में लगाए गए थे ये आरोप

याचिकाकर्ता ने कहा था कि पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता ने अपने मीडिया इंटरव्यू में पहले ही पुलिस को क्लीनचिट दे दी है. ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? लिहाजा उनकी जगह पर किसी दूसरे को कमेटी में शामिल करना चाहिए. इस याचिका में पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता के अलावा हाइकोर्ट के पूर्व जज शशिकांत अग्रवाल को भी बदलने की मांग की गई है.

सुप्रीम को खारिज की थी याचिका

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता को विकास दुबे मुठभेड़ मामले में गठित जांच समिति के सदस्य पूर्व डीजीपी गुप्ता पर आक्षेप लगाने का अवसर नहीं देगा. अदालत ने पूर्व डीजीपी पर मीडिया की खबरों पर गौर करते हुए कहा कि विकास दुबे मुठभेड़ मामले में जांच गलत नहीं होगी क्योंकि जांच समिति में शीर्ष अदालत और हाईकोर्ट के पूर्व जज भी शामिल हैं. इनपुट: श्याम तिवारी
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