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गुजरात से बस से चले थे दो भाई, सुबह आंख खुली तो एक की हो चुकी थी मौत

लॉकडाउन खुलने के बाद घर लौटने की खुशी (file photo)

लॉकडाउन खुलने के बाद घर लौटने की खुशी (file photo)

मृतक के भाई ने बताया कि वह रातभर उसके कंधे पर सिर रखे रहा, लेकिन उन्‍हें भाई की मौत का अहसास तक नहीं हुआ.

कानपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने की कवायद के तहत देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) का सबसे बुरा असर प्रवासी मजदूर (Migrant Laborers) पर हुआ है. इस बीच, कानपुर में शनिवार को दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां गुजरात में लॉकडाउन के दौरान फंसे दो युवक अपने घर वापसी के लिए अनलॉक का इंतजार कर रहे थे. इसके बाद दो दिन पहले गुजरात के अहमदाबाद से दो युवा श्रमिक खगड़ि‍या के लिए चले थे. रास्ते में एक युवक की कब मौत हो गई, उसके साथ बैठे उसके भाई को पता ही नहीं चला.

कानपुर में जब यात्रियों को बस से उतारा गया तब उसके साथ यात्रा कर रहे भाई को पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है. मृतक के साथ पूरी रात बैठ के भाई ने सफर किया मगर उसे इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि उसकी मौत हो चुकी थी. गुजरात के अहमदाबाद में काम करने वाला युवक दौलत कुमार खगड़ि‍या बिहार का रहने वाला था. वह अपने भाई के साथ 2 दिन पहले गुजरात के अहमदाबाद से बस से चला था. मृतक के भाई कैलाश ने बताया भरतपुर तक वह जीवित था, मगर उसे इतनी नींद आ रही थी कि उसे इस चीज का पता ही नहीं चला कि उसके भाई की मौत कब हो गई.

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कानपुर के फजलगंज चौराहे पर जब यात्रियों को उतारा जा रहा था, तभी कैलाश की आंख खुली और उसने अपने भाई दौलत राम को उठाने की कोशिश की. जब काफी देर तक वह नहीं उठा तो बस में चीख-पुकार मच गई. इसके बाद फजलगंज पुलिस को सूचना दी गई. पास के ही क्लीनिक के डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है. दरअसल, अहमदाबाद से चले दौलतराम की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब थी और बस में बैठने के बाद उसे नींद की झपकी आ रही थी.

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कानपुर के सीओ और नोडल ऑफिसर त्रिपुरारी पांडे ने बताया कि फजलगंज पुलिस को सूचना मिली जिसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ बस अड्डे पर पहुंचे. वहां शख्‍स मृत अवस्‍था में पाया गया था. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि आखिर उसकी मौत कब और किन कारणों की वजह से हुई है.

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Tags: CM Yogi, Corona disaster, Corona epidemic, Kanpur city news, Kanpur news, Migrant Workers, UP police, Yogi adityanath

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