कमलेश तिवारी के हत्यारों को पिस्टल देने वाला युसूफ खान कानपुर से गिरफ्तार
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कमलेश तिवारी के हत्यारों को पिस्टल देने वाला युसूफ खान कानपुर से गिरफ्तार
युसूफ खान की दी हुई पिस्टल से ही कमलेश तिवारी की हत्या की गई थी.

शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और गुजरात एटीएस की टीम ने यूसुफ खान को कानपुर (Kanpur) के थाना हरबंसमोहाल इलाके के घंटाघर से गिरफ्तार (Arrest) किया. गिरफ्तारी के वक्त यूसुफ के पास से दो मोबाइल फोन (Mobile Phone) भी बरामद किए गए.

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कानपुर. कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder) के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) और गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) को बड़ी सफलता मिली है. यूपी एटीएस ने गुजरात एटीएस के साथ मिलकर कानपुर से युसूफ खान नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. इस पर ही हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को कथित रूप से हत्या के आरोपियों को मुहैया कराने का आरोप है. बता दें कि बीते 18 अक्टूबर को कमलेश तिवारी की लखनऊ स्थित उनके घर में घुसकर दो लोगों ने हत्या कर दी थी.

सूरत में हत्यारों को मुहैया कराई थी पिस्टल
मूल रूप से यूपी के हथगांव फतेहपुर का रहने वाला युसूफ खान बीते कुछ समय से गुजरात के सूरत में रह रहा था. कमलेश तिवारी की हत्या की प्लानिंग के समय ही हत्यारोपियों अशफाक और मोईनुद्दीन ने पिस्टल के लिए यूसुफ खान से संपर्क किया था. सूरत में यूसुफ खान को अवैध असलहों के डीलर के तौर पर भी जाना जाता है. आरोपियों के संपर्क करने के बाद युसूफ ने उन्हें यहां पिस्टल मुहैया कराई थी. जांच में पता चला कि कमलेश तिवारी की हत्या में यूसुफ की दी हुई पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था. पूरे मामले के खुलासे और इससे जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यूसुफ खान गुजरात से निकल गया था.





युसूफ के पास से दो मोबाइल फोन बरामद
शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश और गुजरात एटीएस की टीम ने यूसुफ को कानपुर के थाना हरबंसमोहाल इलाके के घंटाघर से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के वक्त यूसुफ के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए. यूसुफ खान की गिरफ्तारी इस पूरे मामले में एटीएस के पक्ष को कोर्ट में मजबूती प्रदान करेगी. कस्टडी रिमांड पर लेकर एटीएस यूसुफ खान से मामले की गहन पूछताछ करेगी. इससे पहले पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपी नावेद (Naved) के साथी कामरान (Kamran) को गिरफ्तार किया था. कामरान पर हत्या के आरोपियों को नेपाल (Nepal) पहुंचाने का आरोप है. पुलिस ने बताया है कि कामरान नावेद की ट्रेवल एजेंसी का कर्मचारी है.

क्रॉस चेक किए गए हत्यारोपियों और नावेद के बयान
जानकारी के अनुसार दोनों हत्यारोपियों से बरेली से गिरफ्तार नावेद का आमना-सामना कराया गया था. इस दौरान हत्यारोपियों और नावेद के बयानों को क्रॉस चेक भी किया गया था. नावेद पर हत्यारोपियों को नेपाल पहुंचाने का आरोप है. साथ ही नागपुर से आसिम की गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों को नेपाल से शाहजहांपुर लाने का भी आरोप है.

मौलाना कैफी ने दी थी शरण
नावेद और मौलाना दोनों पर हत्यारोपियों- शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन अहमद को पनाह देने और इलाज करवाने में मदद करने का आरोप है. यह भी आरोप है कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद फरार दोनों आरोपियों को मौलाना कैफी की ओर से मदद मुहैया कराई गई थी और उन्होंने इन दोनों को शरण भी दी थी.

(रिपोर्ट - ऋषभ मणि त्रिपाठी)

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