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गलती से खाते में आए लाखों रुपये, वापस मांगे तो कर्मचारी बोला- मोदीजी ने पहली किश्त भेजी

गलती से खाते में आए लाखों रुपये, वापस मांगे तो कर्मचारी बोला- मोदीजी ने पहली किश्त भेजी

पीएम मोदी (File Photo)

पीएम मोदी (File Photo)

लिपिकीय गलती से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर हो गए अफसर के 6 लाख 38 हजार रुपये, कर्मचारी का वापसी से इंकार, कहा- मोदीजी ने खाते में भेजे पैसे. कर्मचारी पैसे खर्च कर चुका है, विभाग ने निलंबित किया

नाम में क्या रखा है? आपने अकसर लोगों को ये कहते सुना होगा. लेकिन एक अफसर को इसी नाम का खामियाज़ा भुगतना पड़ गया. उनके खाते में जाने वाले 6 लाख 38 हजार रुपये उनके हमनाम विभागीय कर्मचारी के खाते में चले गए. उस कर्मचारी ने ये पैसे लौटाने से इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि मोदी जी ने उसके खाते में पहली किस्त भेजी है. दरअसल पूरा मामला एचबीटीयू के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का है. पैसा वापस करने से इनकार के चलते विश्व विद्यालय प्रशासन ने उस कर्मचारी को निलंबित कर दिया है. इस मामले में प्रोफेसर डीएल परमार की अगुवाई में एक कमेटी को जांच के आदेश दिये हैं. ये कमेटी 15 दिन मे अपनी रिपोर्ट देगी.

लिपिकीय गलती से हमनाम के खाते में गए पैसे
एचबीटीयू (हारकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी) में पिछले एक माह से ये मामला चर्चा में है. विवि के परीक्षा नियंत्रक और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार का कंसलटेंसी का करीब 6 लाख 38 हजार रुपये विश्वविद्यालय पर बकाया था. ये राशि उनके खाते में जानी थी, लेकिन लिपिकीय गलती की वजह से 6 लाख 38 हजार रुपये प्रोफेसर प्रदीप कुमार के बजाय इसी कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रदीप कुमार के खाते में ट्रांसफर हो गये.

गलती से खाते में ट्रासफर हुए पैसे, money transferred by mistake
गलती से खाते में ट्रांसफर हुए पैसे


पैसा वापस करने से किया इंकार, निलंबित
मामले की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारी से रकम वापस करने को कहा. विवि के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि कर्मचारी ने लिखित रूप में बताया है कि वो इस राशि को वापस नहीं करेगा. ये मोदी जी ने उसे पहली किश्त के रूप में भेजा है. बताया गया है कि रकम ट्रांसफर होने के दूसरे दिन ही कर्मचारी प्रदीप कुमार ने साढ़े चार लाख रुपये खाते से निकाल कर खर्च भी कर दिये.

दो हमनाम कर्मचारियों की वजह से चर्चा में HBTU
एचबीटीयू की बिल्डिंग (File Photo)


कर्मचारी के जवाब से विभाग हैरान
कर्मचारी के इस जवाब से सभी हैरान और परेशान है. जब अधिकारियों के अधिक दवाब पड़ने के बाद भी कर्मचारी ने रुपये वापस करने से मना कर दिया. और साथ में यह भी कहा कि अगर जरूरत है तो हर माह दो दो हजार रुपये करके वह पैसे वापस कर सकता है. रजिस्ट्रार का कहना है कि कई बार पत्र लिखने के बाद भी प्रदीप कुमार ने ये पैसे वापस नहीं किए. जिसके चलते उनका बैंक खाता सीज कर उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.

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Tags: Kanpur city news, Narendra modi, Uttar pradesh news

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