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मंत्री राकेश सचान को एक साल की सजा, जमानत भी मंजूर; जानें किस मामले में मिली है सजा

मंत्री राकेश सचान को एक साल की सजा, जमानत भी मंजूर; जानें किस मामले में मिली है सजा

यूपी सरकार में मंत्री राकेश सचान को आर्म्स एक्ट में एक साल की सजा सुनाई है.

यूपी सरकार में मंत्री राकेश सचान को आर्म्स एक्ट में एक साल की सजा सुनाई है.

Kanpur News: मंत्री राकेश सचान ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. कोर्ट ने मंत्री राकेश सचान को कस्टडी में ले लिया. अब एक घंटे में मंत्री राकेश सचान पर फैसला आएगा. बता दें कि मंत्री राकेश सचान की सजा पर फैसला होगा और उन्हें 1 से 3 साल तक की सजा हो सकती है.

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हाइलाइट्स

राकेश सचान यूपी सरकार में MSME मंत्री हैं.
1 से 3 साल तक की सजा हो सकती है.

कानपुर. उत्तर प्रदेश सरकार में यूपी के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री राकेश सचान की कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट ने मामले के सभी बिंदुओं पर सुनवाई के बाद दोषी करार दिए गए. आर्म्स एक्ट मामले में दोषी पाए गए मंत्री राकेश सचान को एक वर्ष का साधारण कारावास और 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही कोर्ट ने उनकी जमानत भी मंजूर कर दी है.

इससे पहले मंत्री राकेश सचान ने कोर्ट में सरेंडर किया. कोर्ट ने मंत्री राकेश सचान को कस्टडी में ले लिया. अब एक घंटे में मंत्री राकेश सचान पर फैसला आएगा. बता दें राकेश सचान यूपी सरकार में MSME मंत्री हैं. वे भोगनीपुर से एमएलए चुने गए थे. आर्म्स एक्ट मामले में सचान दोषी पाए गए हैं.

दोपहर साढ़े 12 बजे मंत्री ने किया सरेंडर 
बता दें कि सुनवाई के दौरान कोर्ट के दरवाजे बंद कर दिए गए थे. कोर्ट रूम में सिर्फ वकीलों को ही अंदर रहने की अनुमति थी. अन्य लोगों को कोर्ट से बाहर कर दिया गया था. सोमवार को सुबह से ही कोर्ट परिसर में इस मामले को लेकर चहल पहल नजर आ रही थी. काफी संख्या में पुलिस बल भी कोर्ट में नजर आया.

गौरतलब है कि दो दिनों की चर्चा के बाद आज सोमवार को सुबह उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने करीब 12ः30 बजे कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. कोर्ट पहुंचने के बाद सचान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी के चेंबर में करीब ढाई घंटे तक बैठे रहे. वकील रामेंद्र कटियार ने मंत्री के खिलाफ अवैध हथियार के विचाराधीन मामले में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था.

1991 में नौबस्ता थाने में दर्ज हुई थी सचान के खिलाफ एफआईआर
नौबस्ता में 13 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसओ बृजमोहन उदेनिया ने राकेश सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस रिपोर्ट में सचान पर आरोप था कि उनके पास से राइफल मिली है, जिसका लाइसेंस उनके पास नहीं था. इसे लेकर शनिवार को कोर्ट ने राकेश सचान को दोषी माना था. सजा को लेकर सुनवाई को के बाद सजा सुनाई जानी थी. ऐसे में मंत्री के समर्थकों ने इस बात कों लेकर हंगामा शुरू कर दिया था. उधर, अभियुक्त राकेश सचान कोर्ट के आदेश की प्रति लेकर कोर्ट से चले गए थे. इसके बाद शाम तक एसीएमएम तृतीय की रीडर ने राकेश सचान के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी थी.

Tags: Kanpur news, Uttar pradesh latest news

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