सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता को सिर कलम करने की धमकी का PFI ने किया खंडन, कहा-भ्रम फैलाया जा रहा

कौसर हसन मजीदी ने पीएफआई को बैन करने की मुहिम चला रखी है.

पीएफआई (PFI) ने सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संगठन प्रभारी कौसर हसन मजीदी (Kausar Hasan Majidi) को जान से मारने की धमकी का सिरे से खंडन किया है.

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कानपुर. उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संगठन प्रभारी कौसर हसन मजीदी (Kausar Hasan Majidi) को जान से मारने की धमकी का पीएफआई (PFI) ने सिरे से खंडन किया है. संगठन ने कहा कि उसके खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है. बता दें कि जूही थाना क्षेत्र के परमपुरवा में रहने वाले मजीदी को धमकी भरा पत्र आया है, जिसमें पीएफआई की मुखालफत करने के लिए उनका सिर कलम करने की बात लिखी गई थी. लेकिन पीएफआई ने इस खबर को असत्य बताया है.

इसके बाद पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. वहीं, कानपुर पुलिस ( Kanpur Police) अब मामले की जांच में जुटी हुई है. धमकी भरा पत्र उर्दू में लिखा हुआ है.

गौरतलब है कि परमपुरवा के रहने वाले एसआरए पब्लिक स्कूल संचालक व सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता कौसर हसन मजीदी बीते कुछ महीनो से पीएफआई को बैन किये जाने की मुहिम चला रहे हैं. पीएफआई ने खबर का खंडन ऐसी खबरों को असत्य और तथ्यों से परे बताया है.

मजीदी के पास आई थी चिट्ठी 
पीएफआई के विरोध के बाद सोमवार को मजीदी के घर में पोस्ट से एक पत्र आया था. कौसर हसन मजीदी के मुताबिक पत्र उर्दू में लिखा हुआ है जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई है. इस घटना की कौसर हसन मजीदी ने पुलिस को जानकारी दे दी है. सूचना के कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और पत्र की जांच में जुट गई है. बाबूपुरवा क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह ने बताया की मामला संज्ञान में आया है, जिसके बाद पत्र को कब्जे में लेकर पढ़वाया गया है और उसमें धमकी भारी भाषा का इस्तेमाल किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. हालांकि अभी तक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है. जबकि कौसर हसन मजीदी के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गयी है.