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कानपुर का अनोखा मंदिर: भ्रष्ट राजनेताओं और अधिकारियों की 'नो एंट्री', SC के जजों की लगी हैं फोटो

यूपी के कानपुर में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भ्रष्ट राजनेताओं के साथ भ्रष्‍ट प्रशासनिक अधिकारी का जाना पूर्ण रूप से वर्ज ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट : अखंड प्रताप सिंह

    कानपुर. भारत देश अपने अद्भुत, अनोखे इतिहास और मान्यताओं को लेकर जाना जाता है. देश में कई ऐसे मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर हैं, जो दुनिया वालों के लिए नजीर हैं. वहीं, कानपुर जहां एक ओर अपने पौराणिक और ऐतिहासिक चीजों को लेकर जाना जाता है, तो कानपुर का एक ऐसा मंदिर भी है जो अपने आप में खास है. इस मंदिर में किसी भी भ्रष्ट राजनेता का चाहे वह वर्तमान का सांसद या विधायक हो या पूर्व में रहा हो या फिर किसी भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारी का जाना पूर्ण रूप से वर्जित है. इसके पीछे की वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे. जानिए क्या है इस मंदिर की रोचक कहानी.

    इस मंदिर के संस्थापक रॉबी शर्मा ने News 18 Local से विशेष बातचीत में बताया कि आज के समय में तीनों तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. चाहे वह राजनीति हो, प्रशासनिक हो या फिर न्‍यायपालिका हो. दुनिया में दो प्रकार के लोग हैं एक शोषण करने वाले तो दूसरी ओर शोषित होने वाली आम जनता. वहीं, शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है, इसीलिए वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए इस मंदिर का निर्माण किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य था कि जो भ्रष्ट तंत्र है, उसका विनाश किया जाए.

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    लगी है कई नेताओं और जजों की फोटो

    जहां एक ओर मंदिर अपनी कलाकृतियों और मनमोहक दृश्यों के लिए जाने जाते हैं. वहीं, कानपुर के इस मंदिर में आपको दीवारों पर सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के जजों और वकीलों समेत तमाम नेताओं की तस्वीरें लगी दिख जाएंगी. वहीं, इन तस्वीरों की लगाने की वजह की बात की जाए तो रॉबी शर्मा ने बताया कि उन्होंने न्याय करने का फैसला भगवान शनि देव पर छोड़ रखा है .यह तस्वीरें लगाई गई हैं कि जो भी ईमानदारी के साथ काम करें. उनका भगवान शनिदेव कल्याण करें, तो वहीं जो लोग भ्रष्टाचार करें उनका भगवान विनाश करें.

    शनिदेव के साथ विराजमान हैं हनुमान और ब्रह्मा जी

    इस मंदिर में भगवान शनि देव के साथ भगवान ब्रह्मा और हनुमान जी मौजूद हैं. भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता कहा जाता है, इसलिए उनकी मूर्ति लगाई गई है.

    हर 6 महीने में होना चाहिए अधिकारियों और राजनेताओं का सत्य परीक्षण

    इस मंदिर को बनवाने वाले रॉबी शर्मा ने बताया कि हर 6 महीने में राजनेताओं और अधिकारियों का सत्य परीक्षण लाई डिटेक्टर मशीन और ब्रेन मैपिंग के जरिए होना चाहिए, ताकि पता चले कि बीते हुए 6 महीनों में उन्होंने कितना भ्रष्टाचार किया है. अगर ऐसा होने लगा तो यह दुनिया भ्रष्टाचारियों से मुक्त हो जाएगी.वहीं, इस मंदिर के गेट पर लगी एक लाइन आपको आकर्षित करती है. उसमें लिखा है कि अगर 20 साल बाद स्थिति सुधरी तो समीक्षा की जाएगी और मंदिर में राजनेताओं और अधिकारियों को प्रवेश दिया जाएगा. वहीं, कानपुर भाजपा जिला अध्यक्ष वीना आर्य ने कहा कि भ्रष्ट व्यक्तियों के मंदिर जाने पर पाबंदी लगाना बिल्कुल गलत नहीं है, लेकिन हर राजनेता और अधिकारी भ्रष्ट नहीं है.

    Tags: Hindu Temples, Kanpur news, OMG News, UP news

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